महाराष्ट्र का ऐसा हिल स्टेशन जहां कार-बाइक की नहीं है एंट्री, आखिर यहां कैसे घूमते हैं लोग?
महाराष्ट्र का माथेरान उन चुनिंदा हिल स्टेशनों में है जहां निजी मोटर गाड़ियों की एंट्री नहीं है। यहां घूमने के लिए पैदल चलना, घोड़े की सवारी और हाथ से खींचे जाने वाले रिक्शे का सहारा लेना पड़ता है। टॉय ट्रेन और शांत पहाड़ी रास्ते इस सफर को और खास बनाते हैं।

In Short
- माथेरान में निजी कार और बाइक की एंट्री पर रोक है
- पर्यटक पैदल, घोड़े या हाथ से खींचे जाने वाले रिक्शे से घूमते हैं
- अमन लॉज से माथेरान के बीच करीब 20 मिनट की टॉय ट्रेन चलती है
Matheran hill station: अगर आप ऐसी जगह घूमना चाहते हैं जहां ट्रैफिक, हॉर्न और गाड़ियों की भीड़ से दूरी मिले, तो महाराष्ट्र का माथेरान खास विकल्प हो सकता है। सह्याद्रि की पहाड़ियों के बीच बसे इस हिल स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मोटर गाड़ियों की एंट्री पर रोक है। यही वजह है कि यहां का माहौल बाकी कई हिल स्टेशनों से अलग और ज्यादा शांत महसूस होता है।
माथेरान में कैसे घूमते हैं लोग
माथेरान पहुंचने के बाद यहां कार या बाइक से घूमने का विकल्प नहीं मिलता। लोग पैदल, घोड़े या हाथ से खींचे जाने वाले रिक्शे से सफर करते हैं। लाल मिट्टी के रास्ते, घने जंगल, पुराने ब्रिटिश दौर के मकान और पहाड़ों के नजारे यहां की पहचान हैं।
माथेरान घूमने का सबसे अच्छा तरीका पैदल चलना माना जाता है। कई रास्ते जंगलों के बीच से होकर गुजरते हैं और ज्यादातर प्रमुख व्यू पॉइंट बाजार इलाके से कुछ किलोमीटर की दूरी पर हैं। आरामदायक जूते और पानी की बोतल साथ हो तो इन रास्तों पर घूमना आसान रहता है।
घोड़े और रिक्शे का भी विकल्प
जो लोग ज्यादा पैदल नहीं चलना चाहते, वे घोड़े की सवारी कर सकते हैं। माथेरान में घोड़े लंबे समय से आने-जाने का पारंपरिक साधन रहे हैं। इसके अलावा हाथ से खींचे जाने वाले रिक्शे भी मिलते हैं, जो बुजुर्गों और ज्यादा चलने में परेशानी वाले लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकते हैं।
टॉय ट्रेन का छोटा लेकिन खास सफर
अमन लॉज से माथेरान के बीच चलने वाली टॉय ट्रेन भी यहां की यात्रा का खास हिस्सा है। यह ट्रेन पहाड़ी रास्तों और हरियाली के बीच से गुजरती है। करीब 20 मिनट का यह सफर छोटा जरूर है, लेकिन अनुभव अलग देता है।
माथेरान हिल रेलवे को 1907 में बनाया गया था। इसका मकसद नरेल से हिल स्टेशन तक पहुंच आसान बनाना था।
माथेरान कैसे पहुंचें
ट्रेन से आने वाले यात्री पहले नरेल पहुंच सकते हैं, जो मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर है। सड़क से आने पर कार या टैक्सी से दास्तूरी पॉइंट तक पहुंचा जा सकता है। इसके आगे निजी मोटर गाड़ियों की एंट्री नहीं है। दास्तूरी पॉइंट से माथेरान करीब 2.5 किलोमीटर दूर है।
कब जाना बेहतर रहेगा
अक्टूबर से मई तक माथेरान घूमने के लिए मौसम अच्छा माना जाता है। वहीं जून से सितंबर के बीच बारिश में यहां हरियाली, झरने और धुंध देखने को मिलती है। हालांकि, इस दौरान रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं और तेज बारिश से सफर में परेशानी भी हो सकती है।