बजट 2026 में सरकार से क्या बड़ी उम्मीद कर रहा है साइबर सिक्योरिटी सेक्टर?

Union Budget 2026: वित्त वर्ष 27 के लिए बजट पेश होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री लगातार 9वीं बार आम बजट आगामी 1 फरवरी को पेश करेंगी। इससे पहले साइबर सिक्योरिटी के एक्सपर्ट्स ने इस बजट से अपनी उम्मीदों को बताया है।

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By Gaurav Kumar:

Union Budget 2026: वित्त वर्ष 27 के लिए बजट पेश होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री लगातार 9वीं बार आम बजट आगामी 1 फरवरी को पेश करेंगी। इससे पहले साइबर सिक्योरिटी के एक्सपर्ट्स ने इस बजट से अपनी उम्मीदों को बताया है।

एक्रोनिस (भारत और दक्षिण एशिया) के जनरल मैनेजर, राजेश छाबड़ा ने कहा कि जैसे-जैसे भारत यूनियन बजट 2026 की ओर बढ़ रहा है, साइबर सिक्योरिटी सेक्टर के सामने तस्वीर साफ है- अब कंप्लायंस कोई ऑप्शन नहीं रहा और नीतियों को ऐसी बुनियादी स्ट्रक्चर को मजबूती देनी होगी, जिन्हें अकेले एंटरप्राइज संभाल नहीं सकते। साल 2025 में भारत में करीब 26.5 करोड़ साइबर हमले दर्ज किए गए, जिनमें AI आधारित रैनसमवेयर ने खतरों को बेहद आसान और बड़े स्तर पर फैला दिया।

इस स्थिति में सबसे पहले साइबर सिक्योरिटी डेटा सेंटर्स को राष्ट्रीय स्तर की अहम संपत्ति (क्रिटिकल नेशनल एसेट) के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। अगर PLI स्कीम के दायरे में साइबर डेटा सेंटर्स को शामिल किया जाए, तो इससे भारत की साइबर संप्रभुता मजबूत होगी और विदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता घटेगी।

दूसरा, बजट में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ावा देकर SMEs की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत है। मैन्युफैक्चरिंग और मिड-मार्केट कंपनियां रैनसमवेयर हमलों का आसान निशाना बन रही हैं, लेकिन उनके पास मजबूत सुरक्षा सिस्टम नहीं हैं। सरकार समर्थित सब्सिडी अगर सर्टिफाइड MSP नेटवर्क के जरिए दी जाए, तो ‘मेक इन इंडिया’ इकोसिस्टम सुरक्षित होगा और DPDP कंप्लायंस भी बड़े पैमाने पर संभव हो पाएगा।

एक्सपर्ट ने कहा कि तीसरा और सबसे अहम, भारत को साइबर सिक्योरिटी टैलेंट पर बड़ा निवेश करना होगा। देश में 80,000 से ज्यादा साइबर प्रोफेशनल्स की कमी है। बजट 2026 में सरकार, शैक्षणिक संस्थानों और इंडस्ट्री के बीच मजबूत साझेदारी को फंडिंग दी जानी चाहिए, ताकि सिंगापुर जैसे मॉडल पर घरेलू टैलेंट तैयार किया जा सके। DPDP कानून का अमल नवंबर 2026 से शुरू होगा और यही तय करेगा कि साइबर सुरक्षा पूरे देश में बराबरी से मजबूत होगी या सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित रह जाएगी। सही इंफ्रास्ट्रक्चर, साझेदारी और शिक्षा में निवेश से बजट 2026 इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

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