
क्या एसबीआई के लाखों ग्राहकों का डेटा हुआ लीक? हैकर का दावा
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI से जुड़े लाखों डेटा रिकॉर्ड लीक होने के दावे ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। एक हैकर ने बैंकिंग दस्तावेज और निजी जानकारी सार्वजनिक करने का दावा किया है। आखिर क्या है पूरा मामला और ग्राहकों के लिए कितना बड़ा खतरा हो सकता है? जानिए।

In Short
- SBI से जुड़े 3.75 लाख डेटा रिकॉर्ड और 2,722 PDF दस्तावेज लीक होने का हैकर ने किया दावा।
- कथित डेटा में ग्राहकों की निजी जानकारी, लोन आवेदन और बैंक अकाउंट खोलने के दस्तावेज शामिल होने की बात।
- CyberPulse ने संभावित वित्तीय धोखाधड़ी और पहचान की चोरी का खतरा जताया, लेकिन डेटा लीक की पुष्टि अभी नहीं हुई।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। एक हैकर ने दावा किया है कि उसने बैंक से जुड़े ग्राहकों की निजी जानकारी और हजारों बैंकिंग दस्तावेज लीक किए हैं। दावा है कि इस डेटा में करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड और 2,700 से ज्यादा PDF दस्तावेज शामिल हैं। हालांकि, अभी तक इस कथित डेटा लीक की पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि SBI के सिस्टम में किसी तरह की सेंध लगी है या नहीं।
किसने किया SBI का डेटा लीक होने का दावा?
साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देने वाली कंपनी CyberPulse ने 16 अक्टूबर को इस मामले की जानकारी दी थी। कंपनी के मुताबिक, Siriusim नाम के एक हैकर ने SBI से जुड़े ग्राहकों की जानकारी लीक करने का दावा किया है।
हैकर का कहना है कि उसके पास बैंक के ग्राहकों से जुड़े कई जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं। इनमें लोन आवेदन, बैंक अकाउंट खोलने के फॉर्म, ग्राहकों के पते और दूसरी निजी जानकारियां शामिल होने का दावा किया गया है।
3.75 लाख रिकॉर्ड और 2,722 PDF दस्तावेज का दावा
CyberPulse के मुताबिक, हैकर ने जिस डेटा को सार्वजनिक करने का दावा किया है, उसमें कई तरह की जानकारियां शामिल हैं।
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CSV फॉर्मेट में करीब 3,75,000 डेटा रिकॉर्ड
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कुल 2,722 PDF दस्तावेज
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ग्राहकों की निजी जानकारी
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लोन आवेदन और उनसे जुड़े दस्तावेज
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बैंक अकाउंट खोलने के आवेदन
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ग्राहकों के पते और आवेदन से जुड़ी दूसरी जानकारियां
CyberPulse के अनुसार, हैकर ने इसे इस डेटासेट का पहला खुलासा बताया है।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि 3.75 लाख रिकॉर्ड का मतलब जरूरी नहीं कि 3.75 लाख अलग-अलग ग्राहकों की जानकारी लीक हुई हो। इनमें एक ही ग्राहक से जुड़े कई रिकॉर्ड भी हो सकते हैं।

ग्राहकों के लिए कितना बड़ा खतरा?
CyberPulse ने चेतावनी दी है कि अगर यह डेटा असली साबित होता है, तो ग्राहकों के लिए गंभीर परेशानी खड़ी हो सकती है।
कंपनी के मुताबिक, निजी जानकारी गलत हाथों में पहुंचने से पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी लोन आवेदन और फिशिंग हमलों का खतरा बढ़ सकता है।
बैंकिंग दस्तावेजों में मौजूद निजी जानकारी का इस्तेमाल अपराधी ग्राहकों की पहचान का गलत फायदा उठाने और वित्तीय धोखाधड़ी करने के लिए कर सकते हैं।
क्या SBI ने डेटा लीक की पुष्टि की?
फिलहाल इस कथित डेटा लीक की सच्चाई सामने नहीं आई है। यह भी पता नहीं चला है कि डेटा कहां से हासिल किया गया और इसमें कितनी जानकारी असली है।
CyberPulse ने SBI से मामले की जांच करने और ग्राहकों का डेटा प्रभावित होने की स्थिति में उन्हें आधिकारिक माध्यमों से जानकारी देने की अपील की है।

