Budget 2026 से हाउसिंग सेक्टर को राहत की आस, किफायती घरों पर हो सकता है फोकस

Union Budget 2026: अगर सरकार बजट में किफायती आवास, होम लोन पर टैक्स राहत और छोटे व स्वरोजगार करने वालों के लिए बेहतर क्रेडिट सुविधा पर ध्यान दे, तो ज्यादा लोग औपचारिक वित्त से जुड़ सकेंगे। अनिश्चित वैश्विक माहौल में हाउसिंग आधारित घरेलू विकास भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।

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By Gaurav Kumar:

Union Budget 2026: कुछ ही दिनों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश का आम बजट पेश करेंगी। इससे पहले अलग-अलग सेक्टर के एक्सपर्ट आगामी बजट से अपनी उम्मीदों को शेयर कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज BASIC Home Loan के सीईओ अतुल मोंगा ने रियल एस्टेट सेक्टर की उम्मीदों को बताया है। 

अतुल मोंगा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत बनी हुई है। महंगाई आरबीआई की तय सीमा में है और सरकार का भारी पूंजीगत खर्च ग्रोथ को सहारा दे रहा है। ऐसे समय में घरेलू मांग, खासकर खपत पर आधारित ग्रोथ, देश की आर्थिक स्थिरता के लिए बहुत जरूरी है।

इस डेवलपमेंट में हाउसिंग सेक्टर की भूमिका अहम बनती जा रही है, जो जीडीपी में बड़ा योगदान देता है और लाखों लोगों को रोजगार देता है। अब घर खरीदने की मांग सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। जयपुर, सूरत, कोयंबटूर और भुवनेश्वर जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों से बड़ी संख्या में पहली बार घर खरीदने वाले सामने आ रहे हैं। इन लोगों के लिए घर की कीमत और लंबे समय के आसान लोन सबसे अहम हैं।

आज ज्यादातर होमबायर्स 40 साल से कम उम्र के हैं और 50 लाख रुपये तक के घरों में पहली बार खरीदारों की हिस्सेदारी ज्यादा है। ऐसे परिवारों के लिए 20-25 साल का होम लोन एक बड़ा फैसला होता है, जहां स्थिर ईएमआई, टैक्स में साफ लाभ और आसानी से लोन मिलना ज्यादा मायने रखता है, न कि ब्याज दरों में छोटा-मोटा उतार-चढ़ाव।

वहीं, बैंकों और फिनटेक कंपनियों के लिए नियम कड़े हैं। अगर सरकार बजट में किफायती आवास, होम लोन पर टैक्स राहत और छोटे व स्वरोजगार करने वालों के लिए बेहतर क्रेडिट सुविधा पर ध्यान दे, तो ज्यादा लोग औपचारिक वित्त से जुड़ सकेंगे। अनिश्चित वैश्विक माहौल में हाउसिंग आधारित घरेलू विकास भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।

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