पासपोर्ट, पैन, वोटर कार्ड नागरिकता का दस्तावेज नहीं है तो फिर क्या? जानिए कैसे साबित होगा आप भारतीय हैं या नहीं

पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं है, आधार कार्ड नागरिकता का दस्तावेज नहीं है, वोटर आईडी कार्ड नागरिकता का दस्तावेज नहीं है। फिर क्या है? जानिए पूरी खबर।

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In Short

  • सरकार ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट, आधार और वोटर आईडी अकेले भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं।
  • भारत में नागरिकता किसी एक दस्तावेज से नहीं, बल्कि कानून और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर तय होती है।
  • जन्म, वंश, पंजीकरण या प्राकृतिककरण के आधार पर अलग-अलग दस्तावेज नागरिकता साबित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

By Gaurav Kumar:

Indian citizenship proof documents: सरकार ने हाल ही में साफ किया है कि पासपोर्ट नागरिकता (Citizenship) का प्रमाण नहीं, बल्कि यात्रा से जुड़ा दस्तावेज है। इससे पहले मतदाता सूची के SIR के दौरान यह भी कहा गया था कि वोटर आईडी कार्ड भी नागरिकता का प्रमाण नहीं है।

वहीं, आधार कार्ड केवल पहचान (Identity) का दस्तावेज है, नागरिकता का नहीं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि अगर ये दस्तावेज नागरिकता साबित नहीं करते, तो आखिर भारतीय नागरिक होने का प्रमाण क्या है और इसे कैसे साबित किया जा सकता है?

लोगों के मन में यह सवाल

1) पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं है, आधार कार्ड नागरिकता का दस्तावेज नहीं है, वोटर आईडी कार्ड नागरिकता का दस्तावेज नहीं है। फिर क्या है?

2) पासपोर्ट केवल भारतीयों को जारी किया जाता है, वह भी कई गहन जांच और वेरिफिकेशन के बाद, जो यह साबित करता है कि धारक नागरिक है। फिर इसे नागरिकता का सबूत क्यों नहीं माना जाए?

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पासपोर्ट को लेकर MEA ने क्या कहा?

24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पासपोर्ट का मुख्य काम भारतीय नागरिकों की विदेश यात्रा को आसान बनाना है। विदेश में यह व्यक्ति की राष्ट्रीयता (Nationality) बताता है, लेकिन कानूनी रूप से इसे हर स्थिति में नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता।

कैसे मिलती है भारतीय नागरिकता?

नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार भारत की नागरिकता पांच तरीकों से मिल सकती है।

  1. जन्म के आधार पर (Citizenship by Birth)
     
  2. वंश के आधार पर (Citizenship by Descent)
     
  3. पंजीकरण के जरिए (Citizenship by Registration)
     
  4. प्राकृतिककरण यानी Naturalisation के जरिए
     
  5. किसी नए क्षेत्र के भारत में शामिल होने पर (Incorporation of Territory)

क्या कोई एक ऐसा दस्तावेज है जो नागरिकता साबित करता हो?

इसका जवाब है नहीं। भारत में ऐसा कोई एक दस्तावेज नहीं है जो हर भारतीय नागरिक के लिए नागरिकता का अंतिम और सार्वभौमिक प्रमाण हो। नागरिकता इस बात पर निर्भर करती है कि किसी व्यक्ति ने नागरिकता किस आधार पर प्राप्त की है और उसके पास उससे जुड़े कौन-कौन से रिकॉर्ड मौजूद हैं।

किन लोगों के पास नागरिकता प्रमाणपत्र होता है?

जो लोग Registration या Naturalisation के जरिए भारतीय नागरिक बनते हैं, उन्हें सरकार नागरिकता प्रमाणपत्र (Citizenship Certificate) जारी करती है। यही उनके लिए नागरिकता का सीधा प्रमाण होता है।

लेकिन भारत के ज्यादातर लोग जन्म या वंश के आधार पर नागरिक होते हैं। ऐसे लोगों के पास आमतौर पर नागरिकता प्रमाणपत्र नहीं होता।

जन्म से नागरिक लोगों की नागरिकता कैसे साबित होती है?

अगर कोई व्यक्ति जन्म या वंश के आधार पर भारतीय नागरिक है, तो उसकी नागरिकता अलग-अलग दस्तावेजों के जरिए साबित की जाती है। इनमें जन्म की तारीख, जन्म स्थान, माता-पिता की नागरिकता और अन्य सरकारी रिकॉर्ड अहम भूमिका निभाते हैं।

कौन-कौन से दस्तावेज मदद कर सकते हैं?

जरूरत के हिसाब से इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है:

  • जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
  • माता-पिता का नागरिकता प्रमाणपत्र
  • माता-पिता के भारतीय नागरिक होने से जुड़े रिकॉर्ड
  • माता-पिता का भारतीय पासपोर्ट
  • जन्म, परिवार और राष्ट्रीयता से जुड़े अन्य सरकारी दस्तावेज

क्या पासपोर्ट का कोई महत्व नहीं है?

ऐसा बिल्कुल नहीं है। गृह मंत्रालय की नागरिकता संबंधी गाइडलाइन में कुछ मामलों, जैसे भारतीय नागरिक के पति-पत्नी, बच्चे या माता-पिता से जुड़े आवेदन में भारतीय पासपोर्ट को नागरिकता के समर्थन में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन सिर्फ पासपोर्ट होना हर कानूनी स्थिति में नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

क्या आधार, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस नागरिकता का सबूत हैं?

इसका जवाब है नहीं। आधार कार्ड पहचान (Identity) का दस्तावेज है। वोटर आईडी मतदान और चुनावी पंजीकरण से जुड़ा दस्तावेज है, जबकि ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने की अनुमति देता है। ये दस्तावेज अपनी-अपनी अलग जरूरतों के लिए बनाए गए हैं और अकेले इनके आधार पर नागरिकता साबित नहीं की जा सकती।

आखिर लोगों के मन में सवाल क्यों उठ रहे हैं?

हाल के दिनों में पहले वोटर आईडी, फिर आधार कार्ड और अब पासपोर्ट को लेकर आई सरकारी और कानूनी टिप्पणियों के बाद लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि भारतीय नागरिकता का असली प्रमाण क्या है। हालांकि कानून साफ कहता है कि भारत में नागरिकता किसी एक दस्तावेज से नहीं, बल्कि नागरिकता प्राप्त करने के आधार और उससे जुड़े दस्तावेजों के संयोजन से तय की जाती है।

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