US-Iran Conflict: ट्रंप के आदेश पर ईरान में फिर शुरू हुई बमबारी, जॉर्डन-इराक तक फैला सैन्य तनाव
अमेरिकी सैनिकों पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद US ने ईरान में दोबारा एयर स्ट्राइक शुरू कर दी है। दक्षिणी इलाकों में धमाकों की खबरें हैं, जबकि ट्रंप ने कड़े जवाब के संकेत दिए हैं। यह टकराव पूरे मिडिल ईस्ट में कैसे फैल रहा है और आगे क्या होगा?

In Short
- ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद US ने एयर स्ट्राइक दोबारा शुरू की।
- दक्षिणी ईरान के केश्म आइलैंड और बुशेहर में कई धमाके रिपोर्ट हुए।
- इराक और सऊदी अरब तक फैल रहे हमलों से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। डिप्लोमैटिक बातचीत के लिए रोके गए अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन दोबारा शुरू हो चुके हैं। इस नए एक्शन ने ईरान से लेकर जॉर्डन, इराक और सऊदी अरब तक तनाव बढ़ा दिया है।
अब जानते हैं कि US ने स्ट्राइक क्यों शुरू की, ईरान में कहां धमाके हुए और यह लड़ाई पूरे रीजन में कैसे फैल रही है?
रात 8 बजे फिर शुरू हुई स्ट्राइक
अमेरिकी सेना ने गुरुवार रात 8 बजे ET पर ईरान के अंदर कई ठिकानों पर एयर स्ट्राइक शुरू कर दी। वॉशिंगटन ने इसे अमेरिकी सैनिकों पर किए गए ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल अटैक का सीधा जवाब बताया है।
स्ट्राइक शुरू होने के कुछ समय बाद ही दक्षिणी ईरान के कई इलाकों से धमाकों की खबर आने लगी।
CENTCOM ने दी एक्शन की जानकारी
यूएस सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने एक्स पर बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन फिर शुरू कर दिया है। सेंटकॉम के मुताबिक, यह एक्शन एक दिन पहले मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर किए गए ईरानी हमले के जवाब में लिया गया है।
केश्म आइलैंड पर तीन धमाके
ईरानी मीडिया के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के केश्म आइलैंड पर तीन धमाके सुनाई दिए। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि मिसाइल स्ट्राइक से वहां लोगों के रहने वाला एक इलाका भी प्रभावित हुआ है। बुशेहर और साउथ ईरान के कुछ दूसरे इलाकों में भी धमाकों की खबर मिली है।
हालांकि, इन हमलों में कितने लोग घायल हुए और कितना नुकसान हुआ, इसकी कोई ऑफिशियल जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला
अमेरिका के इस एक्शन से पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने जॉर्डन में बने एक यूएस एयर बेस और दूसरे मिलिट्री ठिकाने पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।
अमेरिका के मुताबिक, ईरान की सभी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया गया। इस हमले में किसी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई और कोई घायल भी नहीं हुआ। किसी तरह के नुकसान की खबर भी सामने नहीं आई है।
ट्रंप बोले अब हमारी बारी
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में कहा था कि अब अमेरिका जवाब देगा। उन्होंने साफ किया कि ईरान के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
हालांकि, ट्रंप ने डिप्लोमैटिक बातचीत का रास्ता बंद नहीं किया है। उन्होंने कहा कि बातचीत अच्छी चल रही है और समझौता होने की उम्मीद अभी बाकी है। समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से मिलिट्री एक्शन शुरू कर देगा।
नेतन्याहू से मीटिंग के बाद एक्शन
ईरान पर दोबारा स्ट्राइक, ट्रंप और इजराइली प्राइम मिनिस्टर बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस मीटिंग के बाद शुरू हुई। इस मीटिंग में ईरान का मुद्दा सबसे अहम था। व्हाइट हाउस ने दोनों नेताओं की बातचीत को पॉजिटिव और प्रोडक्टिव बताया।
इराक तक फैल चुका है टकराव
इस हफ्ते अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर इराक में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर स्ट्राइक की थी। इससे पहले तीन दिनों में 30 से ज्यादा ड्रोन अटैक हुए थे। इन हमलों में अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया था।
पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज के मुताबिक, इस जॉइंट ऑपरेशन में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई। सेंटकॉम ने बताया कि स्ट्राइक में हथियारों के ठिकानों और लॉजिस्टिक्स हब को निशाना बनाया गया। सऊदी अरब ने यह भी कहा कि ईस्टर्न प्रोविंस में ऑयल फैसिलिटीज की ओर बढ़ रहे ड्रोन को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया गया।