बारिश में कार को खराब होने से बचाना है, तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

मॉनसून में सिर्फ सावधानी से ड्राइव करना ही काफी नहीं होता, बल्कि कार की सही देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। टायर से लेकर बैटरी और वाइपर तक, कुछ आसान जांच आपको बड़ी परेशानी और अनचाहे खर्च से बचा सकती हैं। जानिए किन बातों का रखना चाहिए खास ध्यान।

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In Short

  • बारिश का मौसम राहत के साथ कार मालिकों के लिए कई चुनौतियां भी लेकर आता है।
  • मॉनसून में टायर, वाइपर, लाइट्स और ब्रेक की जांच करना जरूरी है।
  • बारिश के मौसम में थोड़ी सावधानी बरतकर कार को खराब होने से बचाया जा सकता है।

By Gaurav Kumar:

Monsoon Car Care Tips: बारिश का मौसम जहां लोगों को गर्मी से राहत देता है, वहीं कार मालिकों के लिए कुछ नई चुनौतियां भी लेकर आता है। इस दौरान सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, कई जगह पानी भर जाता है और विजिबिलिटी भी कम हो जाती है। ऐसे हालात में दुर्घटना और वाहन में खराबी आने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, अगर समय रहते कुछ जरूरी चीजों की जांच कर ली जाए तो मॉनसून में भी कार को अच्छी स्थिति में रखा जा सकता है।

टायरों की हालत जरूर देखें

बारिश के मौसम में सड़क पर अच्छी पकड़ बनाए रखने का सबसे बड़ा जिम्मा टायरों का होता है। इसलिए सबसे पहले यह देखें कि टायरों की ट्रेड पर्याप्त है या नहीं। यदि टायर जरूरत से ज्यादा घिस चुके हैं, तो उन्हें बदल देना बेहतर रहेगा, क्योंकि ऐसे टायर गीली सड़क पर आसानी से फिसल सकते हैं।

इसके अलावा सभी टायरों में सही एयर प्रेशर होना भी जरूरी है। कार की डिग्गी में रखे स्टेपनी टायर की हवा भी समय-समय पर जांचते रहें।

वाइपर सही हालत में होना जरूरी

बारिश में साफ दिखाई देना सुरक्षित ड्राइविंग के लिए बेहद जरूरी है। अगर वाइपर शीशे को ठीक से साफ नहीं कर रहे हैं, लकीरें छोड़ रहे हैं या चलने पर आवाज कर रहे हैं, तो यह संकेत है कि उनकी रबर खराब हो चुकी है। ऐसी स्थिति में वाइपर ब्लेड बदल देना चाहिए।

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साथ ही विंडशील्ड वॉशर टैंक में पानी के साथ क्लीनिंग लिक्विड भी रखें, ताकि शीशे पर जमी मिट्टी और कीचड़ आसानी से साफ हो सके।

लाइट्स और ब्रेक की जांच भी करें

मॉनसून में हेडलाइट, टेल लाइट, ब्रेक लाइट, इंडिकेटर और फॉग लैंप का सही तरीके से काम करना बेहद जरूरी है। अगर इनमें कोई खराबी हो या कोई बल्ब फ्यूज हो गया हो, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए। वहीं, अगर हेडलाइट का शीशा धुंधला हो गया है, तो उसे साफ कराना भी जरूरी है।

यदि कार पानी भरी सड़क से होकर गुजरे, तो उसके बाद कुछ देर तक हल्के-हल्के ब्रेक दबाने चाहिए। इससे ब्रेक पर जमा पानी निकल जाता है और उनकी कार्यक्षमता सामान्य बनी रहती है।

बैटरी और फ्लुइड्स को न करें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में कमजोर बैटरी अचानक परेशानी खड़ी कर सकती है। इसलिए बैटरी के टर्मिनलों को साफ रखें और यह सुनिश्चित करें कि उनके कनेक्शन अच्छी तरह से फिट हों।

इसके साथ ही इंजन ऑयल, कूलेंट, ब्रेक फ्लुइड और पावर स्टीयरिंग फ्लुइड का स्तर भी नियमित रूप से जांचना चाहिए। सही फ्लुइड लेवल वाहन को बीच रास्ते में खराब होने से बचाने में मदद करता है।

एसी और रबर सीलिंग की भी करें जांच

बरसात के दिनों में एसी केवल केबिन को ठंडा रखने का काम नहीं करता, बल्कि विंडशील्ड पर बनने वाली भाप को हटाने में भी मदद करता है। अगर भाप जल्दी साफ नहीं हो रही है, तो एसी की सर्विस कराना बेहतर रहेगा।

इसके अलावा दरवाजों और खिड़कियों पर लगी रबर बीडिंग की भी जांच करें। यदि यह खराब या सख्त हो गई है, तो बारिश का पानी कार के अंदर पहुंच सकता है। इससे केबिन में नमी और बदबू के साथ वाहन की वायरिंग पर भी असर पड़ सकता है।

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