वेस्ट एशिया संघर्ष: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एयरपोर्ट और अरामको फैसिलिटी को बनाया निशाना

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के नजरान इलाके में एयरपोर्ट और अरामको फैसिलिटी पर ड्रोन हमले का दावा किया है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यह हमला हुआ है। ईरान के बयान और बाब अल मंडेब स्ट्रेट को लेकर नई चिंताओं ने क्षेत्रीय हालात को और गंभीर बना दिया है।

Advertisement

In Short

  • हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के नजरान एयरपोर्ट और अरामको फैसिलिटी को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया।
  • ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के बयान के बाद सऊदी अरब और हूती संघर्ष को लेकर तनाव बढ़ा।
  • बाब अल मंडेब स्ट्रेट पर हूती गतिविधियों से वैश्विक शिपिंग और तेल सप्लाई पर असर की चिंता बढ़ी।

By Gaurav Kumar:

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी इलाके नजरान में एयरपोर्ट और सरकारी तेल कंपनी अरामको की फैसिलिटी पर ड्रोन हमले करने का दावा किया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब वेस्ट एशिया में पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है और कई देश संघर्ष की चपेट में आ रहे हैं।

इस हमले के बाद इलाके में बढ़ते तनाव और हूती विद्रोहियों की अगली रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

हूती विद्रोहियों ने ड्रोन ऑपरेशन का किया दावा

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि संगठन ने दो सैन्य ऑपरेशन किए। पहला ऑपरेशन नजरान एयरपोर्ट में सऊदी अरब के एक संवेदनशील ठिकाने को निशाना बनाकर किया गया, जबकि दूसरा हमला नजरान में मौजूद अरामको फैसिलिटी पर किया गया।

हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान या किसी तरह के नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हूती संगठन इससे पहले भी सऊदी अरब के ठिकानों पर हमले करने का दावा करता रहा है।

ईरान के बयान के बाद बढ़ा दबाव

इससे पहले गुरुवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी थी कि सऊदी अरब हूती विद्रोहियों को रोकने में सक्षम नहीं होगा। ईरान के इस बयान के बाद क्षेत्रीय तनाव और ज्यादा बढ़ गया।

यमन पिछले एक दशक से ज्यादा समय से गृह युद्ध का सामना कर रहा है। जुलाई में हूती विद्रोहियों ने 2022 के सीजफायर को खत्म कर दिया था, जिसके बाद यह संघर्ष फिर तेज हो गया।

बाब अल मंडेब स्ट्रेट पर भी नजर

इस बीच यमन सरकार के एक मंत्री ने एएफपी को बताया कि हूती विद्रोही बाब अल मंडेब स्ट्रेट के आसपास जमीन पर कब्जा करने की योजना बना रहे हैं। यह इलाका दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है।

अगर हूती इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करते हैं तो इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और तेल सप्लाई पर असर पड़ सकता है। यमन सरकार की सेना और हूती विद्रोहियों के बीच इस इलाके में पहले भी संघर्ष होता रहा है।

सऊदी अरब के खिलाफ बढ़े हमले

पिछले महीने हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना में ईरानी विमान का स्वागत किया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी हमले तेज हो गए।

हूती विद्रोहियों ने बाद में सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री ब्लॉकेड की घोषणा की और उसके जहाजों एयरपोर्ट और तेल सुविधाओं को निशाना बनाने की बात कही। नजरान में किए गए ड्रोन हमले का दावा इसी बढ़ते तनाव का हिस्सा माना जा रहा है।

Read more!
Advertisement