बजट 2026 में टूरिज्म पर बड़ा फोकस! 10,000 गाइड्स की IIM-समर्थित ट्रेनिंग, 15 हेरिटेज साइट्स का विकास और...

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पर्यटन को सरकार की रोजगार और विकास रणनीति के केंद्र में रखा। बजट में टूरिज्म को सीधे रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा आय और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विस्तार से जोड़ा गया है।

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By Gaurav Kumar:

वैश्विक अस्थिरता और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अपना रिकॉर्ड नौवां लगातार बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पर्यटन को सरकार की रोजगार और विकास रणनीति के केंद्र में रखा। बजट में टूरिज्म को सीधे रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा आय और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विस्तार से जोड़ा गया है।

रोजगार और फॉरेक्स कमाई पर फोकस

बजट भाषण में सीतारमण ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में रोजगार सृजन, फॉरेक्स अर्निंग और लोकल इकॉनमी को विस्तार देने की बड़ी क्षमता है। इसी सोच के तहत बजट में संस्थागत ढांचे, स्किलिंग, हेरिटेज डेवलपमेंट, डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन और इको-टूरिज्म से जुड़े कई कदमों की रूपरेखा दी गई है।

हॉस्पिटैलिटी के लिए नया राष्ट्रीय संस्थान

पर्यटन सेक्टर की नींव मजबूत करने के लिए सरकार ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाने का ऐलान किया है। यह संस्थान नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करके बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य अकादमिक जगत, इंडस्ट्री और सरकार के साथ मिलकर हॉस्पिटैलिटी ट्रेनिंग और स्टैंडर्ड्स को बेहतर बनाना है।

10,000 टूरिस्ट गाइड्स की स्किलिंग

ग्राउंड लेवल पर टूरिस्ट एक्सपीरियंस सुधारने के लिए एक पायलट स्कीम लाई जा रही है। इसके तहत 20 आइकॉनिक टूरिस्ट साइट्स पर 10,000 गाइड्स को 12 हफ्ते के स्टैंडर्डाइज्ड हाइब्रिड ट्रेनिंग कोर्स से अपस्किल किया जाएगा। यह कार्यक्रम Indian Institute of Management के सहयोग से होगा।

हेरिटेज साइट्स बनेंगी एक्सपीरियंस डेस्टिनेशन

सरकार 15 पुरातात्विक स्थलों को जीवंत सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगी। इनमें सारनाथ और हस्तिनापुर जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। इन साइट्स पर सिर्फ संरक्षण नहीं, बल्कि टूरिस्ट अनुभव को केंद्र में रखकर विकास किया जाएगा।

डिजिटल टूरिज्म की नई रीढ़

पर्यटन की प्लानिंग और प्रमोशन के लिए ‘नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड’ बनाया जाएगा। इसके तहत सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और हेरिटेज महत्व के सभी स्थलों का डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन होगा। इससे लोकल रिसर्चर्स, इतिहासकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के लिए नए रोजगार के मौके खुलने की उम्मीद है।

इको-टूरिज्म और नेचर ट्रेल्स

बजट में नेचर-बेस्ड ट्रैवल पर भी खास जोर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित होंगे। इसके अलावा अराकू वैली, पुडिगई मलाई, ओडिशा, कर्नाटक, केरल और पुलिकट झील के आसपास टर्टल और बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स बनाए जाएंगे।

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