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पर्सनल फाइनेंस Videos

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फोन से लेकर Vacation तक के लिए कर्ज, Gen Z खुद को Debt Trap से कैसे बचाए?

युवा निवेशक फोन, छुट्टियों और लाइफस्टाइल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए उधार लेकर तेजी से कर्ज के जाल में फंस रहे हैं। यह विश्लेषण एस्पिरेशनल कर्ज, Gen Z की खर्च करने की आदतों और भारत के लिए एक व्यावहारिक 50-20-30 बजट फॉर्मूले को समझाता है—50% जरूरी खर्चों के लिए, 20% इच्छाओं के लिए और 30% बचत के लिए। इसका उद्देश्य आज की जरूरतों और भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के बीच बेहतर संतुलन बनाना है।

Gen Z को पैसा कहां करना चाहिए निवेश? F&O और Crypto के बाद इन ऑप्शन पर करें फोकस

Gen Z निवेशकों को जोखिम भरे रिटर्न के पीछे भागने से पहले अपनी वित्तीय सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। 6 से 9 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड बनाएं, पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस लें और F&O या क्रिप्टो में निवेश को सीमित रखें। मध्यम अवधि के लक्ष्यों के लिए हाइब्रिड म्यूचुअल फंड और लंबी अवधि में संपत्ति बनाने के लिए डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड पर ध्यान दें। अनुशासित तरीके से कंपाउंडिंग और सरल एसेट एलोकेशन रणनीतियों के जरिए आज से ही निवेश की शुरुआत करें।

2027 में फिर नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है सोना-चांदी, एक्सपर्ट ने बताया अभी क्या करना चाहिए

सोने और चांदी की कीमतों में उतार चढ़ाव के बीच निवेशकों के मन में बड़ा सवाल है कि क्या अभी खरीदारी का सही समय है? एक्सपर्ट वंदना के मुताबिक लंबे समय के लिए Gold और Silver में धीरे धीरे निवेश की रणनीति अपनाई जा सकती है। फेस्टिव सीजन और शादी की मांग के साथ physical demand बढ़ने की उम्मीद है। Central banks की खरीदारी और ETF demand भी कीमतों को प्रभावित कर सकती है। इस वीडियो में जानिए सोने चांदी का आउटलुक, 2027 तक संभावित ट्रेंड और निवेश की सही रणनीति।

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दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान! घरों की छत पर फ्री में लगेगा सोलर पैनल

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सौर ऊर्जा नीति के नए वर्जन और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि 'हमारा लक्ष्य केवल लोगों की 200 यूनिट को सब्सिडी देने का नहीं है, बिल कम करने का नहीं है, बल्कि बिजली पैदा करने वाले घर ऐसा बनाने का है।' उन्होंने बताया कि 400 यूनिट तक की बिजली खपत वाले परिवारों के लिए तीन किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी अपफ्रंट लागत के पूरी तरह सरकार द्वारा लगाया जाएगा। इसके तहत केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों 78-78 हजार रुपये की सब्सिडी उपलब्ध कराएंगी। साथ ही पांच साल के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस की व्यवस्था भी वेंडर द्वारा की जाएगी। सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक 2,30,000 घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाना है। मौजूदा बिजली सब्सिडी पहले की तरह जारी रहेगी और सोलर ऊर्जा उत्पादन से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त वित्तीय बचत होगी।

Freelancer की Irregular Income पर Tax कैसे लगता है? जानिए Advance Tax का पूरा Calculation

Freelancers और Content Creators की income हर महीने एक जैसी नहीं होती. कभी ज्यादा brand deals मिलती हैं तो किसी महीने कम कमाई होती है. ऐसे में सवाल उठता है कि irregular income को report कैसे करें और advance tax कितना देना चाहिए? इस वीडियो में समझिए business income के मामले में advance tax की calculation कैसे की जाती है. अगर आपने ज्यादा advance tax जमा कर दिया तो refund कैसे मिलता है और कम payment होने पर interest कब लग सकता है. साथ ही जानिए capital gains को लेकर advance tax में मिलने वाली exception और freelancers के लिए tax planning की जरूरी बातें.

दिल्ली लक्ष्मी योजना को मिली मंजूरी! 1 अगस्त से शुरू होगा पोर्टल, राखी तक ₹2500 की पहली किस्त मिलने की उम्मीद

दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना का ऑनलाइन पोर्टल 1 अगस्त से शुरू होगा, जहां योग्य महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। आवेदन मिलने के बाद उनकी जांच की जाएगी और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होगी। सरकार की कोशिश है कि रक्षाबंधन के मौके पर पहले चरण में चुनी गई महिलाओं को पहली किस्त मिल जाए। मुख्यमंत्री ने इसे दिल्ली की बहनों के लिए खुशी का अवसर बताते हुए सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

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एफडी के अलावा सुरक्षित निवेश का एक और विकल्प, जानिए क्या है T-Bill और कैसे लगा सकते हैं इसमें पैसा?

कम अवधि के लक्ष्य के लिए सुरक्षित निवेश तलाश रहे हैं तो Treasury Bill यानी T-Bill एक विकल्प हो सकता है। इसे केंद्र सरकार जारी करती है और इसकी अवधि आमतौर पर 91 दिन 182 दिन और 364 दिन होती है। निवेशक अपने तीन महीने छह महीने या एक साल के वित्तीय लक्ष्य के अनुसार इसे चुन सकते हैं। सरकारी सिक्योरिटी होने के कारण इसमें क्रेडिट जोखिम अपेक्षाकृत कम माना जाता है। इस वीडियो में जानिए T-Bill कैसे काम करता है इसे कहां से खरीदा जा सकता है और निवेश से पहले मैच्योरिटी लिक्विडिटी और रिटर्न से जुड़ी किन बातों को समझना जरूरी है।

Term Insurance क्यों है जरूरी? कितना कवर लें और कितने साल तक पॉलिसी रखें

अगर परिवार की पूरी आर्थिक जिम्मेदारी एक ही कमाने वाले सदस्य पर है, तो उसकी अचानक मौत से परिवार की आमदनी रुक सकती है। ऐसे समय में Term Insurance परिवार को आर्थिक सहारा देता है। इस वीडियो में जानिए Term Insurance कैसे काम करता है, Nominee को Lump Sum रकम कब मिलती है और Policy खरीदते समय कितना Sum Assured चुनना चाहिए। साथ ही समझें कि ₹50 लाख, ₹1 करोड़ या इससे ज्यादा Cover का फैसला कैसे करें और Policy 60, 70 या 80 साल की उम्र तक लेना सही रहेगा।

रात 12 बजे भी चाहिए पैसा तो Liquid Fund आएगा काम? निवेश से पहले समझ लें Withdrawal का पूरा नियम

FD के अलावा कम अवधि के लिए पैसा कहां रखा जा सकता है? इस वीडियो में Arbitrage Fund और Liquid Fund के उपयोग को आसान भाषा में समझाया गया है। Liquid Fund उन जरूरतों के लिए उपयोगी हो सकता है जहां दो से तीन दिनों के भीतर पैसे की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि इसे बैंक खाते जैसा तुरंत उपलब्ध विकल्प या पूरी तरह जोखिम-मुक्त निवेश नहीं समझना चाहिए। इसमें रिडेम्पशन और सेटलमेंट में समय लग सकता है। वीडियो में जानिए Emergency Fund बनाते समय Liquidity Risk Taxation और Investment Horizon को ध्यान में रखकर सही विकल्प कैसे चुनें।

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हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम 50 से 60% तक कैसे घटाएं? Deductible का पूरा नियम समझें

Health Insurance का Premium ज्यादा लग रहा है, तो कुछ आसान तरीकों से इसे कम किया जा सकता है। Private Room की जगह Ward Treatment वाला Plan चुनने पर खर्च घट सकता है। अगर आपके पास पहले से Corporate Health Policy है, तो Deductible वाला Plan भी लिया जा सकता है। Deductible का मतलब है कि इलाज के शुरुआती तय पैसे आपको या आपकी दूसरी Policy को देने होंगे। इसके बाद का खर्च नई Health Insurance Policy उठाएगी। सही Room Category और Deductible चुनकर Premium में करीब 50 से 60% तक की बचत हो सकती है और कम बजट में बड़ा Health Cover मिल सकता है।

30% Tax Slab वालों के लिए PPF क्यों अच्छा ऑप्शन? समझिए असली पोस्ट टैक्स रिटर्न

Public Provident Fund यानी PPF सिर्फ टैक्स बचाने का साधन नहीं बल्कि लंबे समय की सुरक्षित बचत का विकल्प भी है। इस वीडियो में जानिए PPF की EEE टैक्स कैटेगरी क्या होती है, पुराने और नए टैक्स रिजीम में इसका फायदा कैसे बदलता है और 7.1 प्रतिशत का टैक्स फ्री रिटर्न 30 प्रतिशत टैक्स स्लैब वालों के लिए क्यों आकर्षक हो सकता है। साथ ही समझिए 15 साल का लॉक इन पीरियड, मैच्योरिटी पर मिलने वाली टैक्स फ्री रकम और कानूनी सुरक्षा से जुड़ा वह महत्वपूर्ण पहलू जिसे निवेशक अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। निवेश से पहले नियम जरूर जांचें।

FD को बेकार समझने की न करें भूल! इन जरूरतों में बन सकती है सबसे काम की चीज

Fixed Deposit यानी FD को अक्सर कम रिटर्न वाला निवेश मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन शॉर्ट टर्म गोल्स के लिए यह एक उपयोगी विकल्प हो सकता है। यात्रा, महंगा गैजेट या अगले एक-दो साल में होने वाले खर्च के लिए बाजार का जोखिम लेना सही नहीं होता। इस वीडियो में जानिए FD चुनते समय रिटर्न के बजाय सेफ्टी और लिक्विडिटी क्यों जरूरी हैं। साथ ही समझिए कि एक बैंक में ₹5 लाख तक की जमा राशि पर ही डिपॉजिट इंश्योरेंस मिलता है और बड़ी रकम को अलग-अलग बैंकों में रखना क्यों बेहतर हो सकता है।

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90% लोग नहीं लेते Home Insurance! जानिए Structure और Content Cover में क्या मिलता है

भारत में ज्यादातर लोग अपने घर का बीमा नहीं कराते हैं। लेकिन आग, भूकंप या किसी हादसे की वजह से घर को बड़ा नुकसान हो सकता है। इस वीडियो में जानिए कि होम इंश्योरेंस में घर के ढांचे और घर में रखे सामान को किस तरह कवर किया जाता है। अगर आप अपने मकान, डीडीए फ्लैट या सरकारी फ्लैट में रहते हैं, तो घर के ढांचे का बीमा लेना क्यों जरूरी हो सकता है। साथ ही समझें कि बड़ी सोसाइटी में बिल्डर की तरफ से बीमा होने के बाद भी आपको अलग पॉलिसी की जरूरत कब पड़ सकती है। कम प्रीमियम वाला होम इंश्योरेंस मुश्किल समय में लाखों रुपये के नुकसान से बचा सकता है।

क्या आपके वाहन में भी सिर्फ थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है? एक्सपर्ट ने बताया क्यों यह अकेला कवर नहीं है काफी

भारत में ज्यादातर लोग चालान से बचने के लिए केवल Third Party Motor Insurance खरीद लेते हैं। लेकिन क्या इससे आपकी अपनी कार के नुकसान की भरपाई भी होती है? इस वीडियो में जानिए Third Party Insurance, Own Damage Cover और Comprehensive Insurance के बीच अंतर। साथ ही समझें कि Zero Depreciation Cover क्यों जरूरी है और इसके बिना कार के बंपर, फेंडर, हेडलाइट, ग्लास और दूसरे पार्ट्स पर क्लेम की रकम कैसे कम हो सकती है। सही Motor Insurance चुनकर दुर्घटना के बाद होने वाले बड़े खर्च से बचा जा सकता है। पॉलिसी खरीदने से पहले जरूरी कवर और नियम जरूर समझें।

किसे कितना हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहिए? जानिए बड़े शहरों में रहने वालों के लिए क्या है सही कवरेज अमाउंट

एक बार हॉस्पिटल में भर्ती होने पर इलाज का खर्च लाखों रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस आपकी सेविंग्स और परिवार के बजट को बचाने में मदद करता है। इस वीडियो में जानिए हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय कितना सम इंश्योर्ड चुनना चाहिए और पॉलिसी में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। बड़े शहरों में रहने वाले लोगों को कम से कम ₹20 लाख का हेल्थ कवर लेने की सलाह क्यों दी जाती है? साथ ही समझिए कि शहर, हॉस्पिटल, प्राइवेट रूम और परिवार के सदस्यों की संख्या के हिसाब से कवर कैसे तय किया जाना चाहिए।

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टर्म, हेल्थ या होम इंश्योरेंस? किस बीमा में कितना कवर लेना है सही - एक्सपर्ट से जानिए

मुश्किल समय में परिवार को पैसों की परेशानी से बचाने के लिए सही इंश्योरेंस होना जरूरी है। इस वीडियो में टर्म इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, होम इंश्योरेंस और मोटर इंश्योरेंस से जुड़े जरूरी सवालों के आसान जवाब दिए गए हैं। जानिए अपनी सालाना कमाई के हिसाब से कितना टर्म इंश्योरेंस लेना चाहिए और बड़े शहरों में हेल्थ इंश्योरेंस का कवर कितना होना चाहिए। साथ ही समझिए कि होम इंश्योरेंस में घर की बिल्डिंग और घर के अंदर रखा सामान कैसे कवर होता है। वीडियो में यह भी बताया गया है कि सिर्फ थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस क्यों काफी नहीं है और जीरो डेप्रिसिएशन व इंजन प्रोटेक्टर कवर कब काम आते हैं। कोई भी पॉलिसी लेने से पहले यह पूरी जानकारी जरूर देखें।