'देश में अघोषित आपातकाल'... सोनम वांगचुक ने जताई नाराजगी, हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई पर दी चेतावनी

दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर बढ़े राजनीतिक तनाव के बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बड़ा बयान दिया है। कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सरकार को रविवार तक का समय दिया है। वांगचुक ने देश की स्थिति को 'अघोषित आपातकाल' बताया है। आखिर उन्होंने अनशन और पदयात्रा की चेतावनी क्यों दी और दिल्ली के प्रदर्शन से दूर रहने की क्या वजह बताई? जानिए पूरी खबर।

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जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक। (फोटो: ITG)
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक। (फोटो: ITG)

In Short

  • सोनम वांगचुक ने रविवार तक हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई नहीं होने पर अनशन या पदयात्रा पर विचार करने की चेतावनी दी।
  • CJP के प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।
  • वांगचुक ने देश की स्थिति को 'अघोषित आपातकाल' बताते हुए प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की।

By Shakshi:

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई को लेकर चेतावनी दी है। शनिवार को उन्होंने कहा कि अगर रविवार तक नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो वह अनिश्चितकालीन अनशन या पदयात्रा करने पर विचार करेंगे। वांगचुक ने देश की मौजूदा स्थिति को 'अघोषित आपातकाल' बताया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए वांगचुक ने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द रिहा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले उन्होंने प्रदर्शन के दौरान एकता और शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि कई नेताओं को हिरासत में ले लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि रविवार तक रिहाई नहीं हुई तो उन्हें अनशन या पदयात्रा पर विचार करना पड़ेगा।

दिल्ली में क्यों हो रहा है CJP का प्रदर्शन?

Cockroach Janta Party (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मतदाता सूची में कथित हेरफेर के आरोपों को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन की योजना बनाई थी। इसके मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया।

हिरासत में लिए गए लोगों में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और कई विपक्षी नेता शामिल हैं। इनमें कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भी बताए गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इन कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए सरकार पर लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं को सीमित करने का आरोप लगाया है।

सोनम वांगचुक प्रदर्शन में क्यों नहीं हुए शामिल?

सोनम वांगचुक ने पहले ही बताया था कि वह दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने इसकी वजह ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में सर्दियों की तैयारियों से जुड़े अपने काम को बताया था। वह इन दिनों जल सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम ग्लेशियर विकसित करने और जलवायु परिवर्तन से जुड़े खतरों को कम करने पर काम कर रहे हैं।

वांगचुक के मुताबिक, वह ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी हिमनद झीलों के अचानक फटने से आने वाली बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में 200 से ज्यादा ग्लेशियल झीलें मौजूद हैं। ऐसे में यह काम स्थानीय समुदायों की सुरक्षा के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील

वांगचुक ने प्रदर्शन से पहले अलग-अलग संगठनों के नेताओं से एकजुट रहने की अपील की थी। उन्होंने खास तौर पर युवा प्रदर्शनकारियों से कहा था कि वे किसी भी परिस्थिति में शांति बनाए रखें और हिंसा से दूर रहें।

उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों का जिक्र करते हुए प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने को कहा। वांगचुक ने उम्मीद जताई कि प्रदर्शनकारी राष्ट्रपिता के आदर्शों को निराश नहीं करेंगे। अब उनकी चेतावनी के बाद रविवार तक हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई पर नजर रहेगी।

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