गोवा की भीड़ से दूर भारत के ये 5 बीच, हर जगह मिलेगा कुछ ऐसा जो बना देगा सफर यादगार
गोवा के अलावा भी भारत में ऐसे समुद्र तट हैं, जहां समुद्र का बदलता रूप, द्वीपों की संस्कृति और अलग तरह के नजारे देखने को मिलते हैं। चांदिपुर से मिनिकॉय और ओम बीच तक, इन जगहों की अपनी खासियत है। हालांकि, यहां भीड़ और पहुंच मौसम और स्थानीय हालात के हिसाब से बदल सकती है।

भारत में गोवा के अलावा भी कई ऐसे समुद्र तट हैं, जहां अलग तरह के नजारे, द्वीपों की संस्कृति और अपेक्षाकृत शांत माहौल देखने को मिलता है। हालांकि, इन्हें हर समय छिपा हुआ, अनछुआ या पूरी तरह भीड़ से दूर कहना सही नहीं होगा। यहां आने वाली भीड़ मौसम, वीकेंड, मौसम की स्थिति और स्थानीय आयोजनों के हिसाब से बदल सकती है।

गोवा टूरिज्म बटरफ्लाई आइलैंड को कैनाकोना के पालोलेम से नाव से जाने वाली जगह के तौर पर बताता है। इस खाड़ी तक जंगल के रास्तों से भी पहुंचा जा सकता है, लेकिन रास्ते की स्थिति बदल सकती है। यहां जाने से पहले नाव की उपलब्धता, ज्वार और स्थानीय सुरक्षा सलाह की जानकारी लेनी चाहिए। शांत पानी या आसान पहुंच की गारंटी मानकर नहीं चलना चाहिए।

ओडिशा टूरिज्म के मुताबिक, चांदिपुर में कम ज्वार के दौरान समुद्र का पानी करीब पांच किलोमीटर तक पीछे जा सकता है। इससे समुद्र की खुली जमीन पर चलने का मौका मिलता है। हालांकि, ज्वार आने पर पानी वापस लौटता है, इसलिए स्थानीय निर्देशों का पालन करना जरूरी है। आधिकारिक पर्यटन जानकारी के अनुसार, यहां का गंदला पानी नहाने के लिए सही नहीं है।

मिनिकॉय लक्षद्वीप के सबसे दक्षिणी बसे हुए द्वीपों में से एक है। यह अपने लैगून, समुद्री संस्कृति और लाइटहाउस के लिए जाना जाता है। यहां जाने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है, क्योंकि गैर-स्थानीय हर यात्री को लक्षद्वीप प्रशासन से एंट्री परमिट लेना होता है। इसलिए यह जगह बिना योजना के घूमने वाली सामान्य बीच ट्रिप नहीं है।

कर्नाटक टूरिज्म के मुताबिक, ओम बीच दो अर्धचंद्राकार हिस्सों से मिलकर बना है, जो मिलकर ओम चिन्ह जैसी आकृति बनाते हैं। यहां बीच शैक, नाव की सवारी और पानी से जुड़ी गतिविधियां मौजूद हैं। इसी वजह से यह जगह लोकप्रिय है और यहां भीड़ हो सकती है। सुबह जल्दी जाने पर माहौल अपेक्षाकृत शांत मिल सकता है, लेकिन पूरी तरह अकेलेपन की गारंटी नहीं है।

