Union Budget: FY27 के लिए बजट पेश! जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा
इस साल के बजट में सरकार ने ड्यूटी में कटौती और टैक्स से जुड़े कई बदलाव किए हैं, ताकि आम यूजर्स, एक्सपोर्टर्स और कुछ अहम सेक्टरों की लागत कम हो सके।
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Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 27 के लिए बजट पेश कर दिया है। हर बार की तरह इस बार भी लोग सबसे पहले यही जानना चाहते हैं कि इस बार के बजट में क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा। हम आपको इस आर्टिकल में काफी आसान शब्दों में यही बताने जा रहे हैं।
इस साल के बजट में सरकार ने ड्यूटी में कटौती और टैक्स से जुड़े कई बदलाव किए हैं, ताकि आम यूजर्स, एक्सपोर्टर्स और कुछ अहम सेक्टरों की लागत कम हो सके।
बजट 2026 में क्या हुआ सस्ता?
- विदेश यात्रा पैकेज: टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) को 5-20% से घटाकर 2% कर दिया गया है।
- विदेश में पढ़ाई: लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत एजुकेशन से जुड़े खर्चों पर कम TDS लगेगा।
- अल्कोहलिक लिकर स्क्रैप और कुछ मिनरल्स: कस्टम ड्यूटी 5% से घटाकर 2% कर दी गई है।
- शू अपर एक्सपोर्ट्स: एक्सपोर्ट के लिए ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की अनुमति।
- एनर्जी ट्रांजिशन से जुड़े उपकरण: बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से छूट।
- सोलर ग्लास के कच्चे माल: BCD से छूट।
- क्रिटिकल मिनरल्स के लिए कैपिटल गुड्स: BCD से छूट।
- सिविलियन एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग के पार्ट्स और कंपोनेंट्स: BCD से छूट।
- माइक्रोवेव ओवन: BCD से छूट।
- पर्सनल यूज के लिए इंपोर्ट: कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10%।
- रेयर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं: BCD पूरी तरह माफ।
- भारतीय मछुआरों द्वारा भारतीय जलक्षेत्र में पकड़ी गई मछली: BCD से छूट।
- न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए इंपोर्ट होने वाला सामान: BCD से छूट।
बजट 2026 में क्या हुआ महंगा?
- इनकम टैक्स में गलत जानकारी देने पर: अब टैक्स अमाउंट का 100% तक पेनल्टी लगेगी।
- चल संपत्ति (movable assets) की जानकारी न देने पर: अब इस पर भी पेनल्टी लगेगी।
- स्टॉक ऑप्शंस और फ्यूचर्स ट्रेडिंग: सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
यह बजट ऐसे समय में आया है जब आर्थिक रफ्तार को लेकर चिंता जताई जा रही है। FY27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है। ऐसे में सरकार ने एक तरफ कुछ चीजें सस्ती कर राहत दी है, तो दूसरी तरफ टैक्स और पेनल्टी के जरिए सख्ती भी दिखाई है।