UPI Payment Charge: MDR से जुटे रेवेन्यू का क्या होगा? सरकार ने बताया पूरा प्लान

UPI पेमेंट को लेकर सरकार ने नए MDR फ्रेमवर्क की पूरी जानकारी जारी कर दी है। 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नियमों में ₹2,000 तक के लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, जबकि बड़े मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू होगा। इसके जरिए डिजिटल पेमेंट सिस्टम को मजबूत करने की योजना है।

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In Short

  • UPI के नए MDR फ्रेमवर्क में ₹2,000 तक के लेनदेन पर चार्ज जीरो, इससे ज्यादा के चुनिंदा P2M पेमेंट पर लगेगा 0.4% MDR।
  • 15 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम, NPCI ने सर्कुलर जारी कर साफ की MDR लागू होने वाली कैटेगरी।
  • MDR से मिलने वाली रकम का 5% हिस्सा डेवलपमेंट फंड में जाएगा, जिससे डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

By Sonam:

सरकार ने UPI पेमेंट को लेकर नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क की पूरी जानकारी जारी कर दी है। नए नियमों के तहत ₹2,000 तक के UPI लेनदेन पर MDR को जीरो रखा गया है, जबकि इससे ज्यादा के कुछ पर्सन टू मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा।

सरकार के सर्कुलर में यह भी बताया गया है कि अलग-अलग कैटेगरी के पेमेंट पर चार्ज कैसे लागू होंगे और MDR से मिलने वाले रेवेन्यू का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा।

15 अक्टूबर से लागू होंगे नए MDR नियम

केंद्र सरकार ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (PSS) एक्ट-2007 में संशोधन किया है। इसके बाद 14 सितंबर 2026 को इस नए फ्रेमवर्क को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया गया।

इसके बाद नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने भी इस संबंध में पूरा सर्कुलर जारी किया। इसमें साफ किया गया कि कौन से UPI लेनदेन MDR के दायरे में आएंगे और किन ट्रांजैक्शन को इससे छूट मिलेगी।नई व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होगी।

सभी UPI पेमेंट पर एक जैसा MDR नहीं लगेगा

NPCI के सर्कुलर के मुताबिक, UPI लेनदेन पर एक समान MDR लागू नहीं होगा। सरकार ने पेमेंट्स को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा है और उसी आधार पर चार्ज तय किए गए हैं।

Image Credit : Aaj Tak

₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर कोई MDR नहीं लगेगा। वहीं, ₹2,000 से ज्यादा के कुछ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लगाया जाएगा।

इसके अलावा कुछ पेमेंट्स को फ्लैट रेट मॉडल के तहत रखा गया है, जिसमें एक तय MDR लागू होगा और यह ₹5 तक हो सकता है।

MDR से मिलने वाले पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?

NPCI के मुताबिक, MDR से मिलने वाली कुल राशि का एक छोटा हिस्सा एक समर्पित डेवलपमेंट फंड में जाएगा। इस फंड में MDR की कुल रकम का 5% हिस्सा जमा किया जाएगा।

इस फंड का इस्तेमाल UPI इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के छोटे शहरों यानी टियर-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना है।

इसके अलावा इस फंड के जरिए छोटे व्यापारियों के बीच UPI की स्वीकार्यता बढ़ाने और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

साइबर सुरक्षा और सर्वर क्षमता पर भी होगा फोकस

MDR से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल बैंकिंग और फिनटेक इंडस्ट्री के सुरक्षा सिस्टम को मजबूत करने में भी किया जाएगा। इसमें सर्वर क्षमता बढ़ाने और साइबर फ्रॉड रोकने से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

लगातार बढ़ रहा है UPI का इस्तेमाल

देश में UPI लेनदेन लगातार बढ़ रहा है। अगस्त महीने में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या रिकॉर्ड 24.51 अरब तक पहुंच गई। वहीं, इन लेनदेन की कुल वैल्यू करीब ₹29.82 लाख करोड़ रही।

ये आंकड़े दिखाते हैं कि देश में डिजिटल पेमेंट के तौर पर UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

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