Gold Price: दिवाली से पहले सस्ता हुआ सोना! अभी खरीदें या और गिरेंगे दाम? जानें क्या कहते हैं बाजार के संकेत
Gold Price Today: दिवाली और धनतेरस से पहले सोना खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कीमतों में गिरावट राहत लेकर आई है। MCX पर सोना 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व का अगला फैसला बाजार की चाल बदल सकते हैं। क्या अभी खरीदारी करना सही रहेगा या इंतजार करना बेहतर होगा?

In Short
- MCX पर सोना 0.42% गिरकर ₹1,47,300 प्रति 10 ग्राम पर आया।
- महंगे कच्चे तेल और ब्याज दरों की चिंता से सोने पर दबाव।
- अमेरिकी फेड की 27-28 अक्टूबर की बैठक पर निवेशकों की नजर।
दिवाली और धनतेरस से पहले सोना खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। आमतौर पर त्योहारों और शादी के सीजन में सोने की खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन इस बार कीमतों में नरमी आई है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या दिवाली तक सोना और सस्ता होगा या फिर कीमतों में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर खबर लिखे जाने तक सोना 0.42% गिरकर 1,47,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.3% गिरकर 4,128.92 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.3% गिरकर 4,148.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
सोने की कीमतों में क्यों आ रही गिरावट?
सोने की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। मध्य पूर्व में नए भू-राजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड का भाव करीब पांच महीने के ऊंचे स्तर के आसपास पहुंच गया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब के ऊर्जा, हवाई अड्डे और सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है। इससे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है।
महंगा कच्चा तेल महंगाई बढ़ा सकता है। ऐसे में केंद्रीय बैंक ब्याज दरें घटाने में सावधानी बरत सकते हैं। चूंकि सोने पर ब्याज नहीं मिलता, इसलिए ऊंची ब्याज दरें इसकी मांग पर दबाव डाल सकती हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर नजर
सोने की कीमतों के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर को होने वाली बैठक अहम मानी जा रही है। निवेशक ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
हालिया बयानों से अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना कम दिखाई दे रही है। हालांकि, रिपोर्ट में दिए गए CME FedWatch Tool के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना 92% बताई गई है।
अगर फेड ब्याज दरें स्थिर रखता है, तो सोने को कुछ सहारा मिल सकता है। वहीं, लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के संकेत कीमतों पर दबाव बढ़ा सकते हैं।
दिवाली तक सोना और सस्ता होगा?
आने वाले दिनों में सोने की चाल कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर निर्भर करेगी।
अगर महंगाई और ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका बढ़ती है, तो सोने पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, ब्याज दरों को लेकर नरम संकेत मिलने पर कीमतों में सुधार संभव है।
ऐसे में दिवाली पर सोना खरीदने वालों को कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल यह तय नहीं है कि सोना और सस्ता होगा या दोबारा महंगा हो जाएगा।

