भारत के रक्षा उत्पादन ने बनाया नया रिकॉर्ड, अब डिफेंस सेक्टर की इन कंपनियों पर सबकी नजर

भारत के डिफेंस सेक्टर ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन दर्ज किया है। रक्षा उत्पादन में बढ़ोतरी के बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स समेत कई डिफेंस कंपनियों के शेयर फोकस में आ गए हैं। सरकार ने 2029 तक उत्पादन और निर्यात बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

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In Short

  • भारत का डिफेंस प्रोडक्शन वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।
  • रक्षा उत्पादन में सालाना आधार पर 15.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
  • भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2013-14 के 686 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 38,424 करोड़ रुपये हो गया।

By Gaurav Kumar:

Defence Production India: भारत के रक्षा क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में नया रिकॉर्ड बनाया है। सरकार के मुताबिक देश का डिफेंस प्रोडक्शन बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इस खबर के बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, भारत डायनेमिक्स, कोचीन शिपयार्ड, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स समेत कई डिफेंस कंपनियों के शेयर चर्चा में हैं।

डिफेंस प्रोडक्शन में 15.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी

रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में डिफेंस प्रोडक्शन में सालाना आधार पर 15.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 1.54 लाख करोड़ रुपये था।

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पिछले पांच सालों में भी रक्षा उत्पादन में बड़ी तेजी देखी गई है। वित्त वर्ष 2020-21 में डिफेंस प्रोडक्शन 84,643 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यानी इस दौरान उत्पादन में करीब 110 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

अगर वित्त वर्ष 2013-14 से तुलना करें तो उस समय भारत का डिफेंस प्रोडक्शन 43,746 करोड़ रुपये था। इसके बाद से उत्पादन करीब चार गुना बढ़ गया है।

घरेलू रक्षा निर्माण को मिला बढ़ावा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रिकॉर्ड डिफेंस प्रोडक्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन देश में मजबूत घरेलू रक्षा निर्माण व्यवस्था की दिशा में हुई प्रगति को दिखाता है।

सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा दिया है। इसका उद्देश्य रक्षा उपकरणों के लिए आयात पर निर्भरता कम करना और देश की रक्षा सप्लाई चेन को मजबूत बनाना है।

सरकार के अनुसार कुल डिफेंस प्रोडक्शन में 76 प्रतिशत योगदान सरकारी क्षेत्र की कंपनियों का रहा, जबकि 24 प्रतिशत योगदान निजी क्षेत्र का रहा।

डिफेंस एक्सपोर्ट में भी बड़ी बढ़ोतरी

सरकार के आंकड़ों के अनुसार भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2013-14 के 686 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 38,424 करोड़ रुपये हो गया है। यानी इसमें 56 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

भारत अब 80 से ज्यादा देशों में रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में निजी क्षेत्र ने 17,353 करोड़ रुपये यानी 45.16 प्रतिशत का योगदान दिया, जबकि रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का योगदान 21,071 करोड़ रुपये यानी 54.84 प्रतिशत रहा।

सरकार का बड़ा लक्ष्य

सरकार ने साल 2029 तक डिफेंस प्रोडक्शन को बढ़ाकर 3 लाख करोड़ रुपये और रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।


 

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