ट्रंप ने खामेनेई को भेजा ऑफर! परमाणु कार्यक्रम बंद करने पर अमेरिका देगा सुरक्षा, कारोबार की छूट और...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर को परमाणु समझौते की शर्तों वाला सीधा पत्र भेजा है। प्रस्ताव में यूरेनियम एनरिचमेंट रोकने समेत कई मांगें हैं, जबकि बदले में प्रतिबंध हटाने, रिश्ते सामान्य करने और सुरक्षा गारंटी देने की पेशकश की गई है। आगे जानिए पूरी शर्तें।

In Short
- बदले में अमेरिका ने प्रतिबंध हटाने, रिश्ते सामान्य करने और ईरान को सुरक्षा गारंटी देने की पेशकश की है।
- अमेरिका ने यूरेनियम एनरिचमेंट बंद करने, परमाणु हथियार छोड़ने और मिसाइल तकनीक ट्रांसफर रोकने की मांग रखी है।
- ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर को परमाणु समझौते की शर्तों वाला सीधा पत्र भेजा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर, मोजतबा ख़ामेनेई को सीधे पत्र भेजकर परमाणु समझौते की शर्तें सामने रखी हैं। ओमान के मध्यस्थता चैनल के जरिए भेजे गए इस पत्र में ट्रंप ने तेहरान के सामने दो रास्ते रखे हैं- समझौता करने पर आर्थिक राहत, सामान्य रिश्ते और सुरक्षा गारंटी, या इनकार करने पर और कड़ा आर्थिक व सैन्य दबाव।
ईरान से चार बड़े वादे चाहता है अमेरिका
ट्रंप के प्रस्ताव में ईरान के लिए चार प्रमुख शर्तें हैं। पहली, यूरेनियम एनरिचमेंट पूरी तरह बंद करना और परमाणु हथियार कार्यक्रम खत्म करना। इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच और पुष्टि भी होनी चाहिए।
दूसरी शर्त के तहत अमेरिका चाहता है कि ईरान हिजबुल्लाह और हूती जैसे संगठनों को समर्थन देना बंद करे। तीसरी मांग परमाणु हथियार विकसित नहीं करने की स्थायी और जांच योग्य प्रतिबद्धता है। चौथी शर्त बैलिस्टिक मिसाइल और उससे जुड़ी तकनीक दूसरे पक्षों को देने पर रोक लगाने की है।
बदले में प्रतिबंध हटाने का ऑफर
पत्र में अमेरिका ने इन शर्तों के बदले बड़े फायदे देने की पेशकश की है। इनमें ईरान पर लगे सभी अमेरिकी प्रतिबंध हटाना और अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ पूर्ण राजनयिक और कारोबारी संबंध बहाल करना शामिल है।ट्रंप ने सुरक्षा गारंटी की भी पेशकश की है। इसके तहत वॉशिंगटन ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश नहीं करेगा और इस्लामिक रिपब्लिक को अस्थिर करने की कोशिशों का समर्थन भी नहीं करेगा। अमेरिका नागरिक इस्तेमाल के लिए परमाणु तकनीक तक ईरान की पहुंच का समर्थन करेगा, लेकिन यूरेनियम एनरिचमेंट स्थायी रूप से बंद करना होगा।
तेहरान ने अभी नहीं दिया जवाब
यह पत्र ऐसे समय आया है जब ईरानी सैन्य ठिकानों, नौसैनिक संपत्तियों और मिसाइल उत्पादन सुविधाओं पर अमेरिकी और इजरायली हमले महीनों से जारी हैं। ट्रंप का दावा है कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है, हालांकि तेहरान इसे खारिज करता है।
ईरान ने पत्र पर अब तक सार्वजनिक जवाब नहीं दिया है। ईरानी अधिकारी पहले कह चुके हैं कि बातचीत से पहले अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म होनी चाहिए। अमेरिका समझौते से पहले इन शर्तों को मानने से इनकार करता रहा है।