यमुना में फिर दिखा जहरीला सफेद झाग, दिल्ली-NCR का AQI पहुंचा 168, सरकार ने उठाया ये कदम
दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों से पहले प्रदूषण की समस्या फिर गंभीर होती नजर आ रही है। यमुना नदी में सफेद झाग लौट आया है, जबकि राजधानी की हवा भी खराब हो रही है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कई पाबंदियां लागू की हैं। जानिए प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

In Short
- राजधानी क्षेत्र का AQI 168 पहुंचा, कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 180 के पार दर्ज किया गया।
- कालिंदी कुंज के पास नदी की सतह पर सफेद झाग की मोटी परत दिखाई दी, सफाई के प्रयासों पर फिर उठे सवाल।
- होटल और रेस्टोरेंट के तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक, डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या एक बार फिर बढ़ने लगी है। एक तरफ राजधानी की हवा खराब हो रही है, तो दूसरी तरफ यमुना नदी में जहरीला सफेद झाग दिखाई देने लगा है। कालिंदी कुंज के पास यमुना की सतह पर सफेद झाग की मोटी परत नजर आई है। वहीं, दिल्ली-NCR का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 168 तक पहुंच गया है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में GRAP-1 के तहत पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
दिल्ली-NCR में कितना पहुंचा AQI?
दिल्ली-NCR की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। क्षेत्र का कुल एयर क्वालिटी इंडेक्स 168 दर्ज किया गया है। हवा को प्रदूषित करने वाले प्रमुख तत्वों में PM2.5 और PM10 शामिल हैं।
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर भी अलग-अलग दर्ज किया गया है। श्रीनिवासपुरी स्थित PGDAV कॉलेज के पास AQI करीब 110 रहा, जबकि कई दूसरे इलाकों में यह 180 के पार पहुंच गया। राजधानी में सर्दियों की शुरुआत से पहले हवा की बिगड़ती स्थिति चिंता बढ़ा रही है।
दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, इन चीजों पर लगी रोक
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 21 अक्टूबर से दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का पहला चरण लागू कर दिया है।
GRAP-1 के तहत होटल, रेस्टोरेंट और खुले में खाना बेचने वाली दुकानों के तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगाई गई है। हालांकि, जरूरी और इमरजेंसी सेवाओं के लिए इनके इस्तेमाल की अनुमति है।
यमुना में फिर लौटा सफेद झाग
हवा के साथ-साथ दिल्ली में यमुना नदी का प्रदूषण भी चर्चा में है। कालिंदी कुंज के पास नदी के बड़े हिस्से में सफेद झाग की मोटी परत दिखाई दी है।
यमुना की सफाई और उसे दोबारा साफ बनाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। इसके बावजूद नदी में झाग का फिर दिखाई देना बताता है कि प्रदूषण की समस्या अभी खत्म नहीं हुई है।
यमुना की सफाई पर क्या बोलीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता?
यमुना में सफेद झाग दिखाई देने से कुछ दिन पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने करीब 9,000 करोड़ रुपये की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन किया था।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार पिछले डेढ़ साल से यमुना को साफ करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उनका लक्ष्य है कि आने वाले कुछ वर्षों में यमुना साफ हो और नदी का पानी बिना रुकावट बह सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साल भी करीब 9,000 से 10,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई थीं। हालांकि, कालिंदी कुंज में फिर दिखाई दे रहा सफेद झाग बताता है कि सर्दियों से पहले दिल्ली के सामने हवा और पानी, दोनों के प्रदूषण से निपटने की चुनौती बनी हुई है।