महंगे पेट्रोल-डीजल ने बढ़ाई ईवी की रफ्तार, जून में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिक्री

महंगे पेट्रोल-डीजल के बीच गाड़ी खरीदने वालों की पसंद तेजी से बदल रही है। जून की बिक्री में बैटरी वाली गाड़ियों ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जो ऑटो बाजार के बदलते ट्रेंड की ओर इशारा कर रहा है। जानिए पूरी खबर...

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In Short

  • जून में ईवी की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 12.5% पर पहुंच गई। FADA के मुताबिक, जून में कुल 3,06,220 इलेक्ट्रिक वाहन बिके, जो किसी भी महीने की अब तक की सबसे ज्यादा ईवी बिक्री है।
  • कार और एसयूवी सेगमेंट में भी ईवी की पकड़ मजबूत हुई। जून में नई कार और एसयूवी बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 8% रही और 31,823 इलेक्ट्रिक कार-एसयूवी रजिस्टर हुईं।
  • कार और एसयूवी सेगमेंट में भी ईवी की पकड़ मजबूत हुई। जून में नई कार और एसयूवी बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 8% रही और 31,823 इलेक्ट्रिक कार-एसयूवी रजिस्टर हुईं।

By Gaurav Kumar:

EV Sales Hit Record: महंगे पेट्रोल-डीजल ने गाड़ी खरीदने वालों की सोच बदल दी है। अब लोग नई गाड़ी लेते समय सिर्फ उसकी कीमत या फीचर्स नहीं देख रहे, बल्कि यह भी सोच रहे हैं कि रोज चलाने पर जेब पर कितना असर पड़ेगा। इसी वजह से कई खरीदार पेट्रोल-डीजल की जगह बैटरी वाली गाड़ियों की तरफ बढ़ रहे हैं। सवाल है कि जून में ईवी की हिस्सेदारी कितने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई?

जून में ईवी की हिस्सेदारी 12.5% पर पहुंची

FADA के मुताबिक, जून में देश की कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी करीब 12.5% पर पहुंच गई। यह अब तक का सबसे बड़ा लेवल माना जा रहा है। जून में सभी कैटेगरी मिलाकर 3,06,220 इलेक्ट्रिक वाहन बिके, जो किसी भी महीने की सबसे ज्यादा बिक्री है।

कार और एसयूवी सेगमेंट में भी ईवी की पकड़ मजबूत हुई है। जून में नई कार और एसयूवी बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 8% रही। इस दौरान 31,823 इलेक्ट्रिक कार और एसयूवी रजिस्टर हुईं। इससे साफ है कि अब ईवी सिर्फ दोपहिया या तीनपहिया तक सीमित नहीं हैं,

बल्कि कार खरीदार भी तेजी से इलेक्ट्रिक मॉडल की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि ईवी को लेकर लोगों का क्रेज क्यों बढ़ रहा है?

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क्यों बढ़ रहा ईवी का क्रेज?

महंगे फ्यूल ने लोगों को ईवी की तरफ सोचने पर मजबूर किया है। इसके अलावा सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक जैसी गाड़ियों की मांग भी बढ़ रही है। जून में पहली बार पैसेंजर व्हीकल बिक्री में ऐसे वाहनों की हिस्सेदारी 40% से ज्यादा हो गई।

हालांकि गांवों में बारिश देर से आने की वजह से कुछ जगह मांग पर असर दिखा, लेकिन शहरों में खरीदारी मजबूत रही। कुल मिलाकर जून के आंकड़े बताते हैं कि भारत में ईवी अब धीरे-धीरे आम खरीदार की पसंद बन रही है। लेकिन क्या स्कूटर, बाइक और ऑटो में भी ईवी की मांग इतनी ही तेजी से बढ़ी है?

स्कूटर, बाइक और ऑटो में भी बड़ा बदलाव

इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की बिक्री भी जून में काफी बढ़ी। पहली बार स्कूटर और बाइक की कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 10.6% तक पहुंच गई। एक साल पहले यह 7.3% थी। यानी स्कूटर और बाइक खरीदने वाले लोगों में भी ईवी को लेकर भरोसा बढ़ रहा है।

सबसे ज्यादा बदलाव ऑटो और ई-रिक्शा जैसे वाहनों में दिखा। जून में इनकी बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 64% रही। यानी इस सेगमेंट में हर तीन में से करीब दो वाहन इलेक्ट्रिक रहे। वहीं कामकाज में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों में ईवी की हिस्सेदारी 4% तक पहुंच गई। लेकिन क्या जून में कुल गाड़ियों की बिक्री ने भी नया रिकॉर्ड बनाया?

जून में कुल वाहन बिक्री भी रिकॉर्ड पर

भारत के ऑटो बाजार के लिए जून 2026 काफी अच्छा रहा। पिछले साल जून के मुकाबले कुल वाहन रजिस्ट्रेशन 21.8% बढ़कर 25.6 लाख यूनिट पर पहुंच गया। स्कूटर-बाइक, कार-एसयूवी, कामकाज में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियां और ऑटो-ई रिक्शा जैसे सभी बड़े सेगमेंट में बिक्री मजबूत रही।

कार और एसयूवी की बिक्री 28.6% बढ़कर 4.11 लाख यूनिट पर पहुंच गई। स्कूटर और बाइक की बिक्री भी 21.2% बढ़कर 18.3 लाख यूनिट रही। ऑटो और ई-रिक्शा जैसे वाहनों की बिक्री 1.21 लाख यूनिट रही, जबकि कामकाज में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों की बिक्री 90,972 यूनिट तक पहुंच गई। 

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