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बार-बार EMI लेट भर रहे हैं? बैंक उठा सकता है बड़ा कदम, जान लें खतरा

कई कारणों की वजह से अक्सर लोग अपनी लोन की ईएमआई भरने में देरी कर देते हैं, लेकिन बार-बार अपनी लोन की ईएमआई देर से भरना या पेमेंट डिफॉल्ट करने से आपको कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। चलिए जानते हैं क्या होगा अगर आप अपने होम लोन की ईएमआई को समय से नहीं भरते।

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AI Generated Image

अपना खुद का घर खरीदने का सपना पूरा करने के लिए कई लोग अक्सर बैंक से लोन लेते हैं, जिसकी ईएमआई (EMI) उन्हें बैंकों को भरनी पड़ती है। कई कारणों की वजह से अक्सर लोग अपनी लोन की ईएमआई भरने में देरी कर देते हैं, लेकिन बार-बार अपनी लोन की ईएमआई देर से भरना या पेमेंट डिफॉल्ट करने से आपको कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। चलिए जानते हैं क्या होगा अगर आप अपने होम लोन की ईएमआई को समय से नहीं भरते।

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पहली बार अपनी होम लोन ईएमआई को देर से देने पर आपको शायद कुछ महसूस न हो। बैंक बस आपको याद दिलाने के लिए एक रिमाइंडर मैसेज भेजते हैं। लोग भी अक्सर इन मैसेज पर ध्यान नहीं देते, उन्हें लगता है कि वे अगले महीने इस रुकी हुई ईएमआई को भर देंगे।

लेकिन अगर आप लंबे समय तक अपनी होम लोन ईएमआई भरने में देरी करते हैं, तो ऐसे में यह कदम आपको कई तरह की कानूनी और वित्तीय परेशानियों में लाकर खड़ा कर सकता है। एक मामूली मैसेज से शुरू हुई यह कहानी कानूनी कार्यवाही तक जा सकती है।   

EMI मिस करने पर क्या होता है?

  1. अगर आपने पहली बार अपनी होम लोन ईएमआई देने में देरी की, तो इसके लिए लोन देने वाली संस्था जैसे बैंक आपको केवल एक रिमाइंडर मैसेज भेजते हैं। इंडिया टुडे को गोयल गंगा डेवलपमेंट्स के डायरेक्टर अनुराग गोयल बताते हैं कि इसका मकसद आपको याद दिलाना होता है कि पेमेंट जल्दी भरें और आगे से ऐसा दोबारा न करें। बैंक इसके जरिए यह देखता है कि ईएमआई होने में देरी किस कारण से हुई और क्या यह स्थिति भविष्य में सुधर पाएगी या नहीं।

  2. अगर आप दूसरी बार भी लगातार अपनी होम लोन ईएमआई मिस करते हैं, तब ऐसे में आपका अकाउंट ओवरड्यू (Overdue) कैटेगरी में ट्रांसफर हो जाता है। बैंक से आने वाली कॉल्स बढ़ जाती हैं और साथ ही बैंक आपके इस डिले के बारे में क्रेडिट कंपनियों को भी जानकारी दे देता है। दूसरी बार ईएमआई मिस करने पर लोगों को अपनी क्रेडिट प्रोफाइल पर इसका बुरा असर देखने को मिलता है।

  3. गोयल कहते हैं कि तीसरी बार भी ईएमआई मिस करने पर आप बैंकों द्वारा तय की गई सीमा के पास पहुंच जाते हैं। ऐसे लोन जो लंबे समय से भरे नहीं गए हैं, बैंक उन्हें नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) की कैटेगरी में डाल देता है। ऐसा करने से संस्थाओं के पास अपने पैसे रिकवर करने के लिए कानूनी रास्ते भी खुल जाते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कर्ज देने वाली संस्थाएं लीगल नोटिस भी जारी कर सकती हैं, हालाँकि ऐसा तुरंत नहीं होता।

गिरती है क्रेडिट रेटिंग

लगातार अपनी ईएमआई भरने में देरी करने का सबसे बुरा असर आपकी क्रेडिट रेटिंग पर पड़ता है। एक बार बैंक क्रेडिट कंपनियों को आपके डिफॉल्ट की जानकारी दे देता है, तो इसके बाद आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को भारी नुकसान होता है। इससे भविष्य में लोन लेने की आपकी क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। क्रेडिट कंपनियां आपकी लोन अर्जी को रिजेक्ट करने के साथ-साथ आपसे ज़्यादा इंटरेस्ट की भी मांग कर सकती हैं।

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बढ़ता है ब्याज और पेनल्टी चार्जेस

क्रेडिट रेटिंग खराब होने के साथ-साथ, कर्ज लेने वालों को कई अलग परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। संस्थाएं आपके ऊपर लेट फीस (Late Fees) और पीनल इंटरेस्ट (Penal Interest) लगा सकती हैं, जो तब तक नहीं हटेगा जब तक आप अपना सारा बकाया भर न दें।

बातचीत से सुलझाएं समस्या

एक्सपर्ट्स के अनुसार होम लोन ईएमआई न भर पाने की स्थिति में सबसे अच्छा उपाय यह है कि आप अपनी परेशानियों को कर्ज देने वाली संस्थाओं को पहले से ही बता दें। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि होम लोन लेने वालों को अपनी समस्या बैंकों को जल्द से जल्द बता देनी चाहिए। ऐसे में बैंक आपको कई तरह के दूसरे ऑप्शंस दे सकता है, जैसे कि आपकी लोन की अवधि बढ़ाना या लोन से जुड़े नियमों को रीस्ट्रक्चर करना। अपने बैंक के साथ सहयोग करने से आप उनके साथ मिलकर अपने लिए सही फैसला ले पाएंगे।

एक्शन लेने में न करें देरी

बार-बार ईएमआई मिस होने पर आपको अपने फाइनेंस की जांच कर लेनी चाहिए और साथ ही कर्ज देने वाली संस्थाओं के साथ सहयोग करना चाहिए। बैंकों द्वारा भेजे गए नोटिस और मैसेज को कभी नज़रअंदाज़ न करें, ये आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।

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