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8 अक्टूबर को GST Council की बैठक; ITC रिफंड, रजिस्ट्रेशन सहित इन अहम प्रस्तावों पर हो सकती है चर्चा

GST Council की 57वीं बैठक 8 अक्टूबर को होने जा रही है। इस बार नजर टैक्स की दरों से ज्यादा GST से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं पर रहेगी। ITC Refund से लेकर Registration और Return Filing तक कई अहम प्रस्ताव चर्चा में आ सकते हैं। जानिए बैठक में क्या-क्या बदल सकता है।

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AI Generated Image

In Short

  • 57वीं GST Council की बैठक 8 अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगी।
  • बैठक में ITC Refund, E-Invoicing और GST Compliance को आसान बनाने पर चर्चा हो सकती है।
  • GST Rates में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, फोकस Process और Compliance Reforms पर रह सकता है।

GST Council की 57वीं बैठक 8 अक्टूबर को नई दिल्ली में होने वाली है। इस बैठक में टैक्स की दरों में बड़े बदलाव के बजाय GST से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर ज्यादा फोकस रहने की उम्मीद है। सरकार की कोशिश GST Compliance को आसान करने, Input Tax Credit यानी ITC का दायरा बढ़ाने और Refund की प्रक्रिया तेज करने की है। फिलहाल GST की मौजूदा Rate Structure में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।

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यह बैठक पहले 7 अक्टूबर को होने वाली थी, लेकिन अब इसे 8 अक्टूबर के लिए री-शेड्यूल किया गया है। बैठक नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगी। हालांकि, इसका औपचारिक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

GST 2.0 के Process Reforms पर फोकस

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने International Tax Research and Analysis Foundation यानी ITRAF के एक कार्यक्रम में कहा था कि अगली GST Council बैठक में GST 2.0 के 'Process' वाले हिस्से पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने खास तौर पर E-Invoicing और Input Tax Credit से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया था।

इससे पहले सितंबर 2025 में GST Council ने Rate Rationalisation की प्रक्रिया की थी। अब सरकार नियमों और प्रक्रियाओं को ज्यादा आसान बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

ITC Refund के नियमों में हो सकता है बदलाव

बैठक में Inverted Duty Structure के तहत जमा हुए Input Tax Credit के Refund का दायरा बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। इसमें Input Services और Capital Goods से जुड़े Credit को भी शामिल करने पर विचार किया जा सकता है।

Input Services से जुड़े Refund को मौजूदा वित्त वर्ष में लागू किया जा सकता है, जबकि Capital Goods से जुड़े बदलाव अप्रैल 2027 से लागू करने पर विचार हो सकता है।

छोटे कारोबारियों के लिए आसान हो सकता है रजिस्ट्रेशन

E-Commerce Platforms के जरिए सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों के लिए GST Registration की प्रक्रिया आसान करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके लिए Technology और Artificial Intelligence यानी AI का ज्यादा इस्तेमाल किया जा सकता है।

Image Credit : Aaj Tak

एक और बड़ा प्रस्ताव GST कानून में गिरफ्तारी के अधिकार से जुड़ा है। Council GST अधिकारियों से Taxpayers को गिरफ्तार करने का अधिकार हटाने पर विचार कर सकती है। हालांकि, जानबूझकर Fraud और गंभीर मामलों में Prosecution जारी रह सकता है। इसके लिए कानून में बदलाव करना होगा और संसद की मंजूरी भी जरूरी होगी।

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Export और Return Filing पर भी नजर

विदेशों में भारतीय कंपनियों की Branches के जरिए दी जाने वाली Services से जुड़े नियमों में बदलाव पर भी विचार हो सकता है। इससे Technology और Business Process Outsourcing कंपनियों को राहत मिल सकती है, जो ऐसी Services के Tax Treatment को लेकर Litigation का सामना कर रही हैं।

Return Filing में भी बदलाव पर चर्चा हो सकती है। ₹5 करोड़ तक Turnover वाले और Unregistered Persons को Supply करने वाले कारोबारियों के लिए Quarterly Tax Payment के साथ Optional Annual Return का प्रस्ताव चर्चा में है।

GST Rates में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं

सरकार का व्यापक लक्ष्य GST Compliance को आसान करना, विवाद कम करना और ITC तथा Refund की प्रक्रिया बेहतर करना है। इन सुधारों को एक साथ लागू करने के बजाय 2027 तक धीरे-धीरे लागू किए जाने की उम्मीद है।

अधिकारियों के मुताबिक, GST Rates की समीक्षा साल में एक बार से ज्यादा न करने और किसी बदलाव को वित्त वर्ष के बीच में लागू करने के बजाय 1 अप्रैल से लागू करने पर जोर रह सकता है।

8 अक्टूबर की बैठक में नए बड़े Rate Rationalisation की उम्मीद नहीं है। हालांकि, UPI Transactions पर Merchant Discount Rate यानी MDR से जुड़े GST का मुद्दा चर्चा में उठ सकता है, लेकिन फिलहाल यह औपचारिक एजेंडे का हिस्सा नहीं है। कुछ राज्य GST Revenue और पिछले Rate Rationalisation के बाद उसके असर से जुड़ी चिंताएं भी बैठक में उठा सकते हैं।

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