अमेरिका में काम करने वालों की बढ़ी मुश्किलें! अब अपने आप नहीं बढ़ेगा वर्क परमिट, नए नियम हुए लागू
अमेरिका में काम करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए नियम सख्त हो गए हैं। अमेरिकी सरकार ने वर्क परमिट के ऑटोमैटिक एक्सटेंशन की सुविधा खत्म कर दी है। इस फैसले से भारतीय प्रोफेशनल्स और H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब वर्क परमिट रिन्यू कराना पहले से ज्यादा जरूरी होगा।

In Short
- अमेरिका ने वर्क परमिट के 540 दिनों तक मिलने वाले ऑटोमैटिक एक्सटेंशन की सुविधा खत्म की।
- नए नियम से भारतीय प्रोफेशनल्स और H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथियों पर असर पड़ सकता है।
- वर्क परमिट खत्म होने से 180 दिन पहले रिन्यूअल के लिए आवेदन करने की सलाह दी गई है।
अमेरिका में काम करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी सरकार ने वर्क परमिट यानी एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट (EAD) के ऑटोमैटिक एक्सटेंशन की सुविधा खत्म कर दी है। इसका मतलब है कि अब कुछ कैटेगरी के लोगों को वर्क परमिट की अवधि खत्म होने के बाद नया परमिट मंजूर होने तक काम रोकना पड़ सकता है। इस फैसले का असर भारतीय प्रोफेशनल्स और H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथियों पर भी पड़ सकता है।
क्या है अमेरिका का नया नियम?
अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने अक्टूबर 2025 में लागू की गई पॉलिसी को अब स्थायी नियम बना दिया है।
पहले योग्य विदेशी नागरिक अगर समय पर अपने वर्क परमिट के रिन्यूअल के लिए आवेदन करते थे, तो उन्हें ऑटोमैटिक एक्सटेंशन मिल जाता था। यह सुविधा अधिकतम 540 दिनों तक उपलब्ध थी।
इसका फायदा यह था कि सरकारी प्रक्रिया में देरी होने पर भी लोग कानूनी रूप से काम जारी रख सकते थे। लेकिन अब यह सुविधा सामान्य तौर पर खत्म कर दी गई है।
किन लोगों पर लागू होगा नया नियम?
नए नियम के मुताबिक, 30 अक्टूबर 2025 या उसके बाद वर्क परमिट रिन्यू कराने के लिए आवेदन करने वाले लोगों को आमतौर पर ऑटोमैटिक एक्सटेंशन नहीं मिलेगा।
अगर उनका मौजूदा वर्क परमिट खत्म हो जाता है और नया परमिट मंजूर नहीं हुआ है, तो उन्हें काम रोकना पड़ सकता है।
DHS के मुताबिक, इस बदलाव का मकसद वर्क परमिट की अवधि बढ़ाने से पहले बैकग्राउंड चेक, सिक्योरिटी स्क्रीनिंग और पात्रता की जांच को मजबूत करना है।
भारतीयों और H-1B वीजा धारकों के परिवारों पर असर
इस फैसले का असर अमेरिका में रहने वाले कई विदेशी नागरिकों पर पड़ सकता है। इनमें इमिग्रेशन स्टेटस बदलने के लिए आवेदन करने वाले कुछ लोग, योग्य शरण आवेदक और H-4 वीजा धारक शामिल हैं।
खासकर H-1B वीजा धारकों के उन जीवनसाथियों को परेशानी हो सकती है, जो H-4 EAD के जरिए अमेरिका में नौकरी करते हैं।
अगर उनका वर्क परमिट खत्म हो जाता है और रिन्यूअल आवेदन लंबित रहता है, तो उन्हें अस्थायी रूप से नौकरी रोकनी पड़ सकती है।
वर्क परमिट रिन्यू कराने के लिए क्या करें?
अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) ने आवेदकों को सलाह दी है कि वे अपना वर्क परमिट खत्म होने से पहले ही रिन्यूअल के लिए आवेदन करें।
आमतौर पर मौजूदा परमिट की अवधि खत्म होने से 180 दिन पहले आवेदन किया जा सकता है।
इसके अलावा आवेदकों को अपने आवेदन का स्टेटस लगातार चेक करने और नियोक्ता के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है, ताकि नौकरी में रुकावट का खतरा कम हो सके।
पुराने आवेदकों को मिलेगी राहत
हालांकि, नया नियम सभी लोगों पर लागू नहीं होगा। जिन योग्य आवेदकों ने 30 अक्टूबर 2025 से पहले रिन्यूअल आवेदन किया था और उन्हें पुराने नियमों के तहत ऑटोमैटिक एक्सटेंशन मिला था, उनकी यह सुविधा रद्द नहीं की गई है।
इसके अलावा टेम्पररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (TPS) के तहत कानून या विशेष नोटिस से मिलने वाले कुछ एक्सटेंशन भी जारी रह सकते हैं।
यानी अमेरिका में काम करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए अब समय पर वर्क परमिट रिन्यू कराना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।