Gold-Silver ETF में नए निवेश पर रोक, दिवाली से पहले म्यूचुअल फंड्स के इस फैसले से कैसे बदलेगी सोने-चांदी की खरीदारी?
दिवाली और धनतेरस से पहले गोल्ड-सिल्वर ETF में नए निवेश पर लगी रोक ने निवेशकों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर म्यूचुअल फंड कंपनियों ने त्योहारों से ठीक पहले यह कदम क्यों उठाया? क्या इससे सोने-चांदी की खरीदारी प्रभावित होगी? जानिए एक्सपर्ट अनुज गुप्ता की राय।

In Short
- दिवाली और धनतेरस से पहले कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने गोल्ड-सिल्वर ETF FoF में नए SIP, एकमुश्त निवेश और STP पर लगाई रोक।
- त्योहारों के दौरान सोने-चांदी में बढ़ती मांग और निवेशकों के बीच FOMO की आशंका को लेकर फंड हाउस सतर्क।
- एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, पाबंदी अस्थायी हो सकती है और दिवाली के बाद निवेश की सुविधाएं दोबारा शुरू होने की उम्मीद।
त्योहारों के सीजन से ठीक पहले गोल्ड और सिल्वर ETF फंड ऑफ फंड्स में नए निवेश पर लगी पाबंदियों से निवेशकों की खरीदारी का तरीका बदल सकता है। कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने इन स्कीमों में फिलहाल नए निवेश रोक दिए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या धनतेरस और दिवाली पर लोग डिजिटल निवेश के बजाय फिजिकल सोना-चांदी खरीदना ज्यादा पसंद करेंगे। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि यह पाबंदी फिलहाल शॉर्ट टर्म के लिए हो सकती है और दिवाली के बाद म्यूचुअल फंड कंपनियां इन स्कीमों में नए निवेश की सुविधा दोबारा शुरू कर सकती हैं।
गोल्ड-सिल्वर ETF FoF में नए निवेश पर रोक क्यों?
कई म्यूचुअल फंड हाउस ने गोल्ड और सिल्वर ETF FoF में फिलहाल नए SIP, एकमुश्त निवेश और STP ट्रांजैक्शन रोक दिए हैं। पिछले कुछ समय से इन स्कीमों में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही थी।
दरअसल, ETF FoF के जरिए निवेशक बिना फिजिकल सोना-चांदी खरीदे इनमें निवेश कर सकते हैं। इसमें न तो सोना रखने की चिंता होती है और न ही ज्वेलरी की तरह मेकिंग चार्ज देना पड़ता है। यही वजह है कि रिटेल निवेशकों के बीच यह विकल्प लोकप्रिय हो रहा था।
त्योहारों से पहले क्यों लिया गया फैसला?
कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, त्योहारों के दौरान गोल्ड और सिल्वर ETF में खरीदारी बढ़ना तय है। हालांकि, फंड हाउस इस बात को लेकर सतर्क हैं कि कहीं निवेशकों में FOMO यानी खरीदारी का मौका छूट जाने का डर पैदा न हो जाए।
उनका मानना है कि अगर डिजिटल निवेश के रास्ते पूरी तरह खुले रहते हैं, तो धनतेरस और दिवाली जैसे शुभ मौकों पर बड़ी संख्या में निवेशक एक साथ खरीदारी कर सकते हैं। इससे बाजार में अचानक मांग बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
फिजिकल सोने-चांदी की खरीदारी पर क्या होगा असर?
भारत में धनतेरस, दिवाली और शादी के सीजन में सोने-चांदी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। अनुज गुप्ता के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले आयात पहले ही कम है। ऐसे में त्योहारों के दौरान अचानक मांग बढ़ने से कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
ETF FoF में नए निवेश रुकने से कुछ खरीदार फिजिकल सोने-चांदी या दूसरे डिजिटल विकल्पों की तरफ जा सकते हैं।
दिवाली के बाद फिर शुरू होगा निवेश?
अनुज गुप्ता का मानना है कि यह पाबंदी लंबे समय के लिए नहीं है। उनके मुताबिक, दिवाली के बाद फंड हाउस इन सेवाओं को दोबारा शुरू कर सकते हैं।
उन्होंने साफ किया कि यह कदम फिलहाल शॉर्ट टर्म के नजरिए से देखा जाना चाहिए। यानी गोल्ड और सिल्वर में निवेश की मांग खत्म नहीं हुई है, बल्कि खरीदारी के विकल्प कुछ समय के लिए सीमित हुए हैं। अब देखना होगा कि त्योहारों के दौरान निवेशक फिजिकल सोने-चांदी को कितना महत्व देते हैं।

