डॉक्टरों की चेतावनी के बाद भी पीछे नहीं हटे सोनम वांगचुक, 20 जुलाई को लेकर किया बड़ा ऐलान

डॉक्टरों की चेतावनी और बिगड़ती सेहत के बाद भी सोनम वांगचुक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। 20 जुलाई के पार्लियामेंट मार्च को लेकर उन्होंने ऐसी बात कही, जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

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In Short

  • डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक की हालत को क्रिटिकल बताया है, फिर भी उन्होंने 20 जुलाई के पार्लियामेंट मार्च में शामिल होने की बात कही है।
  • सिविल सोसाइटी से जुड़े 1,800 से ज्यादा लोगों ने उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है।
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकारी डॉक्टरों को हर दिन उनका मेडिकल चेक-अप करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत ट्रीटमेंट देने का आदेश दिया है।

By Gaurav Kumar:

Wangchuk Hunger Strike: क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच उनकी सेहत को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों की गंभीर चेतावनी के बावजूद वांगचुक पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने 20 जुलाई को होने वाले पार्लियामेंट मार्च में शामिल होने का ऐलान किया है।

वहीं, सिविल सोसाइटी के 1,800 से ज्यादा लोगों ने उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है। कोर्ट ने भी उनकी सेहत पर नजर रखने का आदेश दिया है। ऐसे में सवाल है कि गंभीर हालत के बीच वांगचुक ने 20 जुलाई तक जिंदा रहने और मार्च में शामिल होने को लेकर क्या कहा?

‘हर हाल में 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा’

दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोगों से बात करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि वह किसी भी तरह 20 जुलाई तक जिंदा रहेंगे, ताकि सभी के साथ पार्लियामेंट तक मार्च कर सकें। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर 20 जुलाई का मार्च सफल नहीं हुआ, तो वह भूत बनकर वापस आएंगे।

उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोगों ने जोरदार नारे लगाए। लेकिन अपनी बात के आखिर में उन्होंने लोगों से पार्लियामेंट मार्च को लेकर क्या कहा?

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समर्थकों से कहा- Parliament तक March करेंगे

नीट विवाद को लेकर बिना कोई तारीख तय किए भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक की हालत को डॉक्टरों ने क्रिटिकल बताया है। इसके बाद भी वह अपनी बात के दौरान जोश में दिखाई दिए। आखिर में उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा, “चलो पार्लियामेंट तक मार्च करते हैं।” लेकिन उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए 1,800 से ज्यादा लोगों ने उनसे क्या अपील की?

1,800 से ज्यादा लोगों ने की Fast खत्म करने की अपील

वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए सिविल सोसाइटी से जुड़े 1,800 से ज्यादा लोगों ने उनसे हंगर स्ट्राइक खत्म करने की अपील की है। इनमें एकेडमिक्स, आर्टिस्ट्स और एक्टिविस्ट्स शामिल हैं। मंगलवार को जारी एक लेटर में नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, अरुंधति रॉय, निवेदिता मेनन, जीन द्रेज, ललिता रामदास और कविता श्रीवास्तव समेत कई लोगों ने उनसे अपनी लड़ाई जारी रखने, लेकिन भूख हड़ताल रोकने को कहा।

इस बीच वांगचुक की सेहत को लेकर हाई कोर्ट ने सरकार को क्या आदेश दिया?

हाई कोर्ट ने रोज Medical Check-up का दिया आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से कहा कि सरकारी डॉक्टर हर दिन वांगचुक का मेडिकल चेक-अप करें। अगर उनकी हालत और खराब होती है, तो समय पर जरूरी मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जाए।

चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि हर इंसान की जिंदगी कीमती है और उसे बचाने के लिए सरकार को हर जरूरी कोशिश करनी चाहिए। लेकिन लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल के बीच वांगचुक का वजन आखिर कितना कम हुआ है?

8.5 किलो वजन घटने का दावा

कोर्ट में दी गई पिटीशन में वांगचुक को हॉस्पिटल में भर्ती कराने और मेडिकल ट्रीटमेंट देने की मांग की गई थी। पिटीशन देने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि लंबे फास्ट के दौरान वांगचुक का वजन करीब 8.5 किलो कम हो गया है।

इसमें यह भी कहा गया कि अगर भूख हड़ताल जारी रही, तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। कोर्ट ने हर दिन उनकी सेहत पर नजर रखने का आदेश देते हुए इस पिटीशन को खत्म कर दिया।

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