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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नहीं उड़ेंगी एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट्स, जानिए क्या है कारण

जेवर एयरपोर्ट की शुरुआत से पहले यात्रियों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने परिचालन को लेकर ऐसा फैसला लिया है, जिससे शुरुआती दौर में उड़ान विकल्पों पर असर पड़ सकता है। पढ़िए पूरी खबर।

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का 15 जून से परिचालन शुरू करने जा रहा है लेकिन उद्घाटन से ठीक पहले यात्रियों को एक बड़ा झटका लगा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस, जिसने पहले इस नए एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई थी, अब पीछे हट गई है।

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इस फैसले के बाद जेवर एयरपोर्ट से शुरुआती फेज में केवल इंडिगो और अकासा एयर ही उड़ान सेवाएं देंगी। इंडिगो 15 जून से संचालन शुरू करेगी, जबकि अकासा एयर 16 जून से अपनी सर्विस शुरू करेगी।

क्यों पीछे हटी एयर इंडिया एक्सप्रेस?

रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान शुरू करने की अपनी योजना अनिश्चितकाल के लिए टाल दी है। इससे पहले कंपनी गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से भी अपने परिचालन से पीछे हट चुकी है।

बताया जा रहा है कि एयर इंडिया ग्रुप लागत कम करने और नेटवर्क को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। चूंकि कंपनी पहले से ही दिल्ली के Indira Gandhi International Airport पर मजबूत उपस्थिति रखती है, ऐसे में जेवर जैसे नए एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने का खर्च फिलहाल नहीं उठाना चाहती।

यात्रियों पर क्या होगा असर?

एयर इंडिया एक्सप्रेस के हटने से यात्रियों के ऑप्शन सीमित हो जाएंगे। खासकर उन यात्रियों को निराशा हो सकती है जो जेवर एयरपोर्ट से कम लागत वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, जैसे दुबई या अबू धाबी रूट पर सेवाओं की उम्मीद कर रहे थे।

फिलहाल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले एयरलाइंस के शेड्यूल और किराए की तुलना करने की सलाह दी जा रही है। शुरुआती दिनों में जेवर और दिल्ली एयरपोर्ट के किरायों में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।

क्या दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भरता कम होगी?

जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत यह मानी जा रही थी कि इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य इलाकों के लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट तक जाने की जरूरत कम होगी।

हालांकि एयर इंडिया एक्सप्रेस के फैसले से यह लक्ष्य फिलहाल पूरी तरह हासिल होता नहीं दिख रहा है। एयर इंडिया समूह की उड़ानों का उपयोग करने वाले यात्रियों को अभी भी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का रुख करना पड़ेगा।

शुरुआत तो होगी, लेकिन ऑप्शन सीमित

जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, एयर इंडिया एक्सप्रेस के बाहर रहने से शुरुआती चरण में प्रतिस्पर्धा और उड़ानों की संख्या दोनों पर असर पड़ सकता है।

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ऐसे में यात्रियों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि भविष्य में अन्य एयरलाइंस कब और कितनी तेजी से जेवर एयरपोर्ट से अपने परिचालन का विस्तार करती हैं।