स्टाइपेंड देने के बदले कंपनी ने इंटर्न से ही मांग ली 'पॉकेट मनी'! सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अजीबोगरीब ऑफर लेटर

एक इंटर्नशिप ऑफर ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है। ऑफर में मोटे स्टाइपेंड का दावा किया गया, लेकिन एक छोटी-सी शर्त देखकर लोग चौंक गए। पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने अपने एक्सपीरियंस भी शेयर किए। जानें आखिर क्या है पूरा मामला

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By Gaurav Kumar:

जयपुर की एक टेक प्रोफेशनल ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा इंटर्नशिप ऑफर शेयर किया, जिसे देखकर कई लोग हैरान रह गए। ऑफर लेटर में हर महीने ₹23,000 से ज्यादा स्टाइपेंड देने का दावा किया गया था, लेकिन इसके बदले उम्मीदवारों से पहले ₹1,594 जमा करने को कहा गया।

X प्लेटफॉर्म पर ऑफर लेटर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए पूनम नाम की एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, इंटर्नशिप मिल गई गाइज… लेकिन कंपनी को पहले पॉकेट मनी चाहिए।

कंपनी के ऑफर लेटर के मुताबिक, इंटर्नशिप में ₹22,500 बेसिक पे के साथ परफॉर्मेंस इंसेंटिव भी शामिल था। इसके अलावा ₹500 मंथली इंटरनेट अलाउंस देने की बात कही गई थी। यानी कुल पैकेज ₹23,500 मंथली बताया गया, जबकि इन-हैंड सैलरी ₹23,000 लिखी गई थी।

टारगेट पूरा होने पर ही मिलेगा स्टाइपेंड

दस्तावेज में यह भी कहा गया था कि ऑनबोर्डिंग के बाद इंटर्न्स को क्लाइंट और प्रोजेक्ट असाइन किया जाएगा और स्टाइपेंड तभी जारी होगा, जब असाइन किया गया काम सही ढंग से पूरा कर लिया जाएगा।

हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि कंपनी ने Enrollment Confirmation के नाम पर कैंडिडेट्स से ₹1,594 की इंटर्नशिप फीस जमा करने को कहा। कैंडिडेट्स को दिए गए लिंक के जरिए ऑनलाइन फीस जमा करके एप्लिकेशन फॉर्म सबमिट करना होगा।

ऑफर में यह भी दावा किया गया था कि फीस जमा करने के बाद कैंडिडेट्स को उसी दिन कन्फर्मेशन मेल, ऑनबोर्डिंग डिटेल्स, लॉगिन क्रेडेंशियल, प्लेटफॉर्म एक्सेस, मेंटर जानकारी और इंटर्नशिप सेशन लिंक भेज दिए जाएंगे। साथ ही उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार जॉइनिंग डेट चुनने का ऑप्शन भी दिया गया था।

सोशल मीडिया पर पाॅकेट मनी वाली पोस्ट के बाद छिड़ी बहस

सोशल मीडिया पर पाॅकेट मनी वाली पोस्ट के बाद और लोग भी चर्चा में कूद पड़े। सभी अपने-अपने दावे करने लगे। कई लोगों ने दावा किया कि उन्हें भी ऐसे ही ऑफर मिले हैं।

एक यूजर ने लिखा, भाई, मुझे भी ऐसा ऑफर मिला था। यह एक बिजनेस मॉडल बन चुका है। उन्हें पता है कि कॉलेज स्टूडेंट्स नौकरी और इंटर्नशिप के लिए कितने परेशान रहते हैं, इसलिए इसका फायदा उठाया जा रहा है।

दूसरे यूजर ने कहा कि मुझे भी ऐसी कई मेल्स आई हैं। यह पूरी तरह स्कैम लगता है। जो कंपनी पहले पैसे मांग रही है, वह सैलरी या स्टाइपेंड कैसे देगी? असली कंपनियां तो आजकल सिर्फ रिजेक्शन मेल भेज रही हैं। एक अन्य यूजर ने साफ लिखा, यह फेक ऑफर है। असली कंपनियां कभी भी नौकरी या इंटर्नशिप देने के बदले पैसे नहीं मांगती।

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