पेट्रोल पंप पर हुआ बड़ा खेल! कार का टैंक 45 लीटर लेकिन बिल मिला 52 लीटर का

कानपुर में एक शख्स ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी नई वोक्सवैगन वर्चस कार के 45 लीटर टैंक में 52 लीटर का बिल आया। जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। पढ़िए पूरी खबर।

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By Gaurav Kumar:

कानपुर के एक शख्य ने हाल ही में अपनी नई कार में पेट्रोल भरवाने को लेकर हुई गड़बड़ी के लिए स्थानीय पेट्रोल पंप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। दरअसल, कानपुर के रहने वाले चरण सिंह ने हाल ही में नई Volkswagen Virtus कार खरीदी थी। वह अपनी नई कार लेकर स्थानीय पेट्रोल पंप पर गए। जहां पेट्रोल टेंक फुल करवाने पर उन्हें 52 लीटर पेट्रोल का बिल थमाया गया। यह देख सिंह के होश उड़ गए क्योंकि उसकी गाड़ी की पेट्रोल कैपेसिटी ही कुल 45 लीटर की है। 

45 लीटर के पेट्रोल टैंक पर थमाया 52 लीटर का बिल

सिंह ने कहा कि पेट्रोल पंप पर टैंक भरवाते समय मैंने देखा कि टैंक लगभग 41 लीटर पर रुक गया, और जब उन्होंने सवाल किया तो स्टाफ ने कहा कि बड़ी मात्रा में पेट्रोल दो किश्तों में दिया जाता है। इसके बाद टैंक फिर भरना शुरू हुआ और अंत में उन्हें 52 लीटर का बिल दिया गया। यह बिल कार की टैंक कैपेसिटी से मेल नहीं खाता। जिससे उन्हें शक हुआ कि कुछ गड़बड़ जरूर है।

तकनीकी सबूत जुटाकर की शिकायत

सिंह ने तकनीकी सबूत जुटाने के लिए सीधे वोक्सवैगन के रिप्रेजेंटेटिव को मौके पर बुलाया। कंपनी के अधिकारी ने बताया की कि वाहन का टैंक किसी भी स्थिति में 45 लीटर से अधिक नहीं भर सकता। इसके बावजूद पेट्रोल पंप के स्टाफ और प्रबंधन ने कोई ठोस जवाब नहीं दे पाएं

सिंह ने कहा कि यह केवल गलती नहीं बल्कि ऑर्गेनाइज्ड फ्रॉड और इसमें लोकल नाप-तोल ऑफिसर भी शामिल हो सकते है। उन्होंने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिला प्रशासन ने पेट्रोल पंप के डिस्पेंसिंग यूनिट्स की संभावित छेड़छाड़ की जांच का आदेश दे दिया।

लोगों को भी पेट्रोल पंप पर एक्टिव रहने की दी सलह

चरण सिंह के लिए यह साधारण टैंक भरवाने का काम अब जांच, शिकायत और सवालों की लंबी प्रक्रिया बन गया। इस घटना ने यह सवाल उठाया कि कितने अन्य लोग अपने टैंक की क्षमता से अधिक तेल की पेमेंट कर चुके होंगे।

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