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'टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स का गलत इस्तेमाल विकास में बाधा', BRICS में पीएम मोदी ने जताई चिंता

BRICS Summit में पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के बढ़ते हथियारकरण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों का गलत इस्तेमाल साझा विकास और वैश्विक प्रगति में बाधा बन सकता है। पीएम मोदी ने AI डिजिटल एग्रीकल्चर स्टार्टअप और इनोवेशन में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

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In Short

  • पीएम मोदी ने BRICS देशों के बीच टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
  • उन्होंने टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई।
  • पीएम मोदी ने AI, डिजिटल एग्रीकल्चर, स्टार्टअप और सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने की बात कही।

BRICS Summit 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर बड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स का हथियार की तरह इस्तेमाल BRICS देशों की साझा तरक्की में रुकावट डाल सकता है। इसलिए टेक्नोलॉजी को अपनाने की प्रक्रिया में सभी को साथ लेकर चलना जरूरी है।

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टेक्नोलॉजी का फायदा सबको मिले

पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स का वेपनाइजेशन यानी हथियार की तरह इस्तेमाल साझा प्रगति के रास्ते में रुकावट बन सकता है। ऐसे में BRICS देशों ने टेक्नोलॉजी को अपनाने में समावेशी सोच पर जोर दिया है।

इसका मतलब है कि नई तकनीक का फायदा कुछ देशों या चुनिंदा समूहों तक सीमित न रहे, बल्कि ज्यादा से ज्यादा देशों और लोगों तक पहुंचे। पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ की भविष्य की तकनीकों के विकास और उनसे जुड़े नियम तय करने में भी बराबर भागीदारी होनी चाहिए।

AI से किसानों को जोड़ने की पहल

टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का एक बड़ा उदाहरण डिजिटल खेती के क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी ने BRICS Network on Digital Agriculture का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

 

(Photo: Aaj Tak)

इस पहल के तहत AI, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाएगा। इसका मकसद तकनीक को सीधे खेती और किसानों से जुड़ी जरूरतों के समाधान में इस्तेमाल करना है।

स्टार्टअप और सप्लाई चेन पर भी फोकस

पीएम मोदी ने BRICS Incubator Network और Startup Innovation Fund का भी जिक्र किया। इन्क्यूबेटर नेटवर्क के जरिए BRICS देशों के स्टार्टअप और इन्क्यूबेटर्स को जोड़ने की पहल की गई है।

वहीं Startup Innovation Fund का प्रस्ताव नए और बड़े स्तर पर लागू होने वाले समाधानों को बढ़ावा देने के लिए रखा गया है। इसके अलावा BRICS Logistic Supply Chain Cooperation Framework का भी जिक्र हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि इससे सप्लाई चेन को ज्यादा भरोसेमंद और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

बीमारी और आपदा से निपटने की तैयारी

BRICS देशों के बीच संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए Integrated Early Warning System पर भी सहमति बनी है। पीएम मोदी ने कहा कि किसी चुनौती की समय पर पहचान करना, उसके लिए तैयार रहना और तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है।

इसके अलावा डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार की गई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि महामारी, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि आज की जुड़ी हुई दुनिया में कोई भी संकट सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता।

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भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान इन पहलों के जरिए रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।