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AI टैलेंट में भारत ने दुनिया को पछाड़ा! लेकिन अभी बाकी है असली चुनौती - जानें पूरी डिटेल

भारत AI टैलेंट के मामले में दुनिया के कई देशों से आगे निकल रहा है। नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कंपनियों को AI से जुड़े कुशल कर्मचारी आसानी से मिल रहे हैं और AI अपनाने की रफ्तार भी बढ़ रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट

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AI Generated Image

In Short

  • नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की 39% कंपनियों को भरोसा है कि वे AI से जुड़े कुशल कर्मचारियों को आसानी से नियुक्त कर सकती हैं, जो ग्लोबल और एशिया-प्रशांत औसत से बेहतर है।
  • देश में 43% कंपनियां AI का इस्तेमाल शुरू कर चुकी हैं, जबकि 20% कंपनियां इसे छोटे स्तर पर आजमा रही हैं, जिससे AI अपनाने की रफ्तार लगातार बढ़ रही है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि AI का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब कंपनियां कर्मचारियों की स्किल बढ़ाने, HR डेटा का बेहतर इस्तेमाल करने और जरूरत के अनुसार सुविधाएं देने पर लगातार निवेश करें।

भारत, AI टैलेंट के मामले में दुनिया के कई देशों से आगे निकलता दिख रहा है। बिजनेस टुडे ने Aon कंपनी की नई Human Capital Trends Study के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत में 39% कंपनियों को भरोसा है कि वे AI से जुड़े कुशल कर्मचारियों को आसानी से खोज सकती हैं।

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यह आंकड़ा Asia-Pacific के 21% और ग्लोबल एवरेज 24% से काफी ज्यादा है। यानी भारत के पास AI की दौड़ में एक बड़ा फायदा है। यहां कंपनियों को नई तकनीक पर काम करने वाले लोग मिल रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह ताकत कारोबार और कर्मचारियों के लिए बेहतर नतीजों में बदल रही है या नहीं।

AI अपनाने की भारत में बढ़ी रफ्तार

रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 43% कंपनियां AI का इस्तेमाल शुरू कर चुकी हैं। वहीं 20% कंपनियां अभी AI को छोटे स्तर पर आजमा रही हैं। इससे साफ है कि भारत में AI को लेकर कंपनियों की तैयारी और भरोसा दोनों बढ़ रहे हैं। हालांकि, भारत अभी Asia-Pacific क्षेत्र से पीछे है। वहां 74% कंपनियां AI का इस्तेमाल शुरू कर चुकी हैं या उसे आजमा रही हैं। 

एऑन इंडिया (Aon India) के टैलेंट सॉल्यूशंस (Talent Solutions) विभाग के प्रमुख नितिन सेठी के मुताबिक, भारत इस समय एक अहम दौर में है। देश में एआई (AI) से जुड़े कुशल कर्मचारी अच्छी संख्या में मौजूद हैं और इस नई तकनीक को तेजी से अपनाया जा रहा है। इससे कंपनियों के लिए नए मौके बन रहे हैं। लेकिन इसका लंबे समय तक फायदा तभी मिलेगा, जब कंपनियां कर्मचारियों की काबिलियत बढ़ाने और कामकाज को बेहतर बनाने वाली योजनाओं पर लगातार ध्यान देंगी।

कर्मचारियों से जुड़े आंकड़ों में भारत आगे

AI के साथ भारत कर्मचारियों से जुड़े डाटा के इस्तेमाल में भी बेहतर कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 55% कंपनियों का कहना है कि उनके पास HR डेटा मैच्योरिटी मजबूत है। इससे कंपनियां भर्ती, कर्मचारियों की जरूरत और सुविधाओं से जुड़े फैसले पक्की जानकारी देखकर ले सकती हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारत में 25% कंपनियों के पास एम्प्लॉयी वैल्यू प्रपोजिशन यानी EVP मौजूद है। जो कंपनियों को यह साफ करने में मदद करता है कि वे कर्मचारियों को तनख्वाह के अलावा कौन-कौन सी सुविधाएं दे रही हैं।

क्या है कर्मचारियों की बदलती जरूरते?

भारत में कर्मचारी अब सिर्फ सामान्य सुविधाएं नहीं चाहते। वे ऐसी सुविधाएं चाहते हैं, जो उनकी जरूरत और जीवन के अलग-अलग समय के हिसाब से काम आएं। इसमें महिलाओं की सेहत, पैसों से जुडी जानकारी, बच्चों की देखभाल और ज्यादा कर्मचारियों तक पहुंचने वाली सुविधाएं शामिल हैं।

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एऑन इंडिया के स्वास्थ्य और संपत्ति समाधान विभाग की प्रमुख एश्ली डीसिल्वा के मुताबिक, कंपनियों को अब कर्मचारियों की जरूरत के हिसाब से सुविधाएं देनी होंगी। साथ ही कर्मचारियों को साफ तौर पर बताना होगा कि उनके लिए कौन-कौन सी सुविधाएं मौजूद हैं।