बिटकॉइन 4% गिरा, अमेरिकी ब्याज दरों और क्रिप्टो रेगुलेशन की चिंता ने बढ़ाई निवेशकों की परेशानी
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक बार फिर दबाव बढ़ गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रेगुलेशन बिल Clarity Act आगे नहीं बढ़ने और फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। बिटकॉइन में 4% की गिरावट आई, जबकि अब बाजार की नजर फेड के फैसले और आगे की दिशा पर है।

In Short
- अमेरिकी रेगुलेशन बिल Clarity Act आगे नहीं बढ़ने और फेड की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी से बिटकॉइन पर बढ़ा दबाव।
- बिटकॉइन में 4% की गिरावट, क्रिप्टो मार्केट में कमजोरी के बीच कीमत करीब 75,700 डॉलर के स्तर पर स्थिर।
- पिछले 24 घंटे में क्रिप्टो में तेजी की उम्मीद वाले 560 मिलियन डॉलर के दांव खत्म, निवेशकों की नजर अब फेड के फैसले पर।
अमेरिकी क्रिप्टो रेगुलेशन बिल आगे नहीं बढ़ पाने और फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी के बीच बिटकॉइन समेत पूरी क्रिप्टोकरेंसी मार्केट पर दबाव बढ़ गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों की चिंता बढ़ने से डिजिटल एसेट्स में कमजोरी देखने को मिली है।
बिटकॉइन में 4% की गिरावट
बिटकॉइन में अमेरिकी कारोबार के दौरान करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद एशियाई बाजारों में भी इसकी कीमतों पर दबाव बना रहा। हालांकि, बुधवार को सिंगापुर में सुबह 11:50 बजे के आसपास बिटकॉइन करीब 75,700 डॉलर के स्तर पर स्थिर होता दिखा।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, क्रिप्टो बाजार की अन्य प्रमुख करेंसी में भी शुरुआती एशियाई कारोबार के दौरान कमजोरी रही। इससे पहले अमेरिकी बाजार में डिजिटल एसेट्स में तेज गिरावट देखने को मिली थी।
Clarity Act आगे नहीं बढ़ने से निवेशकों में निराशा
निवेशकों को उम्मीद थी कि Clarity Act नाम का क्रिप्टो मार्केट स्ट्रक्चर बिल बाजार में लंबे समय से चली आ रही सुस्ती को खत्म करने में मदद कर सकता है। यह बिल एक साल से ज्यादा समय से चर्चा में था।
हालांकि, अमेरिकी सीनेट में राजनीतिक मतभेदों के चलते इस बिल को आगे बढ़ने में परेशानी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते इसके आगे बढ़ने की संभावना पहले से ही कम मानी जा रही थी।
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डिजिटल-एसेट हेज फंड Apollo Crypto के पोर्टफोलियो मैनेजर प्रतीक काला ने कहा कि बिल आगे नहीं बढ़ने से बिटकॉइन में तेजी की राह में अतिरिक्त मुश्किलें पैदा हुई हैं।
फेड की ब्याज दर बढ़ोतरी पर बाजार की नजर
अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर है। महंगाई की चिंताओं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण फेड चेयरमैन केविन वॉर्श द्वारा बुधवार को ब्याज दर बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर बिटकॉइन जैसे जोखिम वाले एसेट्स की मांग पर पड़ सकता है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की संभावना 90% से ज्यादा मानी जा रही है।
क्रिप्टो में 560 मिलियन डॉलर के दांव खत्म
Coinglass के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में क्रिप्टोकरेंसी में तेजी की उम्मीद लगाने वाले करीब 560 मिलियन डॉलर के दांव खत्म हो गए।
हालांकि, बिटकॉइन को लेकर कुछ निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है। Deribit के आंकड़ों के मुताबिक, बिटकॉइन में गिरावट के मुकाबले तेजी की उम्मीद वाले दांव ज्यादा हैं। करीब 1.7 अरब डॉलर के कॉल ऑप्शन 80,000 डॉलर के स्तर पर मौजूद थे।
क्रिप्टो कंपनियों ने जताई निराशा
Clarity Act के आगे नहीं बढ़ने पर क्रिप्टो इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों ने निराशा जताई। Ripple Labs के CEO ब्रैड गार्लिंगहाउस और Coinbase के CEO ब्रायन आर्मस्ट्रॉन्ग ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी।
दोनों ने कहा कि साफ नियमों के लिए अब अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) और कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) की भूमिका अहम हो सकती है। हालांकि, एजेंसियों के नियम भविष्य की सरकारों द्वारा बदले जा सकते हैं।
वहीं, Orbit Markets की सह-संस्थापक कैरोलिन मॉरॉन ने कहा कि अगर फेड ब्याज दर बढ़ाने में असफल रहता है तो सभी एसेट क्लास में बाजार में हलचल देखने को मिल सकती है।