
AI बाजार में गिरावट आई तो भारत को भी लगेगा झटका! IMF ने IT सेक्टर और विदेशी निवेश को लेकर दी चेतावनी
दुनियाभर में AI को लेकर निवेश तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसमें बड़ी गिरावट भारत के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। IMF ने भारतीय IT सेक्टर और विदेशी निवेश को लेकर अहम चेतावनी दी है। आखिर भारत पर इसका कितना असर पड़ सकता है और क्या हैं इसके पीछे की वजहें?

In Short
- AI बाजार में बड़ी गिरावट आने पर भारत से विदेशी निवेश निकलने का खतरा बढ़ सकता है।
- IMF ने भारतीय IT सेक्टर, सॉफ्टवेयर और बैक ऑफिस सेवाओं पर AI के संभावित असर को लेकर चेताया।
- IMF के मुताबिक, कंपनियों की कमाई उम्मीद से कमजोर रही तो AI शेयरों में बड़ी बिकवाली देखने को मिल सकती है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर दुनियाभर में तेजी से निवेश हो रहा है, लेकिन अगर AI से जुड़े शेयरों में बड़ी गिरावट आती है, तो इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चेतावनी दी है कि वैश्विक AI बाजार में किसी बड़े करेक्शन से भारत में विदेशी निवेश प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा देश के IT सेक्टर और बैक ऑफिस सेवाओं के सामने भी नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। IMF के मॉनेटरी एंड कैपिटल मार्केट्स डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर अथानासियोस वामवाकिडिस ने बिजनेस टुडे की करिश्मा असूदानी से बातचीत में इन खतरों के बारे में बताया।
AI बाजार में गिरावट से भारत पर क्या असर पड़ेगा?
अथानासियोस वामवाकिडिस के मुताबिक, भारत की भागीदारी AI इकोसिस्टम में कुछ दूसरे देशों जितनी बड़ी नहीं है। इसके बावजूद अगर वैश्विक निवेशक जोखिम वाले बाजारों से पैसा निकालना शुरू करते हैं, तो भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि भले ही बाजार में गिरावट की शुरुआत उभरती अर्थव्यवस्थाओं से न हो, लेकिन जब निवेशक जोखिम कम करते हैं, तो इमर्जिंग मार्केट्स में आने वाला निवेश प्रभावित होता है। ऐसे हालात में भारत में विदेशी पूंजी का प्रवाह भी कमजोर पड़ सकता है।
भारतीय IT सेक्टर के सामने नई चुनौती
IMF ने भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर को लेकर भी चिंता जताई है। अथानासियोस वामवाकिडिस ने कहा कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से सॉफ्टवेयर, बैक ऑफिस ऑपरेशंस और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर असर पड़ने की आशंका है। भारत लंबे समय से इन क्षेत्रों में मजबूत स्थिति बनाए हुए है।
हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि AI से इन सेक्टरों को कितना नुकसान होगा। कई बार AI के कारण कारोबार प्रभावित होने की आशंका पर बाजार जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देता है। फिलहाल वास्तविक आर्थिक आंकड़ों में ऐसा असर दिखाई नहीं दे रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत के पास कुशल कर्मचारी और टेक्नोलॉजी से जुड़ी मजबूत क्षमताएं हैं, जो उसकी बड़ी ताकत हैं।

क्या AI शेयरों में बन रहा है बुलबुला?
अथानासियोस वामवाकिडिस के मुताबिक, फिलहाल AI कंपनियों के शेयरों का वैल्यूएशन बहुत ज्यादा नहीं माना जा सकता, क्योंकि कंपनियों की कमाई मजबूत बनी हुई है। लेकिन अगर भविष्य में कंपनियों के नतीजे उम्मीद से कमजोर आते हैं, तो शेयरों में बिकवाली बढ़ सकती है।
उन्होंने बढ़ती सरकारी बॉन्ड यील्ड को तत्काल चिंता बताया। इसमें और तेजी आने पर शेयर बाजार, बॉन्ड और क्रेडिट मार्केट के साथ वास्तविक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
भारत को IMF की क्या सलाह?
IMF ने भारत समेत दूसरी उभरती अर्थव्यवस्थाओं को अपनी वित्तीय स्थिति और बाहरी आर्थिक संतुलन मजबूत करने की सलाह दी है। अथानासियोस वामवाकिडिस के मुताबिक, आर्थिक बुनियाद में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन वैश्विक स्तर पर मुश्किल हालात से निपटने की गुंजाइश अभी सीमित है। ऐसे में किसी संभावित बाजार गिरावट के लिए पहले से तैयार रहना जरूरी है।

