मारुति सुजुकी का बड़ा विस्तार, गुजरात प्लांट में नई यूनिट शुरू, अब साल में 29 लाख गाड़ियां बनाने की क्षमता

Maruti Suzuki ने गुजरात के हंसलपुर में नया प्लांट शुरू कर अपनी प्रोडक्शन ताकत बढ़ा दी है। यहां कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक SUV e Vitara भी बनाई जाएगी। नए प्लांट से Maruti की कुल कैपेसिटी कितनी हुई और यह एक्सपोर्ट प्लान के लिए क्यों खास है, जानिए पूरी खबर।

Advertisement

In Short

  • गुजरात के हंसलपुर प्लांट की सालाना कैपेसिटी बढ़कर 10 लाख गाड़ियों की हुई।
  • Maruti Suzuki की भारत में कुल प्रोडक्शन कैपेसिटी अब 29 लाख यूनिट सालाना पहुंची।
  • ₹3,900 करोड़ के नए प्लांट में शुरुआत में e Vitara इलेक्ट्रिक SUV बनेगी।

By Gaurav Kumar:

Maruti Suzuki Gujarat Plant: Maruti Suzuki ने भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग ताकत और बढ़ा दी है। कंपनी ने गुजरात के हंसलपुर प्लांट में चौथी प्रोडक्शन यूनिट शुरू कर दी है। इससे कंपनी को घरेलू बाजार के साथ-साथ एक्सपोर्ट की बढ़ती डिमांड पूरी करने में मदद मिलेगी।

नया प्लांट कंपनी के इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लान और आने वाले समय में सालाना 40 लाख गाड़ियां बनाने के लक्ष्य में भी अहम भूमिका निभाएगा। आइए जानते हैं कि इस नए प्लांट से हंसलपुर की कैपेसिटी, निवेश, कार प्रोडक्शन और कंपनी के पूरे मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क में क्या बदलाव हुआ है।

29 लाख गाड़ियों तक पहुंची कुल कैपेसिटी

मारुति सुजुकी इंडिया ने गुजरात के हंसलपुर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में चौथी यूनिट से कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। प्लांट डी नाम की यह यूनिट 30 जुलाई से ऑपरेशनल हो गई है। इसकी सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी 2.5 लाख गाड़ियों की है।

इसके शुरू होने के बाद भारत में मारुति सुजुकी की कुल सालाना मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़कर 29 लाख गाड़ियों तक पहुंच गई है।

ये खबर पढ़ना ना भूलें:  EV एक्सपोर्ट में भारत की बड़ी छलांग, दुनिया के 47 देशों तक पहुंचीं मेड इन इंडिया इलेक्ट्रिक कारें

Suzuki का पहला 10 लाख कैपेसिटी वाला प्लांट

चौथी यूनिट जुड़ने के बाद हंसलपुर प्लांट की सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़कर 10 लाख गाड़ियों की हो गई है। इसके साथ ही यह दुनिया में Suzuki का पहला ऐसा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बन गया है, जहां एक साल में 10 लाख गाड़ियां बनाई जा सकती हैं।

हंसलपुर अब एक ही लोकेशन पर भारत का सबसे बड़ा पैसेंजर व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स भी बन गया है।

नए प्लांट पर 3,900 करोड़ रुपये खर्च

मारुति सुजुकी ने प्लांट डी को तैयार करने में करीब 3,900 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके बाद हंसलपुर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में कंपनी का कुल निवेश बढ़कर 25,288.7 करोड़ रुपये हो गया है।

शुरुआत में इस नए प्लांट में कंपनी की फ्लैगशिप बैटरी इलेक्ट्रिक एसयूवी ई-विटारा का प्रोडक्शन किया जाएगा।

यहां बनती हैं चार बड़ी कारें

हंसलपुर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में फिलहाल बलेनो, फ्रॉन्क्स, स्विफ्ट और ई-विटारा बनाई जाती हैं। यह प्लांट कंपनी के लिए एक बड़ा एक्सपोर्ट हब भी है। वित्त वर्ष 2026 में मारुति सुजुकी के कुल विदेशी शिपमेंट में हंसलपुर प्लांट की हिस्सेदारी करीब 47% रही थी।

यानी कंपनी की लगभग आधी एक्सपोर्ट गाड़ियां इसी प्लांट से भेजी गईं।

घरेलू और विदेशी डिमांड होगी पूरी

मारुति सुजुकी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि गुजरात कंपनी के लिए एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब बन चुका है। नई प्रोडक्शन लाइन घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में बढ़ती डिमांड पूरी करने में मदद करेगी।

इससे कंपनी की ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ स्ट्रैटेजी को भी मजबूती मिलेगी।

40 लाख गाड़ियों का है बड़ा टारगेट

कंपनी का लंबी अवधि का लक्ष्य भारत में हर साल 40 लाख गाड़ियों का प्रोडक्शन करना है। इस लक्ष्य को पूरा करने में हंसलपुर और आने वाला साणंद प्लांट अहम भूमिका निभाएंगे।

अभी हंसलपुर की सालाना कैपेसिटी 10 लाख, मानेसर की 9 लाख, गुरुग्राम की 5 लाख और खरखौदा की 5 लाख गाड़ियों की है। इन सभी प्लांट्स को मिलाकर मारुति सुजुकी की कुल सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी 29 लाख गाड़ियों तक पहुंच गई है।

Read more!
Advertisement