भारत के 7 सबसे शानदार रेलवे स्टेशन, तस्वीरें देखकर रह जाएंगे हैरान
भारत के रेलवे स्टेशन सिर्फ सफर की शुरुआत और मंजिल नहीं हैं, कई स्टेशन अपनी शानदार इमारत और अनोखे डिजाइन के लिए भी मशहूर हैं। कहीं ऐतिहासिक वास्तुकला देखने को मिलती है तो कहीं एयरपोर्ट जैसा आधुनिक लुक। तस्वीरों में देखिए देश के 7 शानदार रेलवे स्टेशन।

मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस यानी CSMT किसी रेलवे स्टेशन से ज्यादा किसी ऐतिहासिक महल जैसा नजर आता है। इसे ब्रिटिश आर्किटेक्ट एफ. डब्ल्यू. स्टीवंस ने डिजाइन किया था और इसका निर्माण 1878 में शुरू हुआ था। इसकी इमारत में Victorian Gothic शैली के साथ भारतीय वास्तुकला की झलक भी दिखाई देती है। इसकी शानदार गुंबद, नुकीले मेहराब और बारीक नक्काशी इसे खास बनाते हैं। साल 2004 में इसे UNESCO World Heritage Site का दर्जा मिला था।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बना रानी कमलापति रेलवे स्टेशन अपने आधुनिक लुक के कारण पहली नजर में एयरपोर्ट जैसा अहसास देता है। पुराने हबीबगंज स्टेशन को दोबारा विकसित करके इसे नया रूप दिया गया और नवंबर 2021 में इसका उद्घाटन हुआ। सरकार के मुताबिक यह मध्य प्रदेश का पहला वर्ल्ड-क्लास रेलवे स्टेशन है। इसे ग्रीन बिल्डिंग के तौर पर डिजाइन किया गया है और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है।

गुजरात का गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन अपने अनोखे डिजाइन की वजह से देश के आधुनिक रेलवे स्टेशनों में अलग पहचान रखता है। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ दोबारा विकसित किया गया है। इसकी सबसे दिलचस्प खासियत स्टेशन परिसर के ऊपर बनी बड़ी होटल बिल्डिंग है, जो दूर से ही इसका लुक बदल देती है। रानी कमलापति स्टेशन के साथ गांधीनगर कैपिटल भी भारतीय रेलवे के शुरुआती बड़े स्टेशन redevelopment projects में शामिल रहा है।

अगर किसी रेलवे स्टेशन को देखकर आपको महल की याद आ जाए तो लखनऊ का चारबाग रेलवे स्टेशन उनमें से एक है। इसके डिजाइन में राजस्थानी और मुगल वास्तुकला के साथ ब्रिटिश प्रभाव भी देखने को मिलता है। सामने से इसकी लाल-सफेद इमारत, गुंबद और मीनार जैसी बनावट इसे बेहद शानदार रूप देती है। पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक स्टेशन को अंग्रेज आर्किटेक्ट जे. एच. हॉर्निमैन ने डिजाइन किया था। ‘चारबाग’ नाम इस इलाके में मौजूद चार बागों से जुड़ा है।

बेंगलुरु का सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल आधुनिक डिजाइन के कारण बाकी पारंपरिक रेलवे स्टेशनों से काफी अलग दिखाई देता है। इसकी विशाल छत, बड़ा प्रवेश क्षेत्र और कांच से बना आधुनिक फ्रंट इसे एयरपोर्ट टर्मिनल जैसा लुक देता है। यह बेंगलुरु के बैयप्पनहल्ली इलाके में स्थित है और इसे शहर के प्रमुख रेलवे टर्मिनलों पर यात्रियों और ट्रेनों का दबाव कम करने के मकसद से विकसित किया गया था।

राजस्थान पहुंचने का अहसास जैसलमेर रेलवे स्टेशन को देखते ही होने लगता है। इसकी सुनहरे रंग की इमारत जैसलमेर की पहचान और वहां की पारंपरिक वास्तुकला से मेल खाती है। स्टेशन के बाहरी हिस्से में मेहराब, जालीदार डिजाइन और छोटी छतरियों जैसी राजस्थानी शैली की झलक दिखाई देती है। स्टेशन का redevelopment भी किया गया है, जिसमें स्थानीय कला, पत्थर की नक्काशी और राजस्थानी वास्तुकला को डिजाइन का हिस्सा बनाया गया है।

अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय वास्तुकला की झलक देते हुए तैयार किया गया है। स्टेशन की इमारत में मंदिर शैली से प्रेरित डिजाइन दिखाई देता है, जो इसे दूसरे आधुनिक रेलवे स्टेशनों से अलग बनाता है। इसके redevelopment के पहले चरण पर 240 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए। तीन मंजिला स्टेशन में लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा, क्लॉक रूम, चाइल्ड केयर रूम और वेटिंग हॉल जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
