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₹228 प्रति GB से सस्ते इंटरनेट तक का सफर! Jio ने कैसे बदली भारत की डेटा इकॉनमी

भारत में कभी मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल करना काफी महंगा हुआ करता था। फिर 2016 में Jio की एंट्री ने टेलीकॉम बाजार की तस्वीर बदल दी। आकाश अंबानी ने बताया कि उस समय डेटा की कीमत और इंटरनेट स्पीड कितनी थी। अब IPO से पहले कंपनी ने अपनी अगली ग्रोथ का प्लान भी सामने रखा है।

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In Short

  • Jio की एंट्री से पहले भारत में 1GB मोबाइल डेटा की कीमत करीब ₹228 और डाउनलोड स्पीड सिर्फ 2.5 Mbps थी।
  • साल 2016 में Jio ने मुफ्त कॉलिंग और सस्ते डेटा से टेलीकॉम बाजार में बड़ा बदलाव किया।
  • अब 5G और डिजिटल सर्विसेज के विस्तार के बीच Jio का IPO 21 अक्टूबर को खुलने वाला है।

भारत में आज मोबाइल इंटरनेट आम लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन करीब 10 साल पहले तस्वीर बिल्कुल अलग थी। उस समय इंटरनेट इस्तेमाल करना काफी महंगा था और बहुत से लोगों की पहुंच से बाहर था। साल 2016 में रिलायंस जियो ने टेलीकॉम बाजार में एंट्री करके इस स्थिति को बदल दिया। कंपनी ने मुफ्त वॉयस कॉल और सस्ते डेटा के जरिए इंटरनेट को आम लोगों तक पहुंचाया।

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अब जियो प्लेटफॉर्म्स अपने IPO की तैयारी कर रही है। कंपनी का प्रस्तावित वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये है। जियो अब 5G, होम ब्रॉडबैंड और डिजिटल सर्विसेज के जरिए कारोबार बढ़ाने पर फोकस कर रही है।

कभी ₹228 में मिलता था 1GB डेटा

गुरुवार को एक कॉन्फ्रेंस में जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी के आने से पहले भारत में मोबाइल डेटा की कीमत करीब 228 रुपये प्रति GB थी। उस समय इंटरनेट डाउनलोड स्पीड भी महज 2.5 Mbps थी।

आकाश अंबानी ने कहा कि जियो ने भारत को डेटा की कमी वाले देश से भरपूर डेटा इस्तेमाल करने वाले देश में बदलने का अवसर देखा था।

कंपनी ने अपनी सर्विस शुरू करने से पहले नेटवर्क तैयार करने में बड़ा निवेश किया। लॉन्चिंग के दौरान मुफ्त कॉलिंग और बड़ी मात्रा में डेटा देने की रणनीति अपनाई। इससे लाखों ग्राहक जियो से जुड़े और दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को भी अपने टैरिफ कम करने पड़े।

तीन मजबूत स्तंभों पर टिकी जियो की ग्रोथ

जियो की मौजूदा रणनीति तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इनमें टेक्नोलॉजी, डिजिटल सर्विसेज प्लेटफॉर्म और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।

कंपनी के प्रेजेंटेशन के मुताबिक, जियो अब तक 7,220 पेटेंट फाइल कर चुकी है। उसके नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में 3,60,537 टावरों तक पहुंच और 26,800.8 MHz का स्पेक्ट्रम शामिल है।

जियो के पास 53.33 करोड़ कनेक्टिविटी ग्राहक हैं। इसके अलावा कंपनी हर महीने 33.36 करोड़ डिजिटल सर्विसेज सब्सक्रिप्शन बेचती है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

5G और ब्रॉडबैंड में भी बढ़ रही पहुंच

जियो अब मोबाइल इंटरनेट के साथ होम ब्रॉडबैंड कारोबार को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है। कंपनी के प्रेजेंटेशन के अनुसार, उसके 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं।

31 मार्च 2026 तक जियो के 26.85 करोड़ 5G ग्राहक थे। वहीं JioFiber और JioAirFiber के कुल सब्सक्राइबर्स की संख्या 2.71 करोड़ थी। कंपनी एंटरप्राइज और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी ग्रोथ की संभावनाएं देख रही है।

जियो IPO में निवेशकों के लिए क्या है खास?

रिलायंस जियो ने 14 अक्टूबर को अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है। इसके मुताबिक, IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा।

IPO का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस इश्यू से करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये यानी 108 अरब डॉलर हो सकता है।

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जियो के पहले दशक में सस्ते इंटरनेट ने उसकी पहचान बनाई। अब कंपनी की अगली ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने बड़े ग्राहक आधार और डिजिटल सर्विसेज से कितनी कमाई कर पाती है।