अभिजीत दीपके को फ्लाइट से हिरासत में लेने के लिए महिला पुलिसकर्मी ही क्यों पहुंचीं? जानें दिल्ली पुलिस की रणनीति
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले पुलिस की एक कार्रवाई चर्चा में है। अभिजीत दीपके समेत तीन नेताओं को एयरपोर्ट पर विमान के अंदर ही हिरासत में लिया गया। खास बात यह रही कि कार्रवाई के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भेजा गया था। आखिर दिल्ली पुलिस ने ऐसा क्यों किया? क्या इसके पीछे टकराव से बचने की रणनीति थी या कोई दूसरी वजह?

In Short
- दिल्ली एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके समेत तीन CJP नेता फ्लाइट से हिरासत में लिए गए।
- कार्रवाई के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के पीछे टकराव से बचना संभावित वजह।
- CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली में 400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट।
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को Cockroach Janta Party (CJP) के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान के अंदर ही हिरासत में ले लिया गया। खास बात यह रही कि तीनों नेताओं को हिरासत में लेने के लिए दिल्ली पुलिस ने महिला अधिकारियों को भेजा था।
हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि इस कार्रवाई के लिए महिला अधिकारियों को ही क्यों चुना गया।
महिला पुलिसकर्मियों को भेजने की क्या हो सकती है वजह?
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने विमान के अंदर किसी तरह के टकराव से बचने के लिए महिला अधिकारियों को भेजा हो सकता है।
विमान के अंदर आने-जाने की जगह काफी कम होती है। ऐसे में पुलिस और नेताओं के बीच मामूली धक्का-मुक्की भी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती थी।
इसके अलावा 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद CJP ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के आरोप लगाए थे। ऐसे में महिला अधिकारियों की तैनाती के पीछे किसी नए विवाद से बचने की कोशिश भी हो सकती है। हालांकि, इन संभावित वजहों की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।
फ्लाइट में क्या हुआ था?
जैसे ही पुलिसकर्मी विमान के अंदर पहुंचे, अभिजीत दीपके ने अपने फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। उनके साथ सौरव दास और आशुतोष रांका भी बैठे थे।
वीडियो में दीपके पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस विमान से उतरने का इंतजार भी कर सकती थी।
दीपके ने इस कार्रवाई को तानाशाही बताते हुए कहा कि वह गिरफ्तारी देने के लिए ही दिल्ली आए हैं। इस दौरान महिला पुलिस अधिकारी उनसे सहयोग करने की अपील करती रहीं।
कुछ देर की बहस के बाद तीनों नेताओं को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
जंतर-मंतर पर क्यों बुलाया गया प्रदर्शन?
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। संगठन ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध जताया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
दिल्ली में 400 से ज्यादा लोग हिरासत में
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन से पहले दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से 400 से ज्यादा संदिग्ध प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP की लीगल सेल प्रमुख रत्ना सिंह को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।
सुरक्षा के मद्देनजर राजधानी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और कई इलाकों में यातायात प्रतिबंध लगाए गए। CJP ने अपने नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है।