Tiger Shroff Firing Case: पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा! टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे शूटर्स के पहले निशाने पर
टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस की जांच से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हमलावरों की असली योजना कुछ और थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना निशाना बदल दिया। आखिर किस बॉलीवुड सुपरस्टार को बनाया गया था पहला टारगेट और कैसे पकड़े गए आरोपी? जानिए पूरी कहानी।

In Short
- टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे शूटर्स का पहला निशाना, करीब एक महीने तक की गई रेकी।
- जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर 5 से 6 राउंड फायरिंग, ड्राइवर समेत दो लोग घायल।
- राजस्थान के कोटा से तीन आरोपी गिरफ्तार, Signal और Zangi ऐप से मिल रहे थे भागने के निर्देश।
Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। इस घटना के पीछे की साजिश पहले जितनी दिख रही थी, उससे कहीं ज्यादा बड़ी बताई जा रही है। जांच में शूटर्स की प्लानिंग, उनके भागने के तरीके और उन्हें मदद पहुंचाने वालों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। आइए जानते हैं कि आखिर इस पूरे मामले में क्या-क्या खुलासा हुआ है।
टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे पहला टारगेट
मुंबई पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग में आरोपियों का पहला निशाना बॉलीवुड एक्टर आमिर खान थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, शूटर्स करीब एक महीने तक मुंबई में आमिर खान की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इस दौरान वे कम से कम तीन बार उनके घर के आसपास भी पहुंचे थे।
हालांकि, आमिर खान का फिल्म शूटिंग के लिए लगातार बाहर जाना और लंबे समय तक घर में रहना आरोपियों के लिए मुश्किल बन गया। इसके बाद उन्होंने अपना प्लान बदल दिया।
जुहू में फुटबॉल खेलने आते थे टाइगर श्रॉफ
आरोपियों को पता चला कि टाइगर श्रॉफ ज्यादातर रविवार को जुहू के एक पार्क में फुटबॉल खेलने आते हैं। इसके बाद उन्होंने टाइगर को निशाना बनाने की योजना बनाई।18 अक्टूबर को इसी जगह पर कम से कम दो हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की। इस दौरान करीब 5 से 6 गोलियां चलाई गईं। टाइगर को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन उनके ड्राइवर और वहां मौजूद एक व्यक्ति घायल हो गए।
पुलिस सूत्रों ने आमिर खान को निशाना बनाने की शुरुआती योजना को जुलाई में मिली धमकियों से भी जोड़ा है। इन धमकियों के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया था।
Signal और Zangi ऐप से मिल रही थी जानकारी
जांच में सामने आया कि आरोपियों को भागने के दौरान Signal और Zangi जैसे एन्क्रिप्टेड VoIP ऐप के जरिए जानकारी दी जा रही थी। पुलिस अब उन लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जो आरोपियों को निर्देश दे रहे थे।
PTI के मुताबिक, टीवी पर आरोपियों की तस्वीरें दिखने के बाद एक शूटर को मैसेज मिला, जिसमें लिखा था, 'तुम्हारे चेहरे आ गए हैं, निकल जाओ वहां से।'आरोपी न्यूज कवरेज देखकर अपने भागने के रास्ते भी बदल रहे थे।
राजस्थान से तीन आरोपी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद
मुंबई पुलिस के अलर्ट के बाद कोटा पुलिस ने 19 अक्टूबर को राजस्थान में ट्रेन से सफर कर रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।इनकी पहचान फूल सिंह (18), रेहान रहीसुद्दीन अंसारी (18) और ऋतिक महतो (22) के रूप में हुई है।
जांच में पता चला कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए मोटरसाइकिल, ट्रेन और कैब बदल-बदलकर सफर कर रहे थे। वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल अंधेरी से बरामद हुई, जबकि सूरत से दो हथियार और 10 जिंदा कारतूस मिले। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।