रियल एस्टेट बाजार में सुस्ती, घरों की बिक्री गिरी, फिर भी कीमतों में तेजी जारी, जानें पूरी रिपोर्ट
भारत के रियल एस्टेट बाजार में दूसरी तिमाही के दौरान घरों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। PropTiger रिपोर्ट के मुताबिक खरीदारों की सावधानी टेक सेक्टर की छंटनी और बाजार की अनिश्चितता से मांग प्रभावित हुई। हालांकि नए प्रोजेक्ट लॉन्च और घरों की कीमतों में तेजी जारी रही।

In Short
- आठ बड़े शहरों में घरों की बिक्री 6.1% घटी, खरीदारों की सतर्कता और टेक सेक्टर की सुस्ती का असर।
- पुणे में बिक्री सबसे ज्यादा 20.8% गिरी, जबकि चेन्नई और हैदराबाद में मांग बढ़ी।
- बिक्री धीमी होने के बावजूद घरों की औसत कीमत 10,153 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंची।
India Housing Sales Decline: भारत के प्रमुख आठ शहरों में घरों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। PropTiger की Real Insight Residential रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश के आठ बड़े शहरों में कुल 91,729 घरों की बिक्री हुई। यह आंकड़ा एक साल पहले की समान तिमाही के 97,674 घरों से 6.1% कम है। वहीं पिछली तिमाही के मुकाबले बिक्री में 4.4% की गिरावट आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, खरीदारों की सतर्कता, मानसून से पहले की सीजनल सुस्ती और टेक्नोलॉजी सेक्टर में छंटनी का असर मांग पर पड़ा है।
नए घरों की लॉन्चिंग में बढ़ोतरी
बिक्री में गिरावट के बावजूद डेवलपर्स ने नए प्रोजेक्ट लॉन्च करना जारी रखा। दूसरी तिमाही में नए घरों की लॉन्चिंग सालाना आधार पर 6% बढ़कर 89,161 यूनिट हो गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, बिक्री अभी भी नई सप्लाई से ज्यादा रही। हालांकि अमेरिका ईरान संघर्ष को लेकर बनी अनिश्चितता का असर खरीदारों की सोच पर पड़ा। इसका प्रभाव खासतौर पर बेंगलुरु पुणे और हैदराबाद जैसे टेक सेक्टर से जुड़े बाजारों में दिखाई दिया।
पुणे में सबसे ज्यादा गिरावट
प्रमुख बाजारों में पुणे में घरों की बिक्री में सबसे बड़ी सालाना गिरावट दर्ज की गई। यहां बिक्री 20.8% घटकर 12,642 यूनिट रह गई।
अहमदाबाद में बिक्री 20.2% गिरकर 7,541 यूनिट रही। वहीं बेंगलुरु में बिक्री 9.2% घटकर 14,186 यूनिट और दिल्ली एनसीआर व एमएमआर में 7% की गिरावट दर्ज की गई।
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टेक सेक्टर में एआई आधारित बदलाव और नौकरियों में कटौती का असर खासतौर पर 1 करोड़ रुपये से कम कीमत वाले घर खरीदने वाले ग्राहकों के सेंटीमेंट पर पड़ा।
हैदराबाद और चेन्नई में बढ़ी मांग
कुछ शहरों में रियल एस्टेट बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया। हैदराबाद में घरों की बिक्री सालाना आधार पर 14.6% बढ़कर 13,196 यूनिट पहुंच गई।
चेन्नई में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां बिक्री 36% बढ़कर 7,183 यूनिट रही। कोलकाता में पिछली तिमाही के मुकाबले बिक्री में 22% की बढ़ोतरी हुई, हालांकि सालाना आधार पर बिक्री अभी भी 8.6% कम रही।
कीमतों में जारी रही तेजी
बिक्री में कमजोरी के बावजूद घरों की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही। आठ शहरों में बिक्री के हिसाब से औसत कीमत तिमाही आधार पर 1% बढ़कर 10,153 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई। यह लगातार दूसरी तिमाही है जब औसत कीमत 10,000 रुपये प्रति वर्ग फुट से ऊपर रही।
बेंगलुरु में कीमतों में सबसे ज्यादा सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां कीमतें 26% बढ़कर 9,931 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं।
एमएमआर सबसे बड़ा बाजार बना रहा, जहां 24,112 घर बिके और औसत कीमत 15,422 रुपये प्रति वर्ग फुट रही।
त्योहारी सीजन में मांग पर नजर
PropTiger के अनुसार, आने वाली त्योहारी तिमाही में हाउसिंग डिमांड की असली तस्वीर सामने आ सकती है। कोलकाता में सुधार, चेन्नई में सप्लाई सामान्य होने और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं से मांग को समर्थन मिल सकता है।
हालांकि, बढ़ती कीमतें अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, affordability यानी घर खरीदने की क्षमता आगे भी बाजार के लिए सबसे अहम मुद्दा रहेगी।