पूर्वी भारत की ग्रोथ का इंजन बनेगा कोलकाता? संजीव सान्याल ने बताया क्यों है सबसे मजबूत दावेदार
पूर्वी भारत की आर्थिक रफ्तार बढ़ाने के लिए एक बड़े ग्रोथ हब की जरूरत है। संजीव सान्याल ने कोलकाता को इस भूमिका के लिए सबसे मजबूत दावेदार बताया है। उन्होंने शहर की इंडस्ट्रियल विरासत ह्यूमन कैपिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर को इसकी बड़ी ताकत बताया साथ ही नए अर्बन नेटवर्क का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने कहा है कि पूर्वी भारत की आर्थिक ग्रोथ को तेज करने के लिए एक मजबूत अर्बन हब की जरूरत है और इसके लिए कोलकाता सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोलकाता के पास पुराना इंडस्ट्रियल बेस, ह्यूमन कैपिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी बड़ी ताकतें मौजूद हैं। इसी सोच के साथ पूर्वी भारत में नए ग्रोथ नेटवर्क को तैयार करने की जरूरत है।
कोलकाता को ग्रोथ हब बनाने पर जोर
Business Today's India @ 100 इवेंट में सिद्धार्थ जराबी के साथ बातचीत में संजीव सान्याल ने कहा कि देश के बाकी हिस्सों की तरह पूर्वी भारत में ऐसा कोई बड़ा और डायनामिक अर्बन नेटवर्क नहीं है जो पूरे क्षेत्र की ग्रोथ को आगे बढ़ा सके।
उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत में किसी एक अर्बन हब को बहुत तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उनके मुताबिक आज भी सिर्फ आकार के आधार पर देखें तो कोलकाता सबसे मजबूत दावेदार है। शहर के पास पुराना इंडस्ट्रियल हब होने के साथ ह्यूमन कैपिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूत नींव मौजूद है।
कई शहरों को जोड़कर तैयार हो सकता है नेटवर्क
सान्याल ने सुझाव दिया कि कोलकाता को भुवनेश्वर, रांची, गुवाहाटी और पटना जैसे शहरों से जोड़कर एक बड़ा अर्बन ग्रोथ नेटवर्क बनाया जा सकता है। उनका कहना है कि सिर्फ अलग अलग जगहों पर इंफ्रास्ट्रक्चर फैलाने से ग्रोथ नहीं आएगी।
उन्होंने कहा कि पहले कोलकाता को मजबूत करना जरूरी है क्योंकि एक बड़ा शहर आसपास के इलाकों में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है।
भारत में दिख रहा ईस्ट वेस्ट डिवाइड
संजीव सान्याल ने भारत में ईस्ट वेस्ट डिवाइड यानी पूर्व और पश्चिम के बीच आर्थिक अंतर को भी बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक गतिविधियां ज्यादातर बड़े अर्बन हब और एग्लोमेरेशन के आसपास तेजी से बढ़ती हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर विशाखापत्तनम से उत्तर दक्षिण दिशा में एक लाइन खींची जाए तो इसके पश्चिमी हिस्से की अर्थव्यवस्था पूर्वी हिस्से से काफी मजबूत दिखाई देती है। यह अंतर बड़े राज्यों में भी नजर आता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश पूर्वी उत्तर प्रदेश से ज्यादा समृद्ध है और पश्चिमी मध्य प्रदेश पूर्वी मध्य प्रदेश से आगे है।
बड़े शहरों से निकल रही है भारत की ग्रोथ
सान्याल ने कहा कि भारत के अलग अलग हिस्सों में ग्रोथ कुछ चुनिंदा बड़े शहरों के आसपास केंद्रित है। दक्षिण भारत में हैदराबाद बेंगलुरु और चेन्नई का ट्रायंगल आर्थिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र है।
वहीं पश्चिम भारत में मुंबई पुणे और अहमदाबाद जैसे शहर ग्रोथ को आगे बढ़ा रहे हैं जबकि राजकोट भी तेजी से उभर रहा है। उत्तर भारत में दिल्ली एनसीआर के आसपास नोएडा जयपुर और चंडीगढ़ तक आर्थिक गतिविधियों का विस्तार देखने को मिलता है।
उनका मानना है कि पूर्वी भारत को भी ऐसा ही मजबूत ग्रोथ सेंटर चाहिए और इस दिशा में कोलकाता सबसे बड़ी भूमिका निभा सकता है।