विमल ऐड पर विवाद! शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने FDA के नोटिस का दिया जवाब

विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने महाराष्ट्र FDA के नोटिस का जवाब दे दिया है। इनमें से दो अभिनेताओं ने सुनवाई भी मांगी थी, जो पूरी हो चुकी है। अब इस मामले में एफडीए आगे क्या कदम उठाएगा, इस पर नजर है।

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In Short

  • शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने महाराष्ट्र FDA के नोटिस का जवाब दिया।
  • तीन में से दो अभिनेताओं ने सुनवाई मांगी थी और उनकी सुनवाई पूरी हो चुकी है।
  • FDA ने विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर तीनों अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजा था।

By Gungun Mishra:

विमल के विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की मुश्किलें चर्चा में हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी एफडीए की ओर से भेजे गए नोटिस का तीनों अभिनेताओं ने जवाब दे दिया है। महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने इसकी जानकारी दी है। अब एफडीए इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगा।

तीनों अभिनेताओं ने दिया नोटिस का जवाब

महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे के मुताबिक, शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ तीनों की ओर से नोटिस का जवाब मिल चुका है। इनमें से दो अभिनेताओं ने मामले में सुनवाई की मांग की थी।

मुंढे ने बताया कि दोनों अभिनेताओं की सुनवाई सोमवार 28 सितंबर को पूरी हो गई। अब एफडीए इस मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, मुंढे ने कहा कि तीनों नोटिस का जवाब आ चुका है। इनमें से दो लोगों ने सुनवाई की मांग की थी और उनकी सुनवाई भी पूरी हो चुकी है। अब मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

क्यों भेजे गए थे नोटिस?

महाराष्ट्र एफडीए ने तीनों अभिनेताओं को विमल इलायची के विज्ञापन में नजर आने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। एफडीए का आरोप है कि यह विज्ञापन महाराष्ट्र में प्रतिबंधित विमल पान मसाला के लिए सरोगेट एडवरटाइजिंग के दायरे में आ सकता है।

एफडीए ने तीनों अभिनेताओं से ब्रांड एंडोर्सर के तौर पर उनकी भूमिका को लेकर जवाब मांगा था। साथ ही यह भी पूछा गया था कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।

एफडीए ने मांगे थे कई दस्तावेज

रेगुलेटर ने अभिनेताओं से उनके एंडोर्समेंट से जुड़े दस्तावेज भी मांगे थे। इनमें कॉन्ट्रैक्ट, कैंपेन ब्रीफ, उन्हें मिले भुगतान की जानकारी और विज्ञापन करने से पहले की गई जांच यानी ड्यू डिलिजेंस से जुड़े सबूत शामिल हैं।

इन नियमों का एफडीए ने दिया हवाला

एफडीए ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों का हवाला दिया है। इसमें सेक्शन 24 भ्रामक विज्ञापनों से जुड़ा है, जबकि सेक्शन 53 में भ्रामक फूड विज्ञापनों के लिए जुर्माने का प्रावधान है।

तुकाराम मुंढे पहले भी कह चुके हैं कि सेलिब्रिटी होने से कोई भी एंडोर्सर विज्ञापन और फूड सेफ्टी से जुड़े नियमों की जिम्मेदारी से बाहर नहीं हो जाता। एफडीए का कहना है कि किसी प्रोडक्ट का प्रचार करने वाले लोगों की जिम्मेदारी है कि वे उसका एंडोर्समेंट करने से पहले जरूरी ड्यू डिलिजेंस करें।

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