नाना पाटेकर की वो आखिरी बात जो अब कर रही भावुक, निधन से पहले किया था जिंदगी और मौत का जिक्र
नाना पाटेकर के निधन से पहले का उनका आखिरी सार्वजनिक वीडियो चर्चा में है। गोवा के एक कार्यक्रम में वह स्थानीय कलाकारों के साथ नाचते, वाद्य बजाते और लोगों से बात करते नजर आए थे। इस दौरान उन्होंने थिएटर के प्रति अपने लगाव के साथ जिंदगी और मौत को लेकर भी ऐसी बात कही थी, जो अब भावुक कर रही है।

In Short
- गोवा में था आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम
- कलाकारों के साथ नाचते-बजाते दिखे नाना
- जिंदगी और मौत पर की थी बात
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से पहले उनका आखिरी सार्वजनिक वीडियो सामने आया है। इसमें वह गोवा के एक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ नाचते, संगीत बजाते और लोगों से बात करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने जिंदगी और मौत को लेकर भी ऐसी बात कही, जो अब उनके निधन के बाद चर्चा में है।
गोवा के कार्यक्रम में हुए थे शामिल
नाना पाटेकर 4 अक्टूबर को गोवा टूरिज्म डे से जुड़े कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां वह स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति के दौरान तालियां बजाते और उनसे बातचीत करते दिखाई दिए।
उन्होंने मंच पर कलाकारों के साथ डांस किया और तबला भी बजाया। बाद में वह स्थानीय कलाकारों के साथ पारंपरिक वाद्य 'शामेल' बजाते और गोवा के पारंपरिक 'देखणी' नृत्य में हिस्सा लेते नजर आए।
थिएटर को लेकर कही थी ये बात
कार्यक्रम के दौरान नाना पाटेकर ने थिएटर के शुरुआती दिनों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर की एक नाटक प्रतियोगिता में मिली पहचान ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला और दिशा दी थी।
थिएटर से अपने लगाव की बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब वह कुछ और नहीं करना चाहते और इसी काम को करते रहना चाहते हैं।
मौत को लेकर कही बात की हो रही चर्चा
कार्यक्रम में नाना पाटेकर ने जिंदगी और मौत को लेकर भी बात की थी। उन्होंने कहा था कि एक दिन सभी को जाना है और उन्हें नहीं पता कि वह अगले दिन यहां होंगे या नहीं।
इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि उस समय के आने से पहले क्या इंसान वह कर पाया, जो वह करना चाहता था और क्या उसने उसके लिए पूरी कोशिश की।
उनकी यह बात अब उनके निधन के बाद चर्चा में है।
76 साल की उम्र में निधन
नाना पाटेकर का गुरुवार तड़के गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर निधन हो गया। वह 76 साल के थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें घर पर बेहोश पाया गया, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टर शेखर सालकर के मुताबिक, नाना पाटेकर को करीब 45 मिनट तक CPR दिया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। सुबह 5.20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया। मौत की सही वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम किया जाना है।
हिंदी और मराठी सिनेमा में छोड़ी अलग पहचान
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में लंबा सफर तय किया। Parinda, Prahaar, Tirangaa, Krantiveer, Khamoshi और Welcome जैसी फिल्मों में उनके किरदारों को खास पहचान मिली।
अपने करियर में उन्हें तीन National Film Awards के साथ कई Filmfare Awards मिले। उन्हें Padma Shri से भी सम्मानित किया गया था।

