ट्रेन में बिना ईयरफोन लगाए Reels देखना पड़ेगा भारी! रेलवे ने दी चेतावनी
ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल पर रील्स देखना या तेज आवाज में गाने सुनना अब आपको भारी पड़ सकता है. यात्रियों की बढ़ती शिकायतों के बीच भारतीय रेलवे ने सख्त चेतावनी जारी की है. जानिए किन गलतियों पर जुर्माना और जेल की नौबत आ सकती है.

Indian Railways Rules: ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल पर तेज आवाज में रील्स देखना या गाने सुनना अब महंगा पड़ सकता है. भारतीय रेलवे ने दूसरे यात्रियों को परेशान करने वाले यात्रियों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है. नियम तोड़ने पर जुर्माने के साथ जेल भी हो सकती है. आइए जानते हैं रेलवे ने क्या चेतावनी दी है, शिकायतें क्यों बढ़ रही हैं और इन नियमों को लागू करने में क्या मुश्किलें आ सकती हैं.

दक्षिण रेलवे (Southern Railway) ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि ट्रेन या रेलवे परिसर में तेज आवाज में वीडियो देखना, गाने बजाना या मोबाइल पर जोर-जोर से बातचीत करना भारी पड़ सकता है. ऐसा करने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना, छह महीने तक की जेल या दोनों सजाएं हो सकती हैं. रेलवे का कहना है कि किसी एक यात्री के मनोरंजन की वजह से दूसरे यात्रियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. ऐसे में सफर के दौरान रील्स या गाने सुनने के लिए ईयरफोन इस्तेमाल करना बेहतर है.

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रेल मदद (Rail Madad) शिकायत सिस्टम पर तेज आवाज में मोबाइल इस्तेमाल करने को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं. खासकर एसी कोच में रात के समय तेज आवाज में वीडियो चलाने और स्पीकर पर बातचीत करने से यात्रियों की नींद खराब होती है. इसी परेशानी को देखते हुए दक्षिण, उत्तर और पश्चिम रेलवे जोन ने ऐसे मामलों में कदम उठाने शुरू किए हैं. रेलवे चाहता है कि यात्री सफर के दौरान दूसरों के आराम का भी ध्यान रखें.

यह पहली बार नहीं है जब रेलवे ने इस समस्या को लेकर कदम उठाया है. साल 2012 में रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को निर्देश दिए थे कि मोबाइल के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए ट्रेनों में अनाउंसमेंट किए जाएं और कोच में जागरूकता वाले स्टिकर लगाए जाएं. हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक उस समय खास कानूनी प्रावधान नहीं होने की वजह से कार्रवाई करना मुश्किल था. अब रेलवे अधिकारियों का दावा है कि हाल के कानूनी बदलावों से दूसरे यात्रियों को परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना आसान हुआ है.
रेलवे ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी तो दे दी है, लेकिन इसे लागू करना आसान नहीं होगा. यात्री संगठनों ने रेलवे कर्मचारियों की कमी को लेकर सवाल उठाए हैं. नागपुर के रेलवे यात्री प्रतिनिधि बसंत कुमार शुक्ला के मुताबिक, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के जवानों और टिकट चेकिंग स्टाफ की पहले से कमी है.

