हूतियों से जंग के बीच Saudi Arabia ने बंद की Oil Pipeline, Drone Attack के बाद बढ़ा तनाव
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच सऊदी अरब ने अपनी एक अहम Oil Pipeline को बंद कर दिया है। वहीं, Houthis की नई बढ़त ने Red Sea के रणनीतिक रास्ते को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आखिर इस घटनाक्रम का तेल सप्लाई और समुद्री कारोबार पर क्या असर पड़ सकता है?

In Short
- Saudi Arabia ने Drone Attack के बाद East-West Pipeline को एहतियातन बंद किया।
- Houthis ने Bab el-Mandeb के भीतर मौजूद रणनीतिक Mayun Island पर कब्जा किया।
- बढ़ते तनाव के बीच Crude Oil की कीमतें इस हफ्ते फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचीं।
सऊदी अरब ने एक बड़ी तेल पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। यह फैसला पाइपलाइन पर ड्रोन हमले के एक दिन बाद लिया गया। इसी बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश द्वार के पास मौजूद रणनीतिक मायून द्वीप पर कब्जा कर लिया है। इस घटनाक्रम से इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
ड्रोन हमले के बाद बंद हुई East-West Pipeline
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि East-West Pipeline को एहतियाती कदम के तौर पर बंद किया गया है। सऊदी विदेश मंत्रालय के मुताबिक पाइपलाइन पर हमला कई ड्रोनों से किया गया और ये ड्रोन इराक की ओर से आए थे।
सऊदी अरब ने कहा है कि वह फिलहाल जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा, ताकि इराक सरकार को जरूरी कदम उठाने का मौका मिल सके। इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक हमले मयसान प्रांत के एक स्थान से किए गए थे। इसके बाद उस इलाके की सैन्य कमान के प्रमुख को भी पद से हटा दिया गया।
1980 के दशक में बनी थी अहम पाइपलाइन
East-West Pipeline का निर्माण 1980 के दशक में हुआ था। मौजूदा संघर्ष के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में परेशानी बढ़ने के बाद यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए तेल निर्यात का अहम रास्ता बन गई थी।
International Energy Agency के मुताबिक जून की शुरुआत तक सऊदी अरब ने लाल सागर के बंदरगाह से तेल निर्यात दोगुना से ज्यादा बढ़ाकर रोजाना 50 लाख बैरल से ऊपर कर दिया था।
मायून द्वीप पर हूतियों का कब्जा
हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में मौजूद छोटे से मायून द्वीप पर कब्जा कर लिया है। इस द्वीप को पेरिम के नाम से भी जाना जाता है। बाब अल-मंदेब दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है।
हूतियों ने लाल सागर के तट पर भी बढ़त बनाई है। उन्होंने कहा है कि सऊदी जहाजों को छोड़कर बाकी कंपनियों के लिए समुद्री आवागमन सुरक्षित है। इसके बावजूद बाजार में चिंता बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतें इस हफ्ते फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं।
यमन में फिर बढ़ सकता है संघर्ष
हूतियों ने गुरुवार को मोखा शहर पर कब्जा किया, जिसके बाद सऊदी अरब ने वहां के एयरपोर्ट पर हमला किया। किसी बड़े नुकसान या मौत की सूचना नहीं दी गई।
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि हूतियों की बढ़त रोकने के लिए सऊदी वायुसेना की ओर से बड़ा अभियान नहीं चलाया गया। उन्होंने यमन की सेना और सहयोगी गुटों के बीच तालमेल की कमी को भी इसकी एक वजह बताया।
बढ़ती लड़ाई से 2022 से जारी नाजुक संघर्षविराम पर भी खतरा बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र की माइग्रेशन एजेंसी के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में 46,000 से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। कई डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भी सुरक्षित जगहों की ओर चले गए हैं।