scorecardresearch

यूक्रेन में इंटरनेट सर्विस पर पाबंदी से मचा बवाल! Starlink विवाद पर एलन मस्क ने दिया ये जवाब

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में एलन मस्क की स्टारलिंक सर्विस को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। यूक्रेन ने अचानक इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगने का दावा किया है। अब एलन मस्क ने इन आरोपों पर सफाई दी है। आखिर किसके फैसले से बढ़ी यूक्रेन की मुश्किलें?

Advertisement

In Short

  • यूक्रेन ने दावा किया कि स्टारशील्ड पर अचानक लगी पाबंदियों से उसके ड्रोन और एयर डिफेंस ऑपरेशन प्रभावित हुए।
  • एलन मस्क ने कहा कि स्टारलिंक नहीं, बल्कि अमेरिकी सरकार के नियंत्रण वाली स्टारशील्ड सर्विस पर पाबंदी लगी है।
  • यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस फैसले को बड़ी गलती बताया और कई लोगों की जान जाने की आशंका जताई।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। खबरें सामने आई थीं कि एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन की सेना के लिए इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगा दी है। अब एलन मस्क ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इसके पीछे उनकी कंपनी नहीं, बल्कि अमेरिकी सरकार हो सकती है।

advertisement

स्टारलिंक नहीं, स्टारशील्ड पर लगी पाबंदी

एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सफाई देते हुए कहा कि यूक्रेन में स्टारलिंक नहीं, बल्कि स्टारशील्ड की सेवाओं पर पाबंदी लगाई गई है। स्टारशील्ड भी उसी सैटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल करता है, जिसका इस्तेमाल स्टारलिंक करता है। हालांकि, दोनों के संचालन और नियंत्रण में अंतर है।

मस्क के मुताबिक, स्टारलिंक स्पेसएक्स के नियंत्रण में है, जबकि स्टारशील्ड अमेरिकी सरकार के नियंत्रण में काम करता है।

अमेरिकी सरकार पर मस्क ने क्या कहा?

यूक्रेन के रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को जवाब देते हुए मस्क ने कहा कि स्टारशील्ड सिस्टम का मालिकाना हक और नियंत्रण अमेरिकी सरकार के पास है।

उन्होंने साफ किया कि इसकी इंटरनेट स्पीड या इस्तेमाल पर कोई भी पाबंदी लगाने का फैसला अमेरिकी सेना और आखिरकार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्तर पर लिया जाता है।

यूक्रेन को क्या परेशानी हुई?

14 अक्टूबर को यूक्रेन ने दावा किया कि बिना किसी चेतावनी के स्टारशील्ड सेवाओं पर पाबंदी लगा दी गई। इससे ड्रोन हमलों और एयर डिफेंस से जुड़े ऑपरेशन प्रभावित हुए।

यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, स्पीड लिमिट घटाकर 100 मील प्रति घंटा यानी करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई। इसके चलते इससे ज्यादा रफ्तार वाले हथियारों का नेटवर्क से कनेक्शन टूटने लगा।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि यह कोई तकनीकी खराबी हो सकती है। हालांकि, बाद में उन्होंने इस फैसले को बड़ी गलती बताते हुए कहा कि इससे कई लोगों की जान जा सकती है।

सैन्य इस्तेमाल पर मस्क ने क्या कहा?

एलन मस्क ने कहा कि स्टारलिंक का इस्तेमाल केवल नागरिक जरूरतों और रक्षात्मक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। आक्रामक सैन्य कार्रवाई के लिए इसका इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है।

मस्क ने एक पोस्ट का समर्थन भी किया, जिसमें कहा गया था कि स्पेसएक्स पर यूक्रेन की मदद करने की कोई बाध्यता नहीं थी, लेकिन कंपनी ने मुश्किल परिस्थितियों में सहायता दी।

भारत में भी स्टारलिंक को लेकर विवाद

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब मस्क भारत में स्टारलिंक लॉन्च करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि भारत के कुछ बड़े उद्योगपति इसकी एंट्री रोकने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार इन आरोपों को खारिज कर चुकी है।

advertisement

स्टारलिंक का कहना है कि उसने भारत में सर्विस शुरू करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है, लेकिन सुरक्षा मंजूरी का इंतजार है।

फिलहाल यूक्रेन में स्टारशील्ड पर लगी पाबंदियों को लेकर अमेरिकी सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।