Chrome यूजर्स पर साइबर अटैक का खतरा! CERT-In ने जारी की चेतावनी, जानें क्या करें
CERT-In ने Google Chrome यूजर्स को सुरक्षा खामियों को लेकर चेतावनी दी है। पुराने वर्जन का फायदा उठाकर हैकर्स आपकी पर्सनल डिटेल्स चुरा सकते हैं। एजेंसी ने यूजर्स को ब्राउजर अपडेट करने की सलाह दी है। जानें किन वर्जन पर खतरा है और Chrome को अपडेट करने का आसान तरीका।

In Short
- CERT-In ने Google Chrome में सुरक्षा खामियों को लेकर चेतावनी जारी की।
- पुराने Chrome वर्जन से हैकर्स चुरा सकते हैं आपकी पर्सनल डिटेल्स।
- CERT-In ने यूजर्स को Chrome का लेटेस्ट अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी।
भारत की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने Google Chrome यूजर्स के लिए जरूरी चेतावनी जारी की है। एजेंसी को गूगल क्रोम ब्राउजर के डेस्कटॉप वर्जन में कई खतरनाक वल्नरेबिलिटी यानी सुरक्षा से जुड़ी खामियों का पता चला है। इन खामियों का फायदा उठाकर साइबर हैकर्स यूजर्स की संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपने कंप्यूटर या लैपटॉप पर गूगल क्रोम का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अपना ब्राउजर अपडेट कर लेना चाहिए।
CERT-In ने 14 अक्टूबर को जारी की एडवाइजरी
CERT-In ने 14 अक्टूबर 2026 को जारी अपनी एडवाइजरी में Google Chrome यूजर्स को ब्राउजर अपडेट करने की सलाह दी है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब गूगल ने हाल ही में क्रोम के लिए सिक्योरिटी अपडेट जारी किया है। गूगल ने इस अपडेट में 37 वल्नरेबिलिटी की पहचान की है। इन सुरक्षा खामियों से ब्राउजर के कई कंपोनेंट्स प्रभावित हो सकते हैं।
गूगल क्रोम का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग और कंपनियां करते हैं। ऐसे में पुराने और प्रभावित वर्जन का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए सिक्योरिटी अपडेट करना जरूरी है।
हैकर्स कैसे उठा सकते हैं सुरक्षा खामियों का फायदा?
CERT-In के मुताबिक, गूगल क्रोम में मौजूद सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स यूजर्स के सिस्टम और डिवाइस को निशाना बना सकते हैं। इसके जरिए डिवाइस में मौजूद पर्सनल डिटेल्स और संवेदनशील जानकारी चोरी होने का खतरा है।
इन खामियों का असर क्रोम के कई कंपोनेंट्स पर पड़ा है। इनमें मेमोरी मैनेजमेंट, जावा स्क्रिप्ट प्रोसेसिंग और ब्राउजर के दूसरे फंक्शन शामिल हैं। इन कंपोनेंट्स में मौजूद कमजोरियों की वजह से ब्राउजर की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
Chrome के किन वर्जन पर है खतरा?
CERT-In की एडवाइजरी के मुताबिक, अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम पर गूगल क्रोम के पुराने वर्जन प्रभावित हैं। इन वर्जन का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को ब्राउजर अपडेट करने की सलाह दी गई है।
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Linux: Chrome 155.0.8059.79 से पुराने वर्जन प्रभावित हैं।
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Windows और macOS: Chrome 155.0.8059.79/.80 से पुराने वर्जन प्रभावित हैं।
अगर आप इन ऑपरेटिंग सिस्टम पर क्रोम का पुराना वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उपलब्ध सिक्योरिटी अपडेट को चेक करना जरूरी है।
Google Chrome को कैसे करें अपडेट?
गूगल क्रोम को अपडेट करने के लिए यूजर्स को कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे।
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सबसे पहले अपने कंप्यूटर या लैपटॉप पर Google Chrome खोलें।
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ब्राउजर के टॉप राइट कॉर्नर में मौजूद तीन डॉट पर क्लिक करें।
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इसके बाद Help के विकल्प पर जाएं।
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यहां About Google Chrome पर क्लिक करें।
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क्रोम उपलब्ध अपडेट को चेक करेगा। अगर अपडेट उपलब्ध है, तो उसे इंस्टॉल कर लें।
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CERT-In ने यूजर्स को पुराने ब्राउजर की जगह लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल करने की सलाह दी है। ऐसे में अपने Google Chrome को अपडेट करके यूजर्स सुरक्षा से जुड़ी इन खामियों से बचाव की दिशा में जरूरी कदम उठा सकते हैं।

