scorecardresearch

पर्सनल फाइनेंस Videos

Advertisement

दिल्ली लक्ष्मी योजना को मिली मंजूरी! 1 अगस्त से शुरू होगा पोर्टल, राखी तक ₹2500 की पहली किस्त मिलने की उम्मीद

दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना का ऑनलाइन पोर्टल 1 अगस्त से शुरू होगा, जहां योग्य महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। आवेदन मिलने के बाद उनकी जांच की जाएगी और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होगी। सरकार की कोशिश है कि रक्षाबंधन के मौके पर पहले चरण में चुनी गई महिलाओं को पहली किस्त मिल जाए। मुख्यमंत्री ने इसे दिल्ली की बहनों के लिए खुशी का अवसर बताते हुए सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

एफडी के अलावा सुरक्षित निवेश का एक और विकल्प, जानिए क्या है T-Bill और कैसे लगा सकते हैं इसमें पैसा?

कम अवधि के लक्ष्य के लिए सुरक्षित निवेश तलाश रहे हैं तो Treasury Bill यानी T-Bill एक विकल्प हो सकता है। इसे केंद्र सरकार जारी करती है और इसकी अवधि आमतौर पर 91 दिन 182 दिन और 364 दिन होती है। निवेशक अपने तीन महीने छह महीने या एक साल के वित्तीय लक्ष्य के अनुसार इसे चुन सकते हैं। सरकारी सिक्योरिटी होने के कारण इसमें क्रेडिट जोखिम अपेक्षाकृत कम माना जाता है। इस वीडियो में जानिए T-Bill कैसे काम करता है इसे कहां से खरीदा जा सकता है और निवेश से पहले मैच्योरिटी लिक्विडिटी और रिटर्न से जुड़ी किन बातों को समझना जरूरी है।

Term Insurance क्यों है जरूरी? कितना कवर लें और कितने साल तक पॉलिसी रखें

अगर परिवार की पूरी आर्थिक जिम्मेदारी एक ही कमाने वाले सदस्य पर है, तो उसकी अचानक मौत से परिवार की आमदनी रुक सकती है। ऐसे समय में Term Insurance परिवार को आर्थिक सहारा देता है। इस वीडियो में जानिए Term Insurance कैसे काम करता है, Nominee को Lump Sum रकम कब मिलती है और Policy खरीदते समय कितना Sum Assured चुनना चाहिए। साथ ही समझें कि ₹50 लाख, ₹1 करोड़ या इससे ज्यादा Cover का फैसला कैसे करें और Policy 60, 70 या 80 साल की उम्र तक लेना सही रहेगा।

advertisement

रात 12 बजे भी चाहिए पैसा तो Liquid Fund आएगा काम? निवेश से पहले समझ लें Withdrawal का पूरा नियम

FD के अलावा कम अवधि के लिए पैसा कहां रखा जा सकता है? इस वीडियो में Arbitrage Fund और Liquid Fund के उपयोग को आसान भाषा में समझाया गया है। Liquid Fund उन जरूरतों के लिए उपयोगी हो सकता है जहां दो से तीन दिनों के भीतर पैसे की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि इसे बैंक खाते जैसा तुरंत उपलब्ध विकल्प या पूरी तरह जोखिम-मुक्त निवेश नहीं समझना चाहिए। इसमें रिडेम्पशन और सेटलमेंट में समय लग सकता है। वीडियो में जानिए Emergency Fund बनाते समय Liquidity Risk Taxation और Investment Horizon को ध्यान में रखकर सही विकल्प कैसे चुनें।

हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम 50 से 60% तक कैसे घटाएं? Deductible का पूरा नियम समझें

Health Insurance का Premium ज्यादा लग रहा है, तो कुछ आसान तरीकों से इसे कम किया जा सकता है। Private Room की जगह Ward Treatment वाला Plan चुनने पर खर्च घट सकता है। अगर आपके पास पहले से Corporate Health Policy है, तो Deductible वाला Plan भी लिया जा सकता है। Deductible का मतलब है कि इलाज के शुरुआती तय पैसे आपको या आपकी दूसरी Policy को देने होंगे। इसके बाद का खर्च नई Health Insurance Policy उठाएगी। सही Room Category और Deductible चुनकर Premium में करीब 50 से 60% तक की बचत हो सकती है और कम बजट में बड़ा Health Cover मिल सकता है।

30% Tax Slab वालों के लिए PPF क्यों अच्छा ऑप्शन? समझिए असली पोस्ट टैक्स रिटर्न

Public Provident Fund यानी PPF सिर्फ टैक्स बचाने का साधन नहीं बल्कि लंबे समय की सुरक्षित बचत का विकल्प भी है। इस वीडियो में जानिए PPF की EEE टैक्स कैटेगरी क्या होती है, पुराने और नए टैक्स रिजीम में इसका फायदा कैसे बदलता है और 7.1 प्रतिशत का टैक्स फ्री रिटर्न 30 प्रतिशत टैक्स स्लैब वालों के लिए क्यों आकर्षक हो सकता है। साथ ही समझिए 15 साल का लॉक इन पीरियड, मैच्योरिटी पर मिलने वाली टैक्स फ्री रकम और कानूनी सुरक्षा से जुड़ा वह महत्वपूर्ण पहलू जिसे निवेशक अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। निवेश से पहले नियम जरूर जांचें।

advertisement

FD को बेकार समझने की न करें भूल! इन जरूरतों में बन सकती है सबसे काम की चीज

Fixed Deposit यानी FD को अक्सर कम रिटर्न वाला निवेश मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन शॉर्ट टर्म गोल्स के लिए यह एक उपयोगी विकल्प हो सकता है। यात्रा, महंगा गैजेट या अगले एक-दो साल में होने वाले खर्च के लिए बाजार का जोखिम लेना सही नहीं होता। इस वीडियो में जानिए FD चुनते समय रिटर्न के बजाय सेफ्टी और लिक्विडिटी क्यों जरूरी हैं। साथ ही समझिए कि एक बैंक में ₹5 लाख तक की जमा राशि पर ही डिपॉजिट इंश्योरेंस मिलता है और बड़ी रकम को अलग-अलग बैंकों में रखना क्यों बेहतर हो सकता है।

90% लोग नहीं लेते Home Insurance! जानिए Structure और Content Cover में क्या मिलता है

भारत में ज्यादातर लोग अपने घर का बीमा नहीं कराते हैं। लेकिन आग, भूकंप या किसी हादसे की वजह से घर को बड़ा नुकसान हो सकता है। इस वीडियो में जानिए कि होम इंश्योरेंस में घर के ढांचे और घर में रखे सामान को किस तरह कवर किया जाता है। अगर आप अपने मकान, डीडीए फ्लैट या सरकारी फ्लैट में रहते हैं, तो घर के ढांचे का बीमा लेना क्यों जरूरी हो सकता है। साथ ही समझें कि बड़ी सोसाइटी में बिल्डर की तरफ से बीमा होने के बाद भी आपको अलग पॉलिसी की जरूरत कब पड़ सकती है। कम प्रीमियम वाला होम इंश्योरेंस मुश्किल समय में लाखों रुपये के नुकसान से बचा सकता है।

क्या आपके वाहन में भी सिर्फ थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है? एक्सपर्ट ने बताया क्यों यह अकेला कवर नहीं है काफी

भारत में ज्यादातर लोग चालान से बचने के लिए केवल Third Party Motor Insurance खरीद लेते हैं। लेकिन क्या इससे आपकी अपनी कार के नुकसान की भरपाई भी होती है? इस वीडियो में जानिए Third Party Insurance, Own Damage Cover और Comprehensive Insurance के बीच अंतर। साथ ही समझें कि Zero Depreciation Cover क्यों जरूरी है और इसके बिना कार के बंपर, फेंडर, हेडलाइट, ग्लास और दूसरे पार्ट्स पर क्लेम की रकम कैसे कम हो सकती है। सही Motor Insurance चुनकर दुर्घटना के बाद होने वाले बड़े खर्च से बचा जा सकता है। पॉलिसी खरीदने से पहले जरूरी कवर और नियम जरूर समझें।

advertisement

किसे कितना हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहिए? जानिए बड़े शहरों में रहने वालों के लिए क्या है सही कवरेज अमाउंट

एक बार हॉस्पिटल में भर्ती होने पर इलाज का खर्च लाखों रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस आपकी सेविंग्स और परिवार के बजट को बचाने में मदद करता है। इस वीडियो में जानिए हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय कितना सम इंश्योर्ड चुनना चाहिए और पॉलिसी में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। बड़े शहरों में रहने वाले लोगों को कम से कम ₹20 लाख का हेल्थ कवर लेने की सलाह क्यों दी जाती है? साथ ही समझिए कि शहर, हॉस्पिटल, प्राइवेट रूम और परिवार के सदस्यों की संख्या के हिसाब से कवर कैसे तय किया जाना चाहिए।

टर्म, हेल्थ या होम इंश्योरेंस? किस बीमा में कितना कवर लेना है सही - एक्सपर्ट से जानिए

मुश्किल समय में परिवार को पैसों की परेशानी से बचाने के लिए सही इंश्योरेंस होना जरूरी है। इस वीडियो में टर्म इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, होम इंश्योरेंस और मोटर इंश्योरेंस से जुड़े जरूरी सवालों के आसान जवाब दिए गए हैं। जानिए अपनी सालाना कमाई के हिसाब से कितना टर्म इंश्योरेंस लेना चाहिए और बड़े शहरों में हेल्थ इंश्योरेंस का कवर कितना होना चाहिए। साथ ही समझिए कि होम इंश्योरेंस में घर की बिल्डिंग और घर के अंदर रखा सामान कैसे कवर होता है। वीडियो में यह भी बताया गया है कि सिर्फ थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस क्यों काफी नहीं है और जीरो डेप्रिसिएशन व इंजन प्रोटेक्टर कवर कब काम आते हैं। कोई भी पॉलिसी लेने से पहले यह पूरी जानकारी जरूर देखें।

ITR भरने वालों के लिए जरूरी खबर! Old vs New Tax Regime, HRA क्लेम, नोटिस और जरूरी डॉक्यूमेंट्स की पूरी जानकारी

ITR filing से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि Old Tax Regime चुनें या New Tax Regime? Tax expert Gauri ने बताया कि old regime अब भी उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जिनके पास heavy और genuine deductions हैं। लेकिन HRA, LIC, Mediclaim या दूसरे claims के लिए सही documents रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि fake deductions पर Income Tax Department notices भेज रहा है। वहीं new regime slabs के हिसाब से कई लोगों के लिए आसान और बेहतर हो सकता है। इस वीडियो में जानिए ITR file करना कब जरूरी है और CA को कौन से documents देने चाहिए।

advertisement