कोहरे में ड्राइविंग करते समय न करें ये 10 गलतियां! छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो कोहरे में ड्राइविंग को हल्के में न लें। कम विजिबिलिटी में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। सफर पर निकलने से पहले जान लें ड्राइविंग के ये 10 जरूरी नियम, जो आपकी सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं।

In Short
- कोहरे में 34,266 सड़क हादसे और 14,617 मौतें।
- यूपी में कोहरे से 4,408 लोगों की मौत।
- लो बीम इस्तेमाल करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
सर्दियों की शुरुआत के साथ ही घने कोहरे का खतरा बढ़ने लगा है। दिवाली और छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग दिल्ली-NCR से उत्तर प्रदेश, बिहार और दूसरे राज्यों की ओर सफर करते हैं। ऐसे में हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के कारण हादसों का खतरा बढ़ जाता है। कम विजिबिलिटी, तेज रफ्तार और गाड़ियों के बीच कम दूरी कई बार गंभीर दुर्घटनाओं की वजह बनती है। ऐसे में सफर पर निकलने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।
कोहरे में सड़क हादसों के आंकड़े डराने वाले
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023 में देशभर में कुल 4,80,583 सड़क हादसे दर्ज किए गए। इनमें 1,72,890 लोगों की मौत हुई, जबकि 4,62,825 लोग घायल हुए।
वहीं, धुंध और कोहरे के दौरान 34,266 सड़क हादसे हुए। इन दुर्घटनाओं में 14,617 लोगों की जान गई और 30,646 लोग घायल हुए। यानी देश में दर्ज कुल सड़क हादसों में करीब 7.1 फीसदी दुर्घटनाएं कोहरे और धुंध के दौरान हुईं।
उत्तर प्रदेश के आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं। साल 2023 में राज्य में कोहरे और धुंध के दौरान 8,191 सड़क हादसे हुए, जिनमें 4,408 लोगों की मौत हुई। ऐसे में सर्दियों में लंबी दूरी का सफर करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
1. विजिबिलिटी के हिसाब से रखें गाड़ी की रफ्तार
घने कोहरे में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में सड़क पर जितनी दूर तक साफ दिखाई दे, उसी के हिसाब से स्पीड रखें। अगर सामने चल रही गाड़ी अचानक ब्रेक लगाती है, तो आपके पास गाड़ी रोकने के लिए पर्याप्त समय होना चाहिए।
2. हाई बीम की जगह लो बीम का इस्तेमाल करें
कोहरे में हाई बीम हेडलाइट जलाने से बचना चाहिए। तेज रोशनी कोहरे में मौजूद पानी की छोटी बूंदों से टकराकर वापस आती है, जिससे सामने देखना और मुश्किल हो जाता है। ऐसे में लो बीम का इस्तेमाल करें। जरूरत पड़ने पर फॉग लैंप भी जलाएं।
3. आगे चल रही गाड़ी से दूरी रखें
कोहरे में अचानक ब्रेक लगने पर पीछे से आने वाली गाड़ियां टकरा सकती हैं। इसलिए सामान्य मौसम के मुकाबले आगे चल रहे वाहन से ज्यादा दूरी बनाए रखें। इससे जरूरत पड़ने पर ब्रेक लगाने और गाड़ी संभालने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
4. ओवरटेक करने और अचानक ब्रेक लगाने से बचें
घने कोहरे में सामने से आने वाली गाड़ी या सड़क पर खड़ा वाहन देर से दिखाई दे सकता है। ऐसे में अचानक ब्रेक लगाने या ओवरटेक करने से हादसे का खतरा बढ़ता है। इसलिए अपनी स्पीड नियंत्रित रखें और सामने की सड़क साफ दिखाई दिए बिना ओवरटेक न करें।
5. सड़क के रिफ्लेक्टर और मार्किंग पर ध्यान दें
कोहरे में सड़क की सफेद पट्टियां, किनारे लगे रिफ्लेक्टर और कैट्स आई रास्ता पहचानने में मदद करते हैं। इनकी मदद से अपनी लेन में बने रहें। हालांकि, सिर्फ सड़क की मार्किंग के भरोसे गाड़ी न चलाएं और आसपास के वाहनों पर भी नजर रखें।
6. विंडशील्ड पर धुंध जमने न दें
सर्दियों में कार के अंदर और बाहर के तापमान में अंतर होने से विंडशील्ड पर भाप जम सकती है। इससे सामने देखना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में डिफॉगर का इस्तेमाल करें और जरूरत के मुताबिक एसी चालू रखें। सफर शुरू करने से पहले वाइपर और वॉशर भी चेक कर लें।
7. ट्रक और बस से बनाकर रखें दूरी
कोहरे में आगे चल रहे ट्रक या बस की टेललाइट देखकर उसके पीछे-पीछे चलना सुरक्षित नहीं है। भारी वाहन अचानक ब्रेक लगा सकता है या अपनी दिशा बदल सकता है। इसलिए ऐसे वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर आप समय रहते प्रतिक्रिया दे सकें।
8. हाईवे की चलती लेन में गाड़ी न रोकें
अगर कोहरा बहुत घना हो जाए, तो सबसे पहले गाड़ी की रफ्तार कम करें। लेकिन हाईवे या एक्सप्रेस-वे की चलती लेन में अचानक गाड़ी रोकने से बचें। अगर आगे बढ़ना सुरक्षित नहीं लग रहा है, तो सावधानी से बाईं ओर सुरक्षित जगह या सर्विस लेन में जाएं और जरूरत पड़ने पर हैजार्ड लाइट का इस्तेमाल करें।
9. सफर से पहले गाड़ी की जांच करें
लंबी यात्रा पर निकलने से पहले हेडलाइट, टेललाइट, फॉग लैंप, टायर, ब्रेक, वाइपर और डिफॉगर की जांच जरूर करें। इसके अलावा गाड़ी में फर्स्ट एड किट रखें और जरूरी दस्तावेज साथ लेकर चलें। कोहरे में छोटी-सी तकनीकी खराबी भी परेशानी बढ़ा सकती है।
10. नींद आने पर गाड़ी चलाना बंद करें
दिवाली और छठ पूजा के दौरान कई लोग रात में लंबा सफर तय करते हैं। लेकिन थकान और नींद हादसों का खतरा बढ़ा सकती है। अगर आंखें भारी हो रही हैं, लगातार जम्हाई आ रही है या ध्यान भटक रहा है, तो सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोककर आराम करें। चाय या कॉफी पीना पूरी नींद का विकल्प नहीं है।
बाइक चलाने वाले भी रहें सतर्क
कोहरे में मोटरसाइकिल चलाना भी चुनौतीपूर्ण होता है। बाइक सवारों को मजबूत हेलमेट पहनना चाहिए और उसका वाइजर साफ रखना चाहिए। रिफ्लेक्टिव जैकेट या चमकीले रंग के कपड़े पहनना मददगार हो सकता है। साथ ही हेडलाइट और टेललाइट चालू रखें, अपनी लेन में चलें और भारी वाहनों से दूरी बनाए रखें।
सफर पर निकलने से पहले मौसम का हाल जरूर देखें
अगर मौसम में घने कोहरे की चेतावनी है और सड़क पर विजिबिलिटी कम रहने की आशंका है, तो सफर का समय बदलने पर विचार करें। निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान, हाईवे की स्थिति और ट्रैफिक एडवाइजरी देख लें। खासकर देर रात और सुबह-सुबह यात्रा करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
दिवाली हो या छठ पूजा, घर पहुंचने की खुशी तभी पूरी होती है, जब सफर सुरक्षित रहे। इसलिए जल्दबाजी करने के बजाय गाड़ी की रफ्तार नियंत्रित रखें, सही लाइट का इस्तेमाल करें और थकान होने पर आराम करें। मंजिल पर थोड़ी देर से पहुंचना बेहतर है, लेकिन सुरक्षित पहुंचना सबसे जरूरी है।

