बजट 2026: भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत, चिप इकोसिस्टम को मिलेगा नया बूस्ट
सरकार सिर्फ चिप फैब्रिकेशन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सेमीकंडक्टर उपकरण, मटीरियल और स्वदेशी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) के विकास पर भी खास ध्यान देगी। इसके लिए India Semiconductor Mission 2.0 की शुरुआत की गई है, जिसका मकसद देश में पूरे चिप इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट पेश करते हुए कहा कि भारत अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में अपनी रणनीति को और बड़ा बनाएगा। सरकार सिर्फ चिप फैब्रिकेशन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सेमीकंडक्टर उपकरण, मटीरियल और स्वदेशी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) के विकास पर भी खास ध्यान देगी। इसके लिए India Semiconductor Mission 2.0 की शुरुआत की गई है, जिसका मकसद देश में पूरे चिप इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
इस नई योजना के तहत सरकार घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर उपकरण और कच्चे माल के उत्पादन को बढ़ावा देगी, भारतीय तकनीक और डिज़ाइन को प्रोत्साहित करेगी और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर काम करेगी। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और एआई जैसी नई तकनीकों की बढ़ती मांग के बीच भारत खुद को एक वैकल्पिक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना चाहता है। इसके साथ ही सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे कंपोनेंट स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को और रफ्तार मिलेगी।