Budget 2025: Solar और Renewable Energy पर होगा फोकस, दिग्गजों ने बताई क्या हैं उम्मीदें

कल 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी। यह उनका आंठवा बजट होगा। इस बजट से आम जनता को काफी उम्मीद है। आम जनता के साथ सोलर सेक्टर को भी उम्मीद है कि बजट 2025 में सरकार का फोकस सोलन एनर्जी पर होगा।

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Budget 2025
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By BT बाज़ार डेस्क:

कल 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी। यह उनका आंठवा बजट होगा। इस बजट से आम जनता को काफी उम्मीद है। आम जनता के साथ सोलर सेक्टर को भी उम्मीद है कि बजट 2025 में सरकार का फोकस सोलन एनर्जी पर होगा। ऐसे में कई दिग्गजों ने उम्मीद जताई है कि कल पेश होने वाले बजट में सोलर और न्यू एनर्जी सेक्टर में कौन-से बदलाव हो सकते हैं। 

ये हैं उम्मीदें

DEE Development Engineers Limited के CMD कृष्ण ललित बंसल के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में मजबूत विकास गति बनाए रखेगी और इसके वित्त वर्ष 2034 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तथा वित्त वर्ष 2043 तक 20 ट्रिलियन डॉलर के आकार तक पहुंचने का अनुमान है। यह वृद्धि तभी संभव होगी जब ऊर्जा क्षेत्र से पर्याप्त समर्थन मिलेगा, ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके, क्योंकि यह एक विस्तारित अर्थव्यवस्था के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक है। 

इसके आगे ललित बंसल ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि वित्त वर्ष 2026 का बजट कर ढांचे को सरल बनाने और विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं की लागत को कम करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। तेल और गैस के अन्वेषण एवं उत्पादन को सरकार द्वारा एक प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। हम आशा करते हैं कि बजट घरेलू कच्चे तेल और गैस उत्पादन को बढ़ाने का एक रोडमैप पेश करेगा और नई खोजों के लिए अन्वेषण को प्रोत्साहित करेगा।

Hartek Group के CEO सिमरप्रीत सिंह के मुताबिक भारत सरकार ने विशेष रूप से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा को समर्थन देने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 तक भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 214 गीगावाट है, जिसमें सौर ऊर्जा लगभग 47% का योगदान देती है। यह प्रगति स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इसके आगे वह कहते हैं कि इस वृद्धि को बनाए रखने और गति देने के लिए, आगामी बजट में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रोत्साहनों को प्राथमिकता देना आवश्यक होगा, साथ ही घरेलू सौर निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना भी महत्वपूर्ण रहेगा। उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निरंतर समर्थन जैसी लक्षित नीतियां निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देंगी, नवाचार को प्रोत्साहित करेंगी और भारत की निर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करेंगी। ये कदम सुनिश्चित करेंगे कि भारत अपनी प्रगति को न केवल बनाए रखे, बल्कि वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा परिवर्तन में एक अग्रणी भूमिका भी निभाए।

Schneider Electric India के एमडी एवं सीईओ, दीपक शर्मा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था के वित्तीय वर्ष 2025 में लगभग 6.8% की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कहीं अधिक है। यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश की मजबूती का प्रमाण है। आगामी केंद्रीय बजट के साथ, हमें उम्मीद है कि सरकार विनिर्माण क्षेत्र की संभावनाओं का पूरा उपयोग करेगी, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करेगी और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करेगी, जिससे वर्तमान विकास गति को और अधिक बल मिलेगा।

इसके अलावा, हम नई ऊर्जा प्रणाली को मजबूती देने वाली पहलों की भी अपेक्षा करते हैं, जिसमें ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा तकनीक, माइक्रोग्रिड और इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। साथ ही, बजट में कंपनियों को ऊर्जा-कुशल प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहन देने वाली नीतियों की भी उम्मीद है। इससे न केवल भारत की ऊर्जा संरचना में परिवर्तन आएगा, बल्कि देश के नेट-ज़ीरो लक्ष्यों और जलवायु उद्देश्यों को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

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