आपका Flexi Cap Fund कितना ‘फ्लेक्सी’? जानिए टॉप 10 फंड्स में लार्ज, मिड और स्मॉल कैप निवेश का बड़ा अंतर
फ्लेक्सी कैप फंड का नाम एक जैसा है लेकिन इनके पोर्टफोलियो की तस्वीर काफी अलग है। कहीं लार्ज कैप में 91% तक निवेश है तो कहीं मिड और स्मॉल कैप की हिस्सेदारी 43% से ज्यादा है। ऐसे में फंड चुनने से पहले सिर्फ नाम नहीं बल्कि उसका पूरा निवेश पैटर्न समझना जरूरी है।

In Short
- टॉप 10 फ्लेक्सी कैप फंड्स में लार्ज कैप निवेश 56.47% से लेकर 91.01% तक है।
- आदित्य बिड़ला सन लाइफ फ्लेक्सी कैप में मिड और स्मॉल कैप की कुल हिस्सेदारी 43.53% है।
- जुलाई 2026 में फ्लेक्सी कैप फंड्स में ₹4,709 करोड़ का निवेश आया जबकि एयूएम ₹15.61 लाख करोड़ रहा।
फ्लेक्सी कैप फंड का नाम सुनकर अक्सर लगता है कि इसमें पैसा लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप तीनों तरह की कंपनियों में अच्छी तरह बंटा होगा। लेकिन हर फंड का निवेश करने का तरीका अलग हो सकता है। टॉप 10 फ्लेक्सी कैप फंड्स के पोर्टफोलियो को देखें तो इनके निवेश में बड़ा अंतर दिखाई देता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि किस फंड ने आपका पैसा आखिर कहां और कितना लगाया है।
लार्ज कैप में निवेश 56.47% से 91.01% तक
टॉप 10 फ्लेक्सी कैप फंड्स के आंकड़ों में लार्ज कैप निवेश काफी अलग है। पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड के इक्विटी पोर्टफोलियो का 91.01% हिस्सा लार्ज कैप शेयरों में है। मिड कैप में 3.95% और स्मॉल कैप में 5.04% निवेश है। यानी फ्लेक्सी कैप होने के बावजूद इस फंड का इक्विटी पोर्टफोलियो काफी हद तक लार्ज कैप पर टिका है।
पराग पारिख में इक्विटी निवेश सबसे कम
इन 10 फंड्स में पराग पारिख फ्लेक्सी कैप का कुल इक्विटी निवेश सबसे कम 81.37% है। फंड ने 8.05% पैसा डेट में, 4.17% रियल एस्टेट में और 6.42% कैश और उसके बराबर विकल्पों में रखा है। इसलिए ज्यादा मिड और स्मॉल कैप निवेश चाहने वालों के लिए केवल फंड की कैटेगरी देखकर फैसला करना सही नहीं होगा।
आदित्य बिड़ला फंड में मिड और स्मॉल कैप का बड़ा हिस्सा
आदित्य बिड़ला सन लाइफ फ्लेक्सी कैप के इक्विटी पोर्टफोलियो में लार्ज कैप निवेश 56.47% है। वहीं मिड कैप में 27.17% और स्मॉल कैप में 16.36% निवेश है। दोनों को मिलाकर मिड और स्मॉल कैप का हिस्सा 43.53% हो जाता है। यूटीआई फ्लेक्सी कैप में 27.07% मिड कैप और 12.75% स्मॉल कैप निवेश है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल में स्मॉल कैप निवेश 25% से ज्यादा
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्लेक्सीकैप फंड के इक्विटी पोर्टफोलियो में 64.68% लार्ज कैप, 10.03% मिड कैप और 25.29% स्मॉल कैप निवेश है। मिड और स्मॉल कैप को मिलाकर इसका हिस्सा 35.32% हो जाता है। छोटी कंपनियों के शेयरों में तेजी या गिरावट आने पर ऐसे फंड का प्रदर्शन ज्यादा लार्ज कैप निवेश वाले फंड से अलग हो सकता है।
बाकी बड़े फ्लेक्सी कैप फंड्स का हाल
एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप में कुल इक्विटी निवेश 94.04% है। इक्विटी हिस्से में 76.75% लार्ज कैप, 14.05% मिड कैप और 9.20% स्मॉल कैप है। कोटक फ्लेक्सीकैप में 98.45% इक्विटी है, जिसमें 73.18% लार्ज कैप, 23.59% मिड कैप और 3.23% स्मॉल कैप है।
एसबीआई फ्लेक्सीकैप में 97.78% इक्विटी है। इसके इक्विटी पोर्टफोलियो में 63.35% लार्ज कैप, 22.93% मिड कैप और 13.72% स्मॉल कैप है। फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप में 95.61% इक्विटी है, जिसमें 77.48% लार्ज कैप, 10.85% मिड कैप और 11.67% स्मॉल कैप निवेश है।
एक्सिस फ्लेक्सी कैप में इक्विटी निवेश 94.69% और डेट 6.45% है। इक्विटी पोर्टफोलियो में 61.99% लार्ज कैप, 21.31% मिड कैप और 16.70% स्मॉल कैप है। केनरा रोबेको फ्लेक्सी कैप में 96.34% इक्विटी है, जिसमें 74.26% लार्ज कैप, 20.64% मिड कैप और 5.10% स्मॉल कैप निवेश है।
फंड चुनते समय सिर्फ नाम देखना काफी नहीं
निवेशकों को फ्लेक्सी कैप फंड चुनते समय लार्ज, मिड और स्मॉल कैप निवेश के साथ कुल इक्विटी, डेट और कैश होल्डिंग भी देखनी चाहिए। क्योंकि 90% से ज्यादा लार्ज कैप निवेश वाला फंड उस फंड से काफी अलग प्रदर्शन कर सकता है, जिसमें मिड और स्मॉल कैप का हिस्सा ज्यादा है।
जुलाई में फ्लेक्सी कैप फंड्स में आए ₹4,709 करोड़
जुलाई 2026 में फ्लेक्सी कैप फंड्स में ₹4,709 करोड़ का निवेश आया, जो मई 2025 के बाद सबसे कम मासिक निवेश है। हालांकि इस कैटेगरी का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी एयूएम ₹15.61 लाख करोड़ रहा। स्मॉल कैप फंड्स में ₹7,767 करोड़ और मिड कैप फंड्स में ₹6,192 करोड़ आए। जुलाई में स्मॉल कैप फंड्स का औसत रिटर्न 0.81% और मिड कैप फंड्स का 1.34% रहा।
लार्ज कैप फंड्स से जुलाई में ₹1,321 करोड़ की निकासी हुई, लेकिन इनका औसत रिटर्न 1.90% रहा, जो इन कैटेगरी में सबसे ज्यादा था। आंकड़े बताते हैं कि नए निवेश के लिए निवेशकों ने स्मॉल और मिड कैप फंड्स को ज्यादा पसंद किया। वहीं फ्लेक्सी कैप में निवेश की रफ्तार धीमी रही, हालांकि एयूएम के लिहाज से यह कैटेगरी अब भी काफी बड़ी है।

