बेंगलुरु-गोवा वंदे भारत बनेगी देश की सबसे धीमी ट्रेन? सफर में लगेंगे करीब 13 घंटे, स्पीड जानकर होगी हैरानी
देश की सबसे तेज ट्रेनों में शामिल वंदे भारत अब अपनी धीमी रफ्तार को लेकर चर्चा में है। बेंगलुरु से गोवा के बीच प्रस्तावित वंदे भारत ट्रेन का सफर करीब 13 घंटे लंबा हो सकता है। इसकी औसत स्पीड भी हैरान करने वाली है। जानिए क्यों यह ट्रेन एक अनोखा रिकॉर्ड बना सकती है।

बेंगलुरु और गोवा के बीच प्रस्तावित वंदे भारत चेयर कार ट्रेन में यात्रियों को करीब 13 घंटे बिताने पड़ सकते हैं। यशवंतपुर से मडगांव का सफर 12 घंटे 20 मिनट और वापसी में 12 घंटे 55 मिनट लगने की उम्मीद है। यह देश की सबसे लंबी अवधि वाली वंदे भारत चेयर कार सर्विस बन सकती है। फिलहाल पुणे-अजनी रूट पर करीब 12 घंटे लगते हैं।

देश की अलग-अलग वंदे भारत ट्रेनों की औसत रफ्तार में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत 759 किलोमीटर की दूरी करीब 8 घंटे में तय करती है और इसकी औसत स्पीड लगभग 95 किलोमीटर प्रति घंटा है। वहीं प्रस्तावित बेंगलुरु-गोवा वंदे भारत की औसत रफ्तार सिर्फ 53 से 54 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।

भारतीय रेलवे में सुपरफास्ट ट्रेनों के लिए आमतौर पर 55 किलोमीटर प्रति घंटा की औसत स्पीड का मानक लागू होता है। लेकिन प्रस्तावित बेंगलुरु-गोवा वंदे भारत की औसत रफ्तार इससे भी कम रह सकती है। इसकी स्पीड सामान्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों जैसी होगी। हालांकि यात्रियों को प्रीमियम किराया देना पड़ सकता है। सुपरफास्ट सरचार्ज लगेगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।


