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BS-VII New Rules: 2029 से कार और SUV के लिए बदलेंगे प्रदूषण के नियम! पुरानी BS-VI गाड़ियों पर क्या होगा असर?

भारत में कार और SUV से लेकर ट्रक और बसों तक के प्रदूषण नियम बदलने वाले हैं। सरकार ने BS-VII उत्सर्जन मानकों का ड्राफ्ट जारी किया है, जिन्हें 2029 से चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी है। नए नियमों में गाड़ियों के धुएं के साथ ब्रेक और टायर से होने वाले प्रदूषण पर भी नजर होगी। जानें पुरानी BS-VI गाड़ियों पर क्या असर पड़ेगा।

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2029 से बदलेंगे गाड़ियों के प्रदूषण नियम
2029 से बदलेंगे गाड़ियों के प्रदूषण नियम

In Short

  • भारत में अप्रैल 2029 से BS-VII उत्सर्जन मानक लागू करने का प्रस्ताव, तीन चरणों में होगा रोलआउट।
  • कार और SUV से लेकर ट्रक और बसों तक नए नियम, ब्रेक और टायर से होने वाले प्रदूषण पर भी सख्ती।
  • मौजूदा BS-VI गाड़ियों पर नए नियम लागू नहीं होंगे, सरकार ने 30 दिनों में मांगे सुझाव।

भारत में गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार नए नियम लाने की तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने BS-VII उत्सर्जन मानकों को लेकर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत अप्रैल 2029 से नए नियम लागू करने का प्रस्ताव है। खास बात यह है कि ये नियम सिर्फ गाड़ियों से निकलने वाले धुएं तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि ब्रेक और टायर से होने वाले प्रदूषण पर भी नजर रखी जाएगी।

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2029 से किन गाड़ियों पर लागू होंगे नए नियम?

सरकार ने BS-VII मानकों को तीन चरणों में लागू करने की योजना बनाई है।

पहला चरण अप्रैल 2029 से शुरू होगा। इसमें कारों और SUV को नए उत्सर्जन मानकों का पालन करना होगा।

दूसरा चरण अप्रैल 2030 से शुरू होगा, जिसमें छोटे मालवाहक और पिकअप वाहनों को शामिल किया जाएगा।

तीसरा चरण अप्रैल 2031 से शुरू होगा। इसमें ट्रक और बसों पर नए नियम लागू होने लगेंगे। पूरी प्रक्रिया अप्रैल 2035 तक चलने का प्रस्ताव है।

सिर्फ धुआं नहीं, ब्रेक और टायर से होने वाले प्रदूषण पर भी नजर

अभी तक उत्सर्जन नियमों में मुख्य रूप से गाड़ियों से निकलने वाले धुएं पर ध्यान दिया जाता था। लेकिन BS-VII में ब्रेक लगाने और टायर घिसने से निकलने वाले छोटे कणों को भी नियंत्रित करने का प्रस्ताव है।

नए नियम यूरो-7 मानकों के अनुरूप होंगे। कारों और SUV के लिए निगरानी में शामिल प्रदूषणकारी कणों के न्यूनतम आकार की सीमा 23 नैनोमीटर से घटाकर 10 नैनोमीटर करने का प्रस्ताव है। इससे बेहद छोटे कणों की भी जांच हो सकेगी।

गाड़ी कितना प्रदूषण कर रही है, कैसे चलेगा पता?

BS-VII नियमों के तहत वाहनों में ऑन-बोर्ड मॉनिटरिंग सिस्टम का प्रावधान होगा। इससे गाड़ी चलते समय उसके उत्सर्जन की निगरानी की जा सकेगी।

इसके अलावा ईंधन की खपत और वास्तविक सड़क परिस्थितियों में होने वाले उत्सर्जन की भी जांच होगी। नियम लागू होने के बाद स्वतंत्र परीक्षण एजेंसियां वाहनों की जांच कर सकेंगी।

पुरानी BS-VI गाड़ियों का क्या होगा?

जिन लोगों के पास पहले से BS-VI गाड़ियां हैं, उन्हें फिलहाल परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रस्तावित BS-VII मानक पुराने वाहनों पर लागू नहीं होंगे।

दोपहिया वाहनों के लिए नए नियमों की समयसीमा बाद में घोषित की जा सकती है।

फिलहाल ये नियम अंतिम नहीं हैं। सरकार ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन पर लोगों और संबंधित कंपनियों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।